JNU प्रेसिडेंशियल स्पीच: ABVP उम्मीदवार को लेकर बना रहा तनाव, रोकना पड़ा भाषण

कैंपस से ज्यादा बाहरी मुद्दे छाए रहे, मॉब लिंचिंग, नोटबंदी, आरक्षण, एससी/एसटी एक्ट, ओबीसी, सवर्ण सब पर हुई भाषणबाजी

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: September 13, 2018, 12:59 PM IST
JNU प्रेसिडेंशियल स्पीच: ABVP उम्मीदवार को लेकर बना रहा तनाव, रोकना पड़ा भाषण
जेएनयू प्रेसीडेंशियल स्पीच में प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाते छात्र
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: September 13, 2018, 12:59 PM IST
जेएनयू छात्रसंघ चुनाव से पहले बुधवार रात कैंपस में प्रेसिडेंशियल स्पीच का आयोजन किया गया. इसमें लेफ्ट और राइट विंग के उम्मीदवारों के भाषण के दौरान हंगामा शुरू हो गया. दोनों के भाषण को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा. रात को करीब ढाई बजे सिक्योरिटी के हस्तक्षेप के बाद दोनों अपनी बात कह सके.

वामपंथी एकता पैनल (आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई, डीएसएफ) की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एन. साई बालाजी और एबीवीपी के उम्मीदवार ललित पांडेय को छात्रों ने काफी देर तक बोलने नहीं दिया. बालाजी बोलने उठे तो भगवा ब्रिगेड ने उनकी जमकर हूटिंग की. जब ललित पांडे की बारी आई तो बापसा के समर्थक खासतौर पर नार्थ ईस्ट से आने वाले छात्र उनसे माफी मांगने की मांग करने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि एबीवीपी ने नार्थ ईस्ट के तीन मुख्यमंत्रियों को कैंपस में बुलाया लेकिन उनसे मिलने नहीं दिया.

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इन दोनों प्रत्याशियों के भाषण में कई बार व्यवधान आया और स्थिति तनावपूर्ण बन गई. इसके बाद सिक्योरिटी को मोर्चा संभालना पड़ा. उधर, नेत्रहीन छात्र-छात्राओं ने करीब तीन घंटे तक डिबेट नहीं शुरू होने दी. उन्होंने ब्रेल लिपि से सवाल पूछने की मांग की.

जेएनयू जितना छात्र राजनीति के लिए जाना जाता है उतना ही अपने तौर- तरीकों,  डिबेट कल्चर के लिए भी. चुनाव कोई भी जीते, कभी दूसरे विश्वविद्यालयों की तरह तनावपूर्ण हालात नहीं बनते. लेकिन इस साल के डिबेट में काफी कुछ बदला नजर आया. कई बार सिक्योरिटी को हस्तक्षेप करना पड़ा.

डिबेट से पहले छात्र संगठनों में जश्न का माहौल दिखा. यहां छात्रों ने अलग-अलग टोली बनाकर डफली के साथ जमकर नारेबाजी की. एबीवीपी, एनएसयूआई, छात्र राजद, लेफ्ट यूनिटी और बापसा (बिरसा-अंबेडकर-फूले स्‍टूडेंट एसोसिएशन) सहित सभी निर्दलीय प्रत्याशियों ने कैंपस के सवाल कम, उससे बाहर के मुद्दे ज्यादा उठाए.

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मॉब लिंचिंग, नोटबंदी, आरक्षण, एससी/एसटी एक्ट, ओबीसी, सवर्ण पर खूब भाषणबाजी हुई. लेफ्ट यूनिटी पर कई बार बापसा भारी नजर आया. निर्दलीय प्रत्याशी साएब बिलावल ने लेफ्ट, राइट और नीले ब्रिगेड तीनों पर निशाना साधा. उन्होंने संघ, बीजेपी, एबीवीपी को आड़े हाथों लिया. लालू प्रसाद यादव की पार्टी की पार्टी आरजेडी की छात्र इकाई ‘छात्र राजद’की ओर से प्रेसीडेंट प्रत्याशी जयंत कुमार जिज्ञासु ने महंगाई पर सवाल उठाते हुए कहा हमें डाटा नहीं आटा चाहिए. आटा सस्ता कीजिए सरकार.

जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए 14 सितंबर को वोटिंग होनी है.



 

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(साथ में अंकित फ्रांसिस )
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