किसानों की मदद के लिए इस राज्य का फार्मूला अपना सकती है मोदी सरकार!

कर्जमाफी की काट में तेलंगाना, झारखंड या ओडिशा मॉडल पर मंथन कर रहे अधिकारी, किसका मॉडल अपनाएगी मोदी सरकार?

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: January 11, 2019, 1:15 PM IST
किसानों की मदद के लिए इस राज्य का फार्मूला अपना सकती है मोदी सरकार!
'कालिया' स्कीम के तहत 50 हजार का कृषि कर्ज 0% ब्याज पर देने का प्रावधान है
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: January 11, 2019, 1:15 PM IST
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में शिकस्त के पीछे बीजेपी एक बड़ी वजह किसानों से जुड़े मसलों को भी मान रही है. लेकिन वो कर्ज माफ करने की बजाय सीधे किसानों को सहायता देने का विचार कर रही है. उसके सांसद, मंत्री इसके पक्षधर हैं. इसके लिए सरकार के सामने कई मॉडल हैं. तेलंगाना, झारखंड और ओडिशा में कृषि एवं किसान सहायता के फार्मूले अहम हैं.

तेलंगाना में जहां खेत के आधार पर सहायता मिलती है वहीं ओडिशा सरकार ने फैमिली को सहायता देने का प्लान बनाया है ताकि छोटे से छोटे किसान को भी सहायता मिल जाए. सूत्रों का कहना कृषि मंत्रालय के अधिकारी ज्यादा दिलचस्पी ओडिशा मॉडल पर ले रहे हैं. (ये भी पढ़ें: किसानों का अब सहारा बनेगा 'कालिया', हर साल करेगा 10 हजार की मदद!)

कांग्रेस शासित राज्यों में कर्जमाफी की योजना के बाद मोदी सरकार पर किसानों के लिए कोई बड़ी स्कीम लाने का दबाव है. दूसरी ओर किसान संगठन लगातार कर्जमाफी की मांग कर रहे हैं. इधर, लोकसभा चुनाव सिर पर है. ऐसे में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को उबारने के लिए अब केंद्र सरकार ‘कालिया’ स्कीम की मदद ले सकती है. किसानों को सीधे मदद देने के लिए तेलंगाना मॉडल की चर्चा होती रही है. लेकिन दिसंबर 2018 में ओडिशा और झारखंड में भी कृषि एवं किसान सहायता के तेलंगाना से मिलते-जुलते फॉर्मूले बनाए गए हैं. आईए जानते हैं कि किस मॉडल में क्या है?

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ओडिशा मॉडल

ओडिशा कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये की 'जीविकोपार्जन एवं आय वृद्धि के लिए कृषक सहायता' Krushak Assistance for Livelihood and Income Augmentation (KALIA) को दी मंजूरी है. इसके तहत ओडिशा के छोटे किसानों को रबी और खरीफ में बुआई के लिए प्रति सीजन 5-5 हजार रुपये की वित्तीय मदद मिलेगी.

ओडिशा सरकार की इस स्कीम में कृषि कर्जमाफी जैसे प्रावधान शामिल नहीं हैं, लेकिन, इस स्कीम के तहत सूबे के सभी छोटे और सीमांत किसानों को कवर किया जाएगा. खरीफ और रबी के सीजन में बुआई के लिए आर्थिक मदद के तौर पर प्रति परिवार को 5-5 हजार रुपये यानी सालाना 10,000 रुपये दिए जाएंगे. ये भी पढ़ें: 2019 में पीएम मोदी के ‘न्यू इंडिया’ को ‘किसानों के भारत’ से चुनौती
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नवीन पटनायक सरकार ने इस योजना के तहत 50 हजार रुपये का फसल ऋण 0% ब्याज पर देने का प्रावधान भी किया है. जबकि अन्य जगहों पर अभी किसानों को कृषि कर्ज के लिए कम से कम चार फीसदी ब्याज देना होता है. बिना ब्याज वाला लोन खरीफ सीजन के लिए मिलेगा. सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. दलित-आदिवासी भूमिहीन लोगों को कृषि से जुड़े काम करने के लिए 12,500 रुपये की सहायता देने का फैसला लिया है.

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झारखंड मॉडल

झारखंड की रघुबर दास सरकार ने मध्यम और सीमांत किसानों के लिए 2,250 करोड़ की योजना का किया एलान किया है. यहां पांच एकड़ तक खेत पर सालाना प्रति एकड़ 5000 रुपये मिलेंगे. एक एकड़ से कम खेत पर भी 5000 हजार रुपये की सहायता मिलेगी. स्कीम की शुरुआत 2019-20 वित्त वर्ष से होगी. लाभार्थियों को चेक या डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पैसे दिए जाएंगे.

तेलंगाना मॉडल

तेलंगाना में सरकार फसलों की बुआई से पहले प्रति एकड़ तय राशि सीधे खाते में भेजकर किसानों को लाभ देती है. यहां के किसानों को प्रति वर्ष प्रति फसल 4000 रुपये एकड़ की रकम दी जाती है. दो फसल के हिसाब से किसानों को हर साल 8000 रुपये प्रति एकड़ मिल जाते हैं.

एमपी का भावांतर मॉडल

इस योजना में फसल की कीमतें गिर जाने पर मध्य प्रदेश सरकार बाजार भाव और न्यूनतम सर्मथन मूल्य यानी एमएसपी के बीच के अंतर की राशि किसानों को देती है. यह राशि किसानों के खाते में जमा की जाती है. अगर इस योजना से जुड़ा भुगतान तीन माह से अधिक पेंडिंग रहता है तो किसान को इनाम मिलने और यह पैसा कर्मचारी के वेतन से काटे जाने का प्रावधान है. इसके तहत सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द, तुअर और लहसुन को शामिल किया गया है.

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इस बारे में जब हमने डबलिंग फार्मर्स इनकम कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक दलवाई से बात की तो उन्होंने कहा, “अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है कि कौन सा मॉडल लागू होगा. विचार-विमर्श ही चल रहा है.” जबकि बीजेपी किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद विजयपाल तोमर से बात की गई तो उन्होंने कहा, “हमने सरकार से किसानों को नगद सहायता देने की मांग की है. हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए हर काम करेगी.”

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