कन्हैया पर केजरीवाल सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया, सभी खबरें अफवाह

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Updated: September 6, 2019, 3:56 PM IST
कन्हैया पर केजरीवाल सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया, सभी खबरें अफवाह
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले पर सफाई दी. केजरीवाल ने कहा कि यह महज अफवाह है, सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है.

पहले मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा गया था कि आप सरकार दिल्ली पुलिस को कन्हैया व 9 अन्य पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं देगी.

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  • Last Updated: September 6, 2019, 3:56 PM IST
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नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस में फरवरी 2016 के दौरान कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने को लेकर कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और 9 अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने का मुद्दा शुक्रवार को एक बार फिर गरमा गया. पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स (Media Reports) ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) अब इन सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दिल्ली सरकार को नहीं देगी. इसके कुछ ही देर बाद दोपहर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले पर सफाई दी. केजरीवाल ने कहा कि यह महज अफवाह है, सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है.

अफवाह के अलावा कुछ नहीं
सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ऐसी खबरें उनके सुनने में भी आई हैं कि कन्हैया कुमार और 9 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत सरकार दिल्ली पुलिस को नहीं देगी. लेकिन मैं पहले भी कह चुका हूं और फिर कह रहा हूं कि इस मसले पर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है और यह खबर अफवाह के अलावा कुछ भी नहीं है.


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सत्येंद्र जैन के हवाले से आई थी खबर
इससे पहले दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स आई थीं. इनमें बताया गया था कि जैन के अनुसार पुलिस ने जो भी साक्ष्य पेश किए हैं उनके अनुसार कन्हैया और अन्य लोगों पर देशद्रोह का मामला नहीं बनता है. उन्होंने कहा था कि आप सरकार के विचार को उस कोर्ट के समक्ष भी पेश किया जाएगा जहां पर मामले की सुनवाई की जा रही है. साथ ही दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस को भी इस मामले में दिल्ली सरकार के रुख से अवगत करवाया जाएगा. गौरतलब है कि देशद्रोह जैसे मामले में कोर्ट पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान नहीं ले सकता है उसके लिए संबंधित राज्य के गृह मंत्रालय की मंजूरी जरूरी होती है. लेकिन ‌इसके बाद भी अंतिम फैसला कोर्ट पर ही निर्भर करता है.

क्या था मामला
फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस दौरान कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाए गए थे. इसके बाद देशभर में जमकर हंगामा हुआ था. इसके लिए कन्हैया कुमार और 9 अन्य लोगों पर कार्यक्रम में शामिल होने और देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगा था. उसके बाद जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था.

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First published: September 6, 2019, 2:20 PM IST
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