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पाक-चीन के खिलाफ देश के इन 22 नेशनल हाइवे का इस्तेमाल करेगी Indian Air Force

News18Hindi
Updated: October 8, 2019, 11:41 AM IST
पाक-चीन के खिलाफ देश के इन 22 नेशनल हाइवे का इस्तेमाल करेगी Indian Air Force
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर दो फाइटर एयर क्राफ्टटएक साथ उतारे गए थे. (File Photo)

युद्ध (War) के दौरान दुश्मन सबसे पहले एयर फोर्स स्टेशन (Air Force Station) को निशाना बनाता है जिससे एयर फोर्स को कमजोर किया जा सके और फाइटर प्लेन (Fighter Air Craft) उड़ान भरने लायक ही नहीं रहें.

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  • Last Updated: October 8, 2019, 11:41 AM IST
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नई दिल्ली. इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) जल्द ही देश के 22 महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे (National highways) और एक्सप्रेस वे (Expressway) पर अपने विमान उतारेगी. ऐसा करके वो अपनी ताकत में इजाफा करना चाहती है. दो एक्सप्रेस वे यमुना (Yamuna) और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे (Agra-Lucknow Expressway) पर फाइटर (Fighter) और ट्रांसपोर्ट एयर क्राफ्ट (Transport Air Craft) को उतारकर अपने इरादों से वाकिफ भी करा चुकी है. बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) के बाद से तो उसके हौसले और भी बुलंद हैं. यहां तो भारी-भरकम ट्रांसपोर्ट प्लेन हरक्यूलिस भी उतारा गया था.

यहां हैं वो हाइवे और एक्सप्रेस वे
देशभर के विभिन्न राज्यों में स्थित 22 हाइवे और एक्सप्रेस वे पर लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान उतारे जा सकते हैं. रक्षा मंत्रालय ने सभी हाइवे का बारीकी से निरीक्षण किया है. इसके लिए परिवहन मंत्रालय ने भी अपनी सहमति दे दी है. कुछ हाइवे को मंजूरी भी मिल गई है. इससे पहले ग्रेटर नोएडा से आगरा तक के यमुना एक्सप्रेस-वे पर फाइटर एयरक्राफ्ट उतारने की प्रैक्टिस भी की जा चुकी है. इस लिस्ट में यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का नाम भी शामिल है. लखनऊ-बलिया एक्सप्रेस वे भी एयर फोर्स की सूची में है.

सूत्रों की मानें तो इसके अलावा दिल्ली से मुरादाबाद एक्सप्रेस-वे का भी नाम है. मुरादाबाद एक्सप्रेस वे पर विमानों को उतारने की मंजूरी भी मिल चुकी है. जानकारी के मुताबिक इन हाइवे को हवाई पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिस पर वाहन भी चलेंगे और जरूरत पड़ने पर विमान भी उतारे जाएंगे.

देश में पहली बार भारी-भरकम विशालकाय ट्रांसपोर्ट प्लेन हरक्यूलिस भी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर उतारा गया था. (File Photo)


इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर छत्तीसगढ़, ओडिशा, जम्मू, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, राजस्थान आदि राज्यों में स्थित हाइवे पर विमान उतारने की तैयारी है. जानकारों का कहना है कि हाइवे पर एयर फोर्स के विमानों की आपात लैडिंग कराने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.

परिवहन मंत्रालय के सहयोग से हो रही है कोशिश
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परिवहन मंत्रालय के सहयोग से इस योजना में पूरे देश के सभी हाइवे को शामिल किया गया है. विमान की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए नेशनल हाइवे का चयन एयर फोर्स के अधिकारियों द्वारा किया गया है. जबकि कुछ हाइवे का अभी मुआयना किया जा रहा है. नेशनल हाइवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया हाइवे के कुछ हिस्से को एयर फोर्स के मापदण्डों पर बनवाती है.

किन-किन देशों में हो चुका है सड़क रनवे का इस्तेमाल
21 मई 2015 को भारत में सड़क रनवे का इस्तेमाल पहली बार किया गया है. जबकि कई ऐसे देश हैं जहां इसका इस्तेमाल हो चुका है. भारत से पहले इसका इस्तेमाल, सिंगापुर, स्वीडन, फीनलैंड, जर्मनी, पोलैंड, चीन गणराज्य (ताइवान) कर चुके हैं. पाकिस्तान के पास ऐसे दो रोड रनवे हैं जिसका इस्तेमाल वो युद्ध के दौरान आपात स्थिति में कर सकता है.  पाकिस्तान का पहला सड़क रनवे एम -1 है जो कि पेशावर से इस्लामाबाद हाईवे पर बनाया गया है. दूसरा एम-2, इस्लामाबाद-लाहौर हाइवे पर बनाया गया है.

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First published: October 7, 2019, 7:09 PM IST
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