मॉब लिंचिंग की घटना में अब ऐसे मिलेगी तुरंत मदद, जारी हुआ यह नम्बर

मॉब लिंचिंग और हेट क्राइम के पीड़ितों को तुरंत मदद मुहैया कराने के लिए एक हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है. इस पर फोन करने वाले पीड़ि‍तों को कानूनी मदद भी मुहैया कराई जाएगी.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: July 16, 2019, 11:54 AM IST
मॉब लिंचिंग की घटना में अब ऐसे मिलेगी तुरंत मदद, जारी हुआ यह नम्बर
फोटो- प्रेस क्लब में हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: July 16, 2019, 11:54 AM IST
मॉब लिंचिंग और हेट क्राइम से जुड़ी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. लगातार एक के बाद एक इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं. मुसलमानों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है. दाढ़ी-टोपी से पहचान रखने वालों को पीटा जा रहा है. कभी गाय चोरी तो कभी गौवध का आरोप लगाकर बेकसूर युवकों की जान ली जा रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राज्य सरकारें खामोश हैं. मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून नहीं बनाया जा रहा है. अभी सिर्फ केरल सरकार ने इस दिशा में पहल की है. यह कहना है यूनाइटेड आगेंस्ट हेट के नदीम खान का. प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि मॉब लिंचिंग और हेट क्राइम के पीड़ितों को तुरंत मदद देने के लिए एक हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है.

प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय सचिव मलिक मोहतसिम खान ने कहा, 'मॉब लिंचिंग और नफरती हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय है. हमें समाज की मनोदशा को बदलने के लिए मिल-जुलकर काम करना होगा. जान और माल की हिफाज़त की ज़िम्मेदारी सरकार की है. सरकार को इस सिलसिले में ठोस क़दम उठाना होगा.'

फोन करने पर हेल्पलाइन से मिलेगी मदद

नदीम खान ने बताया कि टोल फ्री नंबर 1800-3133-60000 जारी किया गया है. इस पर 24 घंटे कॉल की जा सकती है. हेल्पलाइन का मकसद मॉब लिंचिंग और हेट क्राइम के शिकार लोगों को त्वरित न्याय दिलाने में मदद करना, मीडिया के ज़रिए सही पक्ष की रिपोर्टिंग, डॉक्यूमेंटेशन और न्यायिक मदद की कोशिश करना होगा. साथ ही इस तरह के हमलों की घटनाओं का दस्तावेज़ तैयार कर उस पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी.

फादर माइकल विलियम, फाउंडर अध्यक्ष, माइनॉरिटी क्रिश्चियन फोरम ने कहा, 'पीड़ितों की मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी करना एक अच्छी कोशिश है. ईसाइयों को भी निशाना बनाया गया और देश भर में कई घटनाएं हुईं हैं. इस संविधान को बचाने के लिए सबको सामने आना होगा. प्रेम-भाईचारे का माहौल बना कर भारत को आगे बढ़ाना है.'

फोटो- यूनाइटेड आगेंस्ट हेट के नदीम खान.


इस मौके पर हेल्पलाइन नम्बर जारी करते हुए डॉक्टर कफ़ील ने कहा, 'एक खास संगठन देश में नफ़रत के बीज बोने का काम कर रहा है. सरकारें उस काम को आगे बढ़ा रही हैं. धर्म के नाम पर लोगों को मारा जाना बहुत अफसोसजनक है.'
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वहीं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि हिंसा चाहे जिसके साथ भी हो उसे रोकने के लिए सामुहिक प्रयास करने की ज़रूरत है. सबको साथ मिलकर न्याय और शान्ति सुनिश्चित करनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एहतेशाम हाशमी ने कहा हेल्पलाइन की ज़रूरत सबसे ज़्यादा ग्रामीण व सुदूर इलाकों के लोगों को है. न्याय दिलाने के लिए हमलोग हमेशा तैयार रहेंगे.

फोटो- हेल्पलाइन नंबर जारी होने के मौके पर मौजूद अन्य लोग.


सुप्रीम कोर्ट के ही वरिष्ठ अधिवक्ता फ़ुजैल अय्यूबी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं वो बहुत ही महत्वपूर्ण हैं. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को अब तक लागू नहीं किया जाना अफसोसजनक है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि आज हिन्‍दुस्‍तान की हकीकत यह है कि हर रोज़ इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. संसद और मीडिया को इस पर बात करनी चाहिए. मुसलमान, ईसाई और दलितों पर लगातार हिंसा जारी है.

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First published: July 16, 2019, 9:26 AM IST
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