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पर्यावरण बचाने के लिए कत्थक नृत्यांगना आरुषि निशंक हर साल लगाएंगी 10 लाख पेड़

News18India
Updated: October 4, 2019, 2:14 PM IST
पर्यावरण बचाने के लिए कत्थक नृत्यांगना आरुषि निशंक हर साल लगाएंगी 10 लाख पेड़
पौध रोपण कर मुहिम की शुरुआत करती आरुषि निशंक व अन्य.

कत्थक के अलावा आरुषि बीते 10 वर्षों से सामाजिक क्षेत्रों में पर्यावरण संस्करण और संवर्धन, नारी सशक्तिकरण और पवित्र गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों की स्वछता एवं संरक्षण के कार्यों में शामिल हैं.

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  • Last Updated: October 4, 2019, 2:14 PM IST
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नई दिल्ली. दो अक्टूबर को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) और लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की जयंती के अवसर पर सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना, फिल्म निर्मात्री, कवित्री, व्यवसायी, पर्यावरणविद्, समाज सेविका और नमामि गंगे परियोजना की प्रमोटर आरुषि निशंक (Aarushi Nishank) ने अनोखी मुहिम की शुरुआत की है. इसके तहत साल भर में 10 लाख से अधिक पेड़ लगाने (Tree Plantation) का संकल्प लिया गया है.

इस कार्य को सफल बनाने के लिए उन्होंने युवाओं, शिक्षण संस्थाओं, गैर-सरकारी संस्थाओं को अपने साथ जोड़ा है. इस मुहिम के तहत सेल्फी विद स्पर्श ट्री (Selfie With Touch Tree) कैंपेन भी चलाया जाएगा. जिसमें हर किसी को एक पेड़ लनाना होगा. वह व्यक्ति अपने घर में भी पेड़ सकता है और उसके साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया (Social Media) में प्रोमोट करनी होगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंत सके.

आरुषि निशंक इस अभियान की शुरुआत दिल्ली के यमुनेश्वर घाट, रामघाट और यमुना बाजार घाट से करेंगी. कार्यक्रम में 300 छात्रों के साथ यूपी सिंह, यूनियन वाटर रिसोर्स सेक्रेटरी और रोसी अग्रवाल एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर फाइनेंस नमामि गंगे भी मौजूद होंगे.

केंद्रीय मंत्रियों ने प्रयास को सराहा

अभियान में दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के मोती लाल नेहरू कॉलेज, श्याम लाल कॉलेज, दयाल सिंह कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, वेंकटेश्वर कॉलेज, ज़ाकिर हुसैन कॉलेज, रामानुजन कॉलेज और अन्य शामिल होंगे.

इस कार्य को सफल बनाने के लिए आरुषि अपनी टीम के साथ दिल्ली के अलावा 15 अन्य राज्यों में भी जाएंगी, जिनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा आदि का नाम शामिल है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आरुषि के इस कार्य की सराहना की है.

एक पेड़ कई पीढ़ियों को लाभ पहुंचाता है
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इस अभियान पर चर्चा करते हुए आरुषि निशंक ने कहा, 'महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के मौके पर इस अभियान की शुरुआत करना अपने आप में सौभाग्य है. पेड़ प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प नहीं है. पेड़ हमारा सबसे घनिष्ठ मित्र है. हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ हमें ही लाभ नहीं पहुंचाता बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों को लाभ पहुंचाता है. हवा, पानी, खाने-पीने की सामग्री, ईंधन, वस्त्र, जानवरों का चारा अन्य कार्यों के लिए लकड़ी सब हमें पेड़ों से ही मिलता है. पेड़ पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साईड लेकर बदले में ऑक्सीजन देते हैं. उन्होंने सभी से एक पेड़ लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमें दिवाली, न्यू ईयर, बर्थडे आदि पर भी पौधे उपहार में देने चाहिए.

नमामि गंगे परियोजना को प्रमोट कर रही हैं आरुषि
आरुषि केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना की प्रमोटर हैं. साथ ही वो हिमालय और अन्य नदियों की स्वछता अवा संवर्धन के समर्पित अभियान स्पर्श गंगा की भी राष्ट्रीय संयोजक हैं. इसके अलावा उनके द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश-विदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किया जाते रहे हैं.

बिरजू महाराज की शिष्या हैं आरुषि
आरुषि सुप्रसिद्ध कत्थक गुरु पदम् विभूषण बिरजू महाराज की शिष्या हैं और भारत सरकार के भारत विदेश सांस्कृतिक संबंध परिषद् की कलाकार हैं. ये एक दर्जन से अधिक देशों में अपनी कत्थक की प्रस्तुति दे चुकी हैं. कत्थक के अलावा आरुषि बीते 10 वर्षों से सामाजिक क्षेत्रों में पर्यावरण संस्करण और संवर्धन, नारी सशक्तिकरण और पवित्र गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों की स्वछता एवं संरक्षण के कार्यों में शामिल हैं.

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First published: October 4, 2019, 1:27 PM IST
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