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JNU के सतलुज हॉस्टल में नोटिस-14 तक छात्र भर दें बकाया, वरना नहीं मिलेगा खाना

News18Hindi
Updated: November 12, 2019, 10:35 PM IST
JNU के सतलुज हॉस्टल में नोटिस-14 तक छात्र भर दें बकाया, वरना नहीं मिलेगा खाना
नोटिस में मेस का बकाया बिल 14 तारीख तक भरने के लिए कहा गया है और साथ ही कहा कि अगर बिल तय तारीख तक नहीं भरा जाएगा तो उसी दिन से मेस का खाना रोक दिया जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawahar Lal Nehru University) में फीसवृद्धि के खिलाफ चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच JNU के सतलुज हॉस्टल की मेस वॉर्डन ने छात्रों को नोटिस दिया है.

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नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawahar Lal Nehru University) में फीसवृद्धि के खिलाफ चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच JNU के सतलुज हॉस्टल की मेस वॉर्डन ने छात्रों को नोटिस दिया है. नोटिस में मेस का बकाया बिल 14 तारीख तक भरने के लिए कहा गया है और साथ ही कहा कि अगर बिल तय तारीख तक नहीं भरा जाएगा तो उसी दिन से मेस का खाना रोक दिया जाएगा.

अन्य संस्थानों के छात्रों का समर्थन
दिल्ली के विभिन्न संस्थानों के छात्रों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस हमले के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया. जेएनयू के छात्र होस्टल की फीस में जबरदस्त वृद्धि के खिलाफ सोमवार को एआईसीटीई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा के 'व्यापारीकरण', छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन में पुलिस हस्तक्षेप और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी की.



दीक्षांत समारोह में बवाल
गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दिन सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया था, जिसके बाद उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई. इसके चलते मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को छह घंटे तक जेएनयू के अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) के परिसर में रुकना पड़ा था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों तितर-बितर करने के लिये लाठी चलाई और पानी की बौछारें कीं. वहीं, मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्रावास नियमावली मसौदे को वापस लेने की मांग की. छात्रों का दावा है कि इसमें शुल्क वृद्धि, ड्रेस कोड और कर्फ्यू के समय को लेकर प्रावधान हैं.

छात्रों पर पड़ेगा आर्थिक बोझ
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ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) की सचिव श्रेया सिंह ने कहा कि 28 अक्टूबर को पारित नई छात्रावास नियमावली से जेएनयू के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लगभग 50 प्रतिशत छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो साधन-सह-योग्यता योजना के तहत 2,500 रुपये के अनुदान पर निर्भर हैं.' उन्होंने कहा, 'दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे जेएनयू के छात्रों की निर्ममता से पिटाई की. लोकतांत्रिक प्रदर्शन में उनका हस्तक्षेप अनुचित था.' एआईडीएसओ की सुमन ने कहा, 'जेएनयू कुछ किफायती संस्थाओं में से एक है. फीस बढ़ोतरी का प्रावधान सबसे खतरनाक हिस्सा है. अब तक छात्रों को हर महीने 2,500 रुपये का बिल मिलता है. परिवर्तनों के बाद, उनका मासिक खर्च 6,000-7000 रुपए हो जाएगा.'

बुधवार को बुलाई कंप्लीट यूनिवर्सिटी स्ट्राइक
जेएनयू में नए हॉस्टल मैन्युअल के खिलाफ छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को एक बार फिर नए हॉस्टल मैन्युअल को रद्द कराने की मांग को लेकर जेएनयू छात्रसंघ ने कंप्लीट यूनिवर्सिटी स्ट्राइक बुलाई है. वहीं एबीवीपी भी बुधवार को हॉस्टल की फीस बढ़ाए जाने का विरोध करेगी और कैम्पस से अपना प्रदर्शन शुरू कर यूजीसी दफ्तर तक जाने की कोशिश करेगी.

(भाषा से इनपुट के साथ)
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First published: November 12, 2019, 10:23 PM IST
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