पहले भी आते रहे हैं कर्नाटक जैसे मामले, इन राज्यों में बदला था राज्यपाल का फैसला

साल 2005 में झारखंड में ऐसा ही मामला सामने आया था. उस वक्त कोर्ट ने 19 दिन की बजाय 48 घंटे में बहुमत साबित करने का मौका दिया. सदन में शीबू सोरेन बहुमत नहीं हासिल कर पाए और सरकार गिर गई.

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: May 18, 2018, 2:25 PM IST
पहले भी आते रहे हैं कर्नाटक जैसे मामले, इन राज्यों में बदला था राज्यपाल का फैसला
कर्नाटक विधानसभा: कैसे साबित होगा बहुमत?
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: May 18, 2018, 2:25 PM IST
कर्नाटक मामले से पहले भी कई राज्यों में ऐसे हालात पैदा हो चुके हैं  जब सियासी लड़ाई कोर्ट में लड़ी गई और वहां राज्यपाल के फैसले को पलटकर विपक्ष को राहत दी गई. कुछ राज्यों में बहुमत से कम संख्या होने पर सरकार बनाने का दावा किया गया, मुख्यमंत्री पद की शपथ ली गई लेकिन कोर्ट ने अल्पमत दल के मुख्यमंत्री को या तो बर्खास्त कर दिया या फिर वे बहुमत नहीं साबित कर पाए.

कर्नाटक में बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल ने 15 दिन दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष के चैलेंज के बाद स्थितियां बदल गईं. कोर्ट ने येदियुरप्पा को सिर्फ 24 घंटे में बहुमत साबित करने को कह दिया है.

साल 2005 में झारखंड में ऐसा ही मामला सामने आया था. उस वक्त शीबू सोरेन के नेतृत्व में कांग्रेस और जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) गठबंधन को कम सीटें होने के बावजूद राज्यपाल शिब्ते रजी ने सरकार बनाने का न्यौता दिया. बहुमत साबित करने के लिए 19 दिन का वक्त दे दिया, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त की पूरी गुंजाइश थी.

कांग्रेस और जेएमएम गठबंधन के पास 26 सीटें थीं और बीजेपी के पास 36 सीट. इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को अदालत में चुनौती दी. कोर्ट ने 19 दिन की बजाय 48 घंटे में बहुमत साबित करने का मौका दिया. सदन में शिबू सोरेन बहुमत नहीं हासिल कर पाए और सरकार गिर गई.

Karnataka Floor Test, jharkhand, goa, political drama of Karnataka, Supreme Court, Majority, Karnataka Assembly, Governor Vajubhai Vala, BJP, BS Yeddyurappa, Mukul Rohatgi, jds, congress, rahul gandhi, narendra modi, कर्नाटक, झारखंड, गोवा, राजनीतिक नाटक, कर्नाटक, सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक विधानसभा, राज्यपाल वजूभाई वाला, बीजेपी, बीएस येदियुरप्पा, जेडीएस, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी, एचडी कुमारस्वामी, karnataka verdict,HD Kumarswami, HD Deve Gowda,Jagdambika Pal, जगदंबिका पाल, shibu soren, शीबू सोरेन,           शिबू सोरेन (फाइल फोटो)

दूसरा मामला पिछले वर्ष गोवा में हुआ. बीजेपी की सीटें कांग्रेस से कम होने के बावजूद राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया. बहुमत साबित करने के बाद दो सप्ताह का वक्त दिया. कांग्रेस ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी. हालांकि बीजेपी ने बहुमत हासिल कर लिया था.

बर्खास्‍त हुई थी जगदंबिका पाल की सरकार
Loading...
साल 1996 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी को बहुमत नहीं मिला था. बीजेपी को लगभग पौने दो सौ सीटें मिली थीं लेकिन बहुमत से दूर थी. सपा 100 से अधिक तो बसपा को 60 से अधिक सीटें मिलीं. कांग्रेस सिर्फ 33 सीट पर सिमट गई थी. कोई पार्टी अकेले सरकार बना पाने की स्थिति में नहीं थी. राज्यपाल रोमेश भंडारी ने राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगा दिया था.

फिर बीजेपी और बीएसपी ने गठबंधन की सरकार बनाई. लेकिन वह ज्‍यादा दिन नहीं टिक सकी. फिर बीजेपी नेता कल्‍याण सिंह ने जोड़तोड़ कर सरकार बनाई. लेकिन 21 फरवरी 1998 को राज्यपाल भंडारी ने कल्याण सिंह को बर्खास्त कर जगदंबिका पाल को शपथ दिला दी. अगले ही दिन राज्यपाल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. हाईकोर्ट ने राज्यपाल का आदेश बदल दिया. फिर जगदंबिका को कुर्सी छोड़नी पड़ी.

 Karnataka Floor Test, jharkhand, goa, political drama of Karnataka, Supreme Court, Majority, Karnataka Assembly, Governor Vajubhai Vala, BJP, BS Yeddyurappa, Mukul Rohatgi, jds, congress, rahul gandhi, narendra modi, कर्नाटक, झारखंड, गोवा, राजनीतिक नाटक, कर्नाटक, सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक विधानसभा, राज्यपाल वजूभाई वाला, बीजेपी, बीएस येदियुरप्पा, जेडीएस, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी, एचडी कुमारस्वामी, karnataka verdict,HD Kumarswami, HD Deve Gowda,Jagdambika Pal, जगदंबिका पाल, shibu soren, शीबू सोरेन,          फाइल फोटो - जगदंबिका पाल

... और अब कर्नाटक का नाटक

कर्नाटक के गवर्नर वजुभाई वाला ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. बीएस येदियुरप्पा ने विवादों के बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. राज्यपाल वजुभाई वाला ने बहुमत वाले कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया, जिसे लेकर दोनों पार्टियां नाराज़ थीं. इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है. फिलहाल कर्नाटक में भाजपा के पास 104 सीटें हैं जबकि कांग्रेस और जेडी(एस) के संयुक्त गठबंधन ने पहले ही 116 सदस्यों की लिस्ट राज्यपाल को सौंप दी है. ऐसे में कांग्रेस के पास जेडी(एस) के समर्थन की वजह से बहुमत है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर