IDSE के एजीएम में पूर्णकालिक प्रमुख की उठी मांग, अभियंताओं में रोष

दरअसल सैन्य अभियान्त्रिकी सेवा देश की सबसे बड़ी तथा प्राचीन इन्फ़्रस्ट्रक्चर सेवाओं में से एक है. इस सेवा में भारतीय रक्षा अभियन्ता सेवा के अलावा चार और सेवाएं भी कार्यरत हैं.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 11:58 AM IST
IDSE के एजीएम में पूर्णकालिक प्रमुख की उठी मांग, अभियंताओं में रोष
IDSE के एजीएम में पूर्णकालिक प्रमुख की उठी मांग
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Updated: July 29, 2019, 11:58 AM IST
दिल्ली कैंट में स्थित मानेकशॉ सेंटर में रविवार को आयोजित भारतीय रक्षा अभियन्ता सेवा का 40वां वार्षिक महासम्मेलन संपन्न हुआ. विभाग के डायरेक्टर जनरल कार्मिक जेआर गर्ग ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की. वहीं वार्षिक महासम्मेलन में लगभग 150 अफसरों ने भाग लिया. इस मौके पर आईडीएसई एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके रेड्डी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की तरफ सभी अफसरों का ध्यान खींचा.

अभियंताओं में रोष

सम्मेलन में चौथे कैडर रिव्यू में अप्रत्याशित देरी तथा इसके कारण अफसरों में निराशा पर खास जोर रहा. एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके रेड्डी ने कहा कि जाफा कमेटी की सिफ़ारिशों का रक्षा मंत्री के द्वारा अनुमोदन प्रदान कर  दिए जाने के बावजूद प्रमुख अभियंता के द्वारा उन्हें लागू ना किया जाने पर भी अभियंताओं में रोष है. वहीं रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित मित्तल-अरोड़ा कमेटी की सिफ़ारिशों को अनोमोदन ना मिलना भी एक मुद्दा छाया रहा.

महासम्मेलन में शामिल अफसर
महासम्मेलन में शामिल अफसर


पूर्णकालिक प्रमुख की मांग

एसोसिएशन के अध्यक्ष ने विशेष चर्चा करते हुए एक सुर में कहा कि रक्षा अभियंता सेवा के लिए पूर्ण कालिक प्रमुख होना जरुरी है. जबकि इंजीनियरिंग कोर एवं एमईएस को कमांड तथा प्रमुख अभियंता शाखा स्तरों पर विभाजन होना चाहिए. वहीं सैन्य अफसरों की एमईएस से क्रमिक वापसी होनी चाहिेए. एमईएस लोगों का अनुमोदन भी होना चाहिए. बता दें कि भारतीय रक्षा अभियन्ता सेवा, सैन्य अभियांत्रिकी सेवा (मिलिटेरी इंजीनियरिंग सर्विसेज) का प्रमुख कैडर है.

वार्षिक महासम्मेलन में उठी ये मांग
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दरअसल सैन्य अभियान्त्रिकी सेवा देश की सबसे बड़ी तथा प्राचीन इन्फ़्रस्ट्रक्चर सेवाओं में से एक है. इस सेवा में भारतीय रक्षा अभियन्ता सेवा के अलावा चार और सेवाएं भी कार्यरत हैं. जो मुख्य रूप से पर्यवेक्षक सेवा, वास्तुकला सेवा, बैरक एवं भंडार सेवा तथा प्रशासनिक सेवा कहलाती हैं. सैन्य अभियांत्रिकी सेवा के प्रमुख एक भारतीय सेना के अफ़सर होते हैं जिन्हें प्रमुख अभियंता कहा जाता है. यह सैन्य अभियांत्रिकी सेवा के अलावा सेना की इंजीनियरिंग कोर के भी प्रमुख होते हैं. उन्होंने कहा, इस समय इन दोनों भूमिकाओं को एक साथ निभा रहे हैं.'

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First published: July 29, 2019, 11:52 AM IST
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