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अब BJP के ये पूर्व सांसद आए ईवीएम के खिलाफ, एक दिसंबर को उठाएंगे मुद्दे

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 2:00 PM IST
अब BJP के ये पूर्व सांसद आए ईवीएम के खिलाफ, एक दिसंबर को उठाएंगे मुद्दे
एक दिसंबर को पूर्व सांसद उदित राज कई मुद्दों रैली करने जा रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद और अखिल भारतीय परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज (Udit raj) का कहना है कि ये रैली चुनावों (Election) में ईवीएम (EVM) के इस्तेमाल किए जाने का विरोध करेगी.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 2:00 PM IST
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नई दिल्ली. इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (EVM) के विरोध में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक पूर्व सांसद ने मोर्चा खोल दिया है. ईवीएम और दूसरे मुद्दों के खिलाफ ये सांसद एक दिसंबर को रामलीला मैदान में एक रैली करने जा रहे हैं. रैली में ईवीएम सहित आरक्षण (Reservation) और संविधान को बचाने की आवाज भी उठाई जाएगी. सांसद का दावा है कि वैसे तो हर साल इस तरह की रैली का आयोजन किया जाता है. लेकिन इस बार की रैली कुछ खास होगी.

ईवीएम और निजीकरण के विरोध में हैं उदित राज

बीजेपी के पूर्व सांसद और अखिल भारतीय परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज का कहना है कि ये रैली चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल किए जाने का विरोध करेगी. वहीं देश की बड़ी-बड़ी सार्वजनिक महत्व की कंपनियों के निजीकरण का मुद्दा उठाएगी. दूसरी ओर आरक्षण को बचाने और न्यायपालिका में आरक्षण की मांग करेगी.

संसद में आवाज उठाने पर काटी गई मेरी टिकट

उदित राज का कहना है कि इस रैली में हर उस मुद्दे को उठाया जाएगा जो आरक्षित और पीड़ित वर्ग से जुड़ा हुआ है. मैं इससे पहले भी मुद्दों को उठाता रहा हूं. मैं किसी भी पार्टी में रहूं लेकिन मुद्दे लगातार उठाता रहा हूं. यह ही वजह है कि संसद में लगातार मुद्दे उठाने और पीड़ितों की आवाज को बुलंद करनेके चलते ही लोकसभा चुनावों के दौरान मेरी टिकट काटी गई.

जज ही जज की नियुक्ति करेगा ऐसा कहीं नहीं है सिस्टम

पूर्व सांसद और परिसंघ के अध्यक्ष उदित राज का कहना है कि संविधान का एक हिस्सा तो कई वर्षो पूर्व ही काट दिया गया, जब जजो की नियुक्ति हेतू कालेजियम सिस्टम लागू किया गया था. मेरी जानकारी के अनुसार किसी भी देश में इस तरह का सिस्टम नहीं है, जहां जज ही जज की नियुक्ति करता हो. जबकि बाबा साहेब के संविधान में ऐसा सिस्टम नहीं था. आज देश में जिस धड़ल्ले से ठेकेदारी सिस्टम और निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा उससे वो दिन दूर नहीं जब देश का युवा वर्ग दाने-दाने को मोहताज हो जायेगा.
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First published: November 27, 2019, 2:00 PM IST
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