संसद हमला: 100 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद अब ऐसी है सुरक्षा

हमले के बाद ही संसद भवन की सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया था. चप्पे-चप्पे को सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया गया है. जानकार बताते हैं कि करीब 100 करोड़ रुपये खर्च कर संसद भवन की सुरक्षा को कई चक्रों वाला बनाया गया है.

News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 12:53 PM IST
संसद हमला: 100 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद अब ऐसी है सुरक्षा
फाइल फोटो- 2001 में संसद हमले के बाद से 100 करोड़ रुपये खर्च कर सुरक्षा बढ़ाई गई थी.
News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 12:53 PM IST
चाकू लेकर संसद भवन (sansad Bhawan) में घुसने की कोशिश कर रहे है एक व्यक्ति को पकड़ा गया है. पूछताछ में यह व्यक्ति अपने को राम-रहीम का समर्थक बता रहा है. इस घटना के बाद से संसद हमले की यादें ताजा हो गई हैं. 2001 में कई आतंकवादी (terorrist) कार लेकर संसद भवन के अंदर तक घुस गए थे. फायरिंग भी हुई थी. यह ही वजह है कि इस हमले के बाद ही संसद भवन की सुरक्षा (security) को और बढ़ा दिया गया था. चप्पे-चप्पे को सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया गया है. जानकार बताते हैं कि करीब 100 करोड़ रुपये खर्च कर संसद भवन की सुरक्षा को कई चक्रों वाला बनाया गया है.

अब कुछ इस तरह की है संसद भवन की सुरक्षा

संसद भवन के अंदर सीआरपीएफ, दिल्ली पुलिस और क्यूआरटी(क्‍यूक रिस्‍पॉन्‍स टीम) को तैनात किया गया है.  मुख्य जगहों पर अतिरिक्त स्नाइपर तैनात किये गये हैं. इतना ही नहीं इसके साथ न दिखने वाला सुरक्षा कवर भी बढ़ा दिया गया है. किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए आतंक निरोधी दस्ते लगातार औचक निरीक्षण करता रहता है. बता दें कि कई उच्च तकनीक वाले उपकरण जैसे बुम बैरियर्स और टायर बस्टर्स लगाने में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किये गये.

कैमरों से ऐसे मिलती है एंट्री 

संसद भवन परिसर में दाखिल होने के लिए 10 से अधिक गेट हैं. हर एक गेट पर कड़ी सुरक्षा होती है. फिर चाहें गेट खुला हो या बंद. वहीं सभी गेट पर कुछ ऐसे भी कैमरे लगे हैं जो संसद भवन परिसर में आने-जाने वाले वाहनों पर लगे स्टीकर को रीड करते हैं. रीड करने के बाद बैरियर का गेट खुद-बा-खुद उठ जाता है. अगर किसी गाड़ी पर यह स्टीकर नहीं होगा तो बैरियर भी नहीं उठेगा.

मुश्किल होता है बैरियर को पार करना

जानकार बताते हैं कि 2001 के हमले के बाद से संसद भवन की सुरक्षा को कई लेयर वाला बनाया गया है. खास बात यह है कि आज की तारीख में किसी भी शख्स के लिए गेट पर बने बैरियर को ही पार कर पाना आसान नहीं होता है. बैरियर तक आने से पहले ही मैटल डिटेक्टर से जांच की जाती है. उसके बाद बैरियर पर जाने की अनुमति होती है. बैरियर पर भी हथियारों से लैस कई सुरक्षाकर्मी न दिखाई देने वाले घेरे में खड़े रहते हैं.
Loading...

40000 हिन्‍दुओं का एक सवाल- वो कौन हैं जो हमें मिजोरम में नहीं रहने दे रहे

कौन हैं यह 40 हजार हिन्दू शरणार्थी जो रोज 600 ग्राम चावल और 5 रुपये में कर रहे गुजारा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 2, 2019, 11:58 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...