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बिगड़ता मौसमः कहीं बारिश ने कर दी फसलें तबाह, तो कहीं किसान खेत सींचने को तरसे

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Updated: September 17, 2019, 9:51 AM IST
बिगड़ता मौसमः कहीं बारिश ने कर दी फसलें तबाह, तो कहीं किसान खेत सींचने को तरसे
एक राज्य में सामान्य से 72 फीसदी तक अधिक बारिश हुई है (सांकेतिक फोटो)

कृषि (Agriculture) पर आधारित बड़े राज्यों में या तो बहुत कम बारिश हुई है या फिर बहुत ज्यादा, राजस्थान, एमपी में बाढ़ से कई फसलें बर्बाद हो गई हैं, दस राज्य ऐसे हैं जहां पर सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश हुई है.

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  • Last Updated: September 17, 2019, 9:51 AM IST
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नई दिल्ली. एक जून से लेकर अब तक देश के सिर्फ 15 राज्यों में ही सामान्य बारिश (Normal Rainfall) हुई है. कृषि (Agriculture) आधारित ज्यादातर राज्यों में या तो जरूरत से बहुत अधिक बरसात हो गई है या फिर बहुत कम. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका खेती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. सब्जी उगाने वाले किसानों को अनियमित बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है. मध्य प्रदेश और राजस्थान में सामान्य से बहुत अधिक बारिश हुई है, जिसकी वजह से वहां पर सोयाबीन की खेती को बड़े पैमाने पर क्षति हुई है.

मौसम विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक खेती पर आधारित प्रदेश यूपी में 24, हरियाणा (Haryana) में 41, बिहार में 22 और उत्तराखंड में सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. दूसरी ओर राजस्थान (Rajasthan) में 36, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 34, गुजरात में 33, महाराष्ट्र में 30 और कर्नाटक में 22 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. कृषि अर्थशास्त्री देविंदर शर्मा कहते हैं कि इतनी असमान बारिश का नुकसान किसानों  (Farmer) का तो होना ही है. सोयाबीन, दलहन और मूंगफली की फसल बर्बाद है. किसान 72 घंट के अंदर फसल नुकसान की जानकारी भी दे रहे हैं लेकिन उसकी गिरदावरी नहीं हो रही है.

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जिन राज्यों में कम बारिश हुई वहां धान पर लागत बढ़ गई है (File Photo)


शर्मा कहते हैं कि धान कटाई के सीजन में यदि पानी नहीं बरसा तो काफी राहत रहेगी. बेतहाशा बारिश और बाढ़ से कई प्रदेशों के किसान अभी संभले नहीं हैं. उधर, कृषि विशेषज्ञ एवं राजीव गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. साकेत कुशवाहा का कहना है बहुत अधिक और बहुत कम बारिश के नुकसान और फायदे का आकलन तुरंत नहीं किया जा सकता. अभी बारिश का मौसम खत्म नहीं हुआ है. जहां पर बाढ़ और सूखे से नुकसान है उसका सरकार मुआवजा देती है. असामान्य बारिश ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम है.

कहां पर किस फसल का नुकसान?
मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास और सब्जियों का नुकसान हुआ है. राजस्थान में सोयाबीन, उड़द, मक्का और सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है.

यहां हुई सबसे कम और अधिक बारिश
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मणिपुर में इस सीजन की सबसे कम बारिश हुई है. करीब 60 फीसदी की कमी है. दूसरी ओर दादर एवं नागर हवेली में सामान्य से 72 फीसदी अधिक बारिश हुई है. यह आंकड़ा एक जून से 15 सितंबर तक का है. 10 प्रदेशों में ज्यादा और 9 राज्यों में सामान्य से कम बरसात हुई.

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First published: September 17, 2019, 9:47 AM IST
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