सिर्फ शिकायती पत्र से पुलिस ऐसे पहुंची फ्रॉड करने वाले तक

देव के साथ लाखों रुपये की ठगी हो गई. मैच्योर होने से एक साल पहले ही उनकी बीमा पॉलिसी का पैसा किसी ने उनके नाम पर हड़प लिया.

News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 9:38 AM IST
सिर्फ शिकायती पत्र से पुलिस ऐसे पहुंची फ्रॉड करने वाले तक
प्रतीकात्मक फोटो- पीड़िता का बेटा बनकर पहुंचे ठग ने बीमा पॉलिसी को सरेंडर करा की लाखों की ठगी.
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Updated: August 8, 2019, 9:38 AM IST
70 वर्षीय देव दिल्ली के मयूर विहार इलाके में पति के साथ रहती हैं. तीन महीने पहले देव के साथ लाखों रुपये की ठगी हो गई. मैच्योर होने से एक साल पहले ही उनकी बीमा पॉलिसी का पैसा किसी ने उनके नाम पर हड़प लिया. उनकी बीमारी का बहाना बनाकर पॉलिसी सरेंडर करा दी गई. मोबाइल नम्बर, घर का पता बदलवाकर फर्जी आईडी से उनके नाम पर बैंक खाता भी खुलवा लिया गया. सारी रकम भी ट्रांसफर हो गई. लेकिन जब थाने में उन्होंने इसकी लिखित शिकायत की तो शिकायती पत्र को देखते ही पुलिस ने पता लगा लिया कि लाखों की ये ठगी किसने की है.

देव के साथ ऐसे हुई लाखों की ठगी की वारदात

देव ने कुछ साल पहले एक कंपनी से बीमा पॉलिसी ली थी. हर साल वो एक लाख रुपये जमा करती थीं. 2020 में पॉलिसी मैच्योर होनी थी. लेकिन उससे पहले ही पॉलिसी की रकम निकाल ली गई. बीमा कंपनी के दफ्तर में एक युवक देव का बेटा बनकर पहुंचा. उसने बताया कि मां की तबियत ठीक नहीं है और वो नोएडा के एक हॉस्पिटल भर्ती हैं. यह कारण बताते हुए उसने पॉलिसी को सरेंडर करने की अर्जी दी.

साथ ही देव के फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड के आधार पर पॉलिसी के कागजात में पुराने पते की जगह नया पता दर्ज करा दिया. साथ ही पॉलिसी में लिखे मोबाइल नम्बर को भी बदलवा दिया. बीमा कंपनी के दफ्तर में देव के नाम से एक अर्जी यह भी दे दी कि हमारी पॉलिसी के पुराने कागज खो गए हैं, हमारे नए कागज जारी कर दिए जाएं.

प्रतीकात्मक फोटो- दिल्ली पुलिस ने पीड़िता के शिकायती पत्र को देखते ही पता लगा लिया कि ठगी किसने की है.


पुलिस की जांच में सामने आया है कि देव की फर्जी आईडी से नोएडा में देव के नाम से एक बैंक खाता भी खुलसा दिया गया. यह भी वो खाता है जिसमे देव की बीमा पॉलिसी की 13.40 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर करा कर निकाल ली गई.

पुलिस को शिकायती पत्र से ऐसे मिला सुराग
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बुर्जुग महिला ने पहले फोन से पुलिस को सूचना दी की उसके साथ इस तरह से लाखों की ठगी हो गई. इसी के आधार पर पुलिस ने जांच शुरु कर दी. जांच के दौरान पुलिस के हाथ बीमा कंपनी के दफ्तर में बेवकैम से खींचा गया एक फोटो था. वहीं कुछ अर्जी थीं जो पॉलिसी सरेंडर करने के लिए दी गई थी.

जांच के बीच में ही एक दिन पीड़िता ने भी लिखित में शिकायती पत्र पुलिस को थाने में भेज दिया. शिकायती पत्र देखते ही पुलिस का माथा ठनक गया. क्योंकि जो शिकायती पत्र देव ने पुलिस को दिया था वो और जो अर्जी कंपनी में दी गई थी उसकी हैंड राइटिंग दिखने में एक जैसी थी. पुलिस ने जब महिला से पूछा कि यह किसने लिखा है तो उसने बताया कि उसके बीमा एजेंट ने यह पत्र लिखा है. पुलिस ने बेवकैम वाला फोटो महिला को दिखाया तो वो कोई और था. पुलिस ने हैंड राइटिंग एक्सपर्ट की मदद लेते हुए आरोपी तक पहुंचने की जांच तेज कर दी है.

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First published: August 8, 2019, 9:11 AM IST
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