सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दिया झटका, दिल्ली के लिए इसलिए जरूरी है ये फैसला

हाई कोर्ट ने अप्रैल में दिल्ली सरकार को ये आदेश दिया था, जिसके कार्यान्वयन पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है

News18Hindi
Updated: September 16, 2018, 6:00 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दिया झटका, दिल्ली के लिए इसलिए जरूरी है ये फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने दिया अरविंद केजरीवाल को झटका
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Updated: September 16, 2018, 6:00 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को बड़ा झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त करने के खिलाफ अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है, जो राजधानी दिल्ली में बीजेपी संचालित 2 नगर निगमों के लिए फंड जारी करने के लिए था.

हाई कोर्ट के अप्रैल में ये आदेश दिया था, जिसके कार्यान्वयन पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट के आदेश में पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली नगर निगमों के लिए फंड जारी करने के लिए कहा गया था.

चौथे दिल्ली वित्त आयोग के आधार पर इस आदेश में नगर निगमों को पैसे जारी करने के लिए कहा गया था, जिससे कि कर्मचारियों को वर्तमान और पुराना बकाया दैनिक भत्ता दिया जा सके. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "हम अभी इस स्थिति में कोई अंतरिम आदेश जारी करने के पक्ष में नहीं हैं."

बीजेपी पार्षद को जारी किया गया नोटिस

कोर्ट ने साथ ही बीजेपी पार्षद विजय प्रकाश पांडेय और अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किए. विजय प्रकाश ने ही हाई कोर्ट में मामले से संबंधित याचिका दायर की थी. बेंच ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई में इस मामले को निपटाने की कोशिश भी की जाएगी. अरविंद केजरीवाल सरकार 16 अप्रैल को जारी किए गए इस आदेश से बच निकलना चाहती है.

केजरीवाल सरकार पहले जारी कर चुकी है रीव्यू पिटीशन

इससे पहले जब आप सरकार की पुनर्विचार याचिका सुनवाई के लिए मई में आई थी, तब हाई कोर्ट ने साफ किया था कि 16 अप्रैल 2018 को दिए गए आदेश पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. दिल्ली सरकार को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा.
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इसके बाद सरकार ने फिर से स्पष्टीकरण के लिए आवेदन किया. जिसपर हाई कोर्ट ने जोर देकर कहा, "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार को दिल्ली वित्त आयोग के अंतर्गत पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली नगर निगमों को 1 नवंबर 2017 तक पेमेंट करना होगा."

नगर निगमों के लिए क्यों जरूरी है ये फैसला

चौथे वित्त आयोग के टैक्स विभाजन के अंतर्गत दोनों नगर निगमों को करीब 10,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने हैं. जिससे उनका वित्तीय पुनरुत्थान हो सकता है. अप्रैल में अंतरिम आदेश जारी करते समय हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार चौथे वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं करना चाहती.

इसमें कहा गया था कि आप सरकार को 'अहंकार नहीं करना चाहिए'. साथ ही कहा गया कि फंड की कमी से निगम कर्मचारियों की आत्मबल तो कम होगा ही, साथ ही नागरिकों को भी उचित सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी.

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