केंद्रीय विद्यालय: 6th क्लास के प्रश्नपत्र में पूछा- क्या दलित अछूत हैं?

सोशल मीडिया में वायरल प्रश्नपत्र केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि, केवीएस ने इस प्रश्न पत्र को फर्जी करार दिया है.

भाषा
Updated: September 8, 2019, 7:37 AM IST
केंद्रीय विद्यालय: 6th क्लास के प्रश्नपत्र में पूछा- क्या दलित अछूत हैं?
केंद्रीय विद्यालय के प्रश्नपत्र में पूछा क्या दलित अछूत हैं? (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
भाषा
Updated: September 8, 2019, 7:37 AM IST
नई दिल्ली. तमिलनाडु (Tamil Nadu) में छठी कक्षा की परीक्षा में कथित तौर पर पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद पैदा हो गया है. परीक्षा में कथित तौर पर पूछा गया कि क्या दलित अछूत होते हैं? यह प्रश्नपत्र ( Question Paper) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सोशल मीडिया में वायरल हो रहा प्रश्नपत्र केंद्रीय विद्यालय (KVS) के स्कूल से जुड़ा है. केवीएस ने इस प्रश्नपत्र को फर्जी करार दिया है. वहीं, सीबीएसई ने कहा है कि आंतरिक परीक्षाओं में सवाल तैयार करने में उसकी कोई भूमिका नहीं होती है.

स्टालिन ने भी किया ट्वीट
द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन की टिप्‍पणी ने इस विवाद को राजनीतिक रंग दे दिया. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, 'केंद्रीय विद्यालय की छठी कक्षा में पूछे गए सवाल को देखकर स्तब्ध हूं. यह सवाल जातिगत भेदभाव और सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करता है. इस प्रश्नपत्र को बनाने में जिसका भी हाथ है, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.' बता दें कि बहुविकल्पीय प्रश्न में पूछा गया था कि ‘दलित’ शब्द का क्या अर्थ होता है? विकल्प में ‘विदेशी’, ‘अछूत’ ‘उच्च वर्ग और मध्य वर्ग’ दिया गया था.

एएमएमके ने की सीबीएसई की निंदा
एएमएमके नेता टीटीवी दिनाकरण ने सीबीएसई की निंदा करते हुए कहा, 'मैं इस तरह के संवेदनशील विषय पर बिना सामान्य समझ के पूछे गए इस सवाल की निंदा करता हूं, यह बिल्कुल भी नहीं सोचा गया कि यह सवाल छात्र-छात्राओं के दिमाग पर क्या असर करेगा.'

CBSE ने बताया ‘फर्जी’
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केंद्रीय विद्यालय संगठन ने कहा कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे ‘फर्जी प्रश्नपत्र’ का संज्ञान लिया गया है. सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है कि यह सवाल तमिलनाडु या पुडुचेरी के कुछ केंद्रीय विद्यालय का हो सकता है. बयान में केंद्रीय विद्यालय संगठन ने कहा, 'अभी तक केवीएस के समक्ष कोई भी ऐसा सबूत नहीं लाया गया है, जिससे यह साबित हो कि यह प्रश्न पत्र केंद्रीय विद्यालय का है.'

सीबीएसई का कहना है कि वह किसी भी स्कूल के किसी भी कक्षा के आंतरिक सवाल तय नहीं करता है. वह सिर्फ 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आयोजित करता है. इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन ने कहा कि उनके क्षेत्रीय कार्यालय ने पाया है कि चेन्नई क्षेत्र के 49 केंद्रीय विद्यालयों में से किसी ने भी यह प्रश्नपत्र तैयार नहीं किया है.

केंद्रीय विद्यालय ने कहा, 'इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि यह प्रश्नपत्र केंद्रीय विद्यालय से जुड़ा नहीं है. सोशल मीडिया यूजर्स से आग्रह किया जाता है कि वह गलत संदेश का प्रचार-प्रसार करने से बचें.'

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First published: September 7, 2019, 11:31 PM IST
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