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JNU फीसवृद्धि विवाद: हॉस्टल में एंट्री और ड्रेस कोड संबंधी नियमों को लिया गया वापस

भाषा
Updated: November 13, 2019, 11:08 PM IST
JNU फीसवृद्धि विवाद: हॉस्टल में एंट्री और ड्रेस कोड संबंधी नियमों को लिया गया वापस
जेनयू में बैकफुट पर प्रशासन

वीसी बोले- कार्यकारी परिषद ने बैठक की और फैसला किया कि हम हॉस्टल (Hostel) में समय से संबंधित क्लॉज को नए हॉस्टल मैनुअल में नहीं डालेंगे. साथ ही ड्रेस कोड से संबंधित खंड भी मैनुअल (Manual) का हिस्सा नहीं होगा.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 11:08 PM IST
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नई दिल्ली. छात्रों के जबरदस्त विरोध की वजह से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने बुधवार को हॉस्टल फीस (Hostel Fee) में की गई वृद्धि में रियायत देने का फैसला किया. साथ ही हॉस्टल में आने के समय तथा डाइनिंग हाल से जुड़े ड्रेस कोड से जुड़े निर्देश को भी वापस ले लिया गया है.

जेएनयू के कुलपति ने मीडिया को बताया, 'कार्यकारी परिषद ने बैठक की और फैसला किया कि हम हॉस्टल में समय से संबंधित क्लॉज को नए हॉस्टल मैनुअल में नहीं डालेंगे. साथ ही ड्रेस कोड से संबंधित खंड भी मैनुअल का हिस्सा नहीं होगा.'

EWS छात्रों को दी है ये रियायत...
विश्वविद्यालय के अनुसार, ऐसे बीपीएल छात्र जो छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं और जो गैर बीपीएल श्रेणी के हैं, उनके लिए हास्टल शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है. जेएनयू की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईब्ल्यूएस) के पात्र छात्रों के लिये एक बेड वाले कमरे का किराया आंशिक रूप से वापस लेते हुए 300 रुपया कर दिया गया है जिसे पहले 20 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 600 रुपया कर दिया गया था. दो बेड वाले कमरे का किराया अब कम करके 150 रुपया किया गया है जिसे पहले 10 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति माह किया गया था.

ड्रेस कोड संबंधी निर्देश को भी लिया वापस
इसके तहत जेआरएफ, एसआरएफ एवं अन्य छात्रवृत्ति या फेलोशिप प्राप्त अन्य छात्रों को एक सीटर कमरे के लिये 600 रुपये और दो सीटर कमरे के लिए 300 रुपए किराया देना होगा. एक मुश्त रिफंडेबल मेस डिपॉजिट को सभी वर्गों के लिए पूर्ववत 5500 रुपये कर दिया गया है जो पहले बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया गया था. हॉस्टल में आने के समय तथा डाइनिंग हाल से जुड़े ड्रेस कोड संबंधी निर्देश को भी वापस ले लिया गया है.

छात्रों से की कक्षा में वापस लौटने की अपीलइस तरह से आज की बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईब्ल्यूएस) के छात्रों के लिये के कमरे के किराये, पानी, बिजली चार्ज तथा सर्विस चार्ज में की गई वृद्धि में 50 प्रतिशत की रियायत दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही गैर नेट फेलोशिप प्राप्त करने वाले एवं मेधा सह छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले बीपीएल श्रेणी के सभी छात्र 50 प्रतिशत रियायत के पात्र होंगे. उन्होंने बताया कि यह बदलाव शैक्षणिक सत्र 2020 से प्रभावी होंगे. जेएनयू विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों से कक्षा में लौटने की अपील की है.

HRD मंत्री निशंक ने किया था ये वादा
गौरतलब है कि सोमवार को जेएनयू के निकट बड़ी संख्या में छात्र फीस वृद्धि, ड्रेस कोड जैसे दिशानिर्देश के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. छात्र इसे प्रशासन की ‘छात्र-विरोधी’ नीति बताते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की तरफ आगे बढ़ना चाहते थे लेकिन गेट पर अवरोधक लगा दिए गए. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू इस स्थान पर दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उपराष्ट्रपति हालांकि विरोध प्रदर्शन बढ़ने से पहले ही वहां से रवाना हो गए थे लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक कई घंटे तक वहां से बाहर नहीं निकल पाए थे. निशंक ने वादा किया था कि छात्रों की मांग पर विचार किया जाएगा.
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First published: November 13, 2019, 10:11 PM IST
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