JNU केस में सुनवाई आज, केजरीवाल सरकार ने नहीं दी चार्जशीट पेश करने की इजाजत

जेएनयू देशद्रोह मामले में पेश की गई चार्जशीट को लेकर दिल्ली पुलिस को केजरीवाल सरकार से अब तक अनुमति नहीं दी गई है. बताया जा रहा है कि यह फाइल अभी भी मंत्री सत्येंद्र जैन के पास ही है.

News18 Bihar
Updated: February 6, 2019, 10:31 AM IST
JNU केस में सुनवाई आज, केजरीवाल सरकार ने नहीं दी चार्जशीट पेश करने की इजाजत
JNU देशद्रोह केस: कन्हैया-उमर के खिलाफ केजरीवाल सरकार ने नहीं दी चार्जशीट की इजाजत, आज सुनवाई
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Updated: February 6, 2019, 10:31 AM IST
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) देशद्रोह मामले में चार्जशीट को लेकर फंसे पेंच पर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में आज सुनवाई होगी. जेएनयू देशद्रोह मामले में पेश की गई चार्जशीट को लेकर दिल्ली पुलिस को केजरीवाल सरकार से अब तक अनुमति नहीं दी गई है. बताया जा रहा है कि यह फाइल अभी भी मंत्री सत्येंद्र जैन के पास ही है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को केजरीवाल सरकार की अनुमित लिए बिना चार्जशीट पेश करने के लिए फटकार लगाई थी और 6 फरवरी तक सरकार की अनुमति लेकर आने को कहा था.

स्पेशल सेल ने चार्जशीट में कन्हैया कुमार समेत कई आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह की धारा-124ए लगाई है. इस धारा में कोर्ट सीआरपीसी की धारा-196 के तहत तभी संज्ञान ले सकता है जब दिल्ली सरकार की अनुमति मिलेगी. अगर दिल्ली सरकार ने समय से अनुमति नहीं दी तो कोर्ट देशद्रोह की धारा-124ए पर संज्ञान नहीं लेगा और ये धारा स्वत: ही खत्म हो जाएगी. अगर दिल्ली सरकार की अनुमति नहीं मिली तो कोर्ट देशद्रोह की धारा को छोड़कर अन्य धाराओं में संज्ञान ले लेगा. कोर्ट ने पिछली बार दिल्ली पुलिस द्वारा दिल्ली सरकार से अनुमति नहीं लेने पर फटकार लगाई थी.



बता दें कि जेएनयू में 9 फरवरी 2016 को भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमीत आनंद की कोर्ट में 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर दी. इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान के अलावा सात कश्मीरियों को भी देशद्रोह का आरोपी बनाया गया है.इन सभी कश्मीरी छात्रों से भी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है. इनके खिलाफ चार्जशीट में 124A (देशद्रोह), 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120B जैसी धाराएं लगाई गई हैं. स्पेशल सेल ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अभियोजन से भी बातचीत की है. मामले में ABVP के कार्यकर्ताओं और जेएनयू के सुरक्षाकर्मियों को गवाह बनाया गया है.

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