कपिल मिश्रा का आरोप- विधानसभा ने भेजा अधूरा नोटिस, 41 में से भेजे केवल 10 पेज

कपिल मिश्रा ने बताया कि मैंने दो अभियान चलाए थे. 'मेरा पीएम मेरा अभिमान' और 'दिल्ली की सातों सीटें मोदी को'. इसीलिए मुझे नोटिस भेजा गया. उन्होंने कहा कि मैं इस केस में केजरीवाल के हर घोटाले के सबूत रखूंगा.

Rachna Upadhyay | News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 7:01 PM IST
कपिल मिश्रा का आरोप- विधानसभा ने भेजा अधूरा नोटिस, 41 में से भेजे केवल 10 पेज
अधूरा नोटिस भेजा गया
Rachna Upadhyay
Rachna Upadhyay | News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 7:01 PM IST
आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा मंगलवार को नोटिस का जवाब देने दिल्ली विधानसभा पहुंचे थे. कपिल मिश्रा को आप नेता सौरभ भारद्वाज की शिकायत पर 1 जुलाई को नोटिस भेजा गया था, जिसमें उन पर दल-बदल कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. कपिल ने कहा कि मुझे भेजा गया नोटिस एक मजाक है. 41 पन्नों के नोटिस में मुझे सिर्फ 10 पन्ने ही भेजे गए. मैं जानना चाहता हूं कि मुझ पर क्या आरोप लगाए गए हैं? कपिल मिश्रा ने कहा कि मैंने दो अभियान चलाए थे. 'मेरा पीएम मेरा अभिमान' और 'दिल्ली की सातों सीटें मोदी को'. इसीलिए मुझे नोटिस भेजा गया.

सुनवाई में मीडिया के आने पर लगाई रोक
कपिल मिश्रा ने कहा कि सुनवाई के दौरान मीडिया को आने की इजाजत नहीं दी गई. सुप्रीम कोर्ट भी बड़े बड़े मसलों पर सुनवाई करती है तो मीडिया को आने की इजाजत देती है. मुझे लगता है कि बंद कमरों में पाप किए जाते हैं. आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि वो आज नोटिस का जवाब देने के लिए दिल्ली विधानसभा में आए थे, लेकिन स्पीकर मौजूद नहीं थे.

कपिल मिश्रा का आरोप - अधूरा नोटिस भेजा, Kapil Mishra's acquitions
कपिल मिश्रा (फाइल फोटो)


मोदी को जिताने का अभियान चलाया इसलिए मिला नोटिस
कपिल मिश्रा ने बताया कि मैंने दो अभियान चलाए थे. 'मेरा पीएम मेरा अभिमान' और 'दिल्ली की सातों सीटें मोदी को'. इसीलिए मुझे नोटिस भेजा गया. उन्होंने कहा कि मैं इस केस में केजरीवाल के हर घोटाले के सबूत रखूंगा, जिसका रिकॉर्ड दिल्ली विधानसभा में जाएगा. दिल्ली सरकार ने मुझे नोटिस भेजकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है.

जवाब देने के लिए 4 सप्ताह का समय मांगा
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कपिल के साथ आए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि कपिल मिश्रा को नोटिस तो भेजा गया लेकिन नोटिस के पूरे दस्तावेज नहीं भेजे गए. ऐसे में वो नोटिस का जवाब कैसे देंगे? इसीलिए हमने दिल्ली विधानसभा में अपील की है कि 4 हफ्ते का समय दिया जाए और सभी दस्तावेज भेजे जाएं उसके बाद हम अपना जवाब दाखिल करेंगे.

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First published: July 9, 2019, 5:31 PM IST
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