LOK SABHA ELECTIONS 2019: दिल्ली की नार्थ-वेस्ट सीट पर 'आप' ने गुग्गन सिंह को उतार कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया

News18Hindi
Updated: May 21, 2019, 1:34 PM IST
LOK SABHA ELECTIONS 2019: दिल्ली की नार्थ-वेस्ट सीट पर 'आप' ने गुग्गन सिंह को उतार कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया
फोटो साभार: गुग्गन सिंह के फेसबुक वॉल से

दिल्ली की नार्थ-वेस्ट संसदीय सीट से आम आदमी पार्टी ने इस बार गुग्गन सिंह को अपना चेहरा बनाया है. गुग्गन सिंह बीजेपी के टिकट पर बवाना से एक बार विधायक भी रह चुके हैं. गुग्गन सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह उत्तर-पश्चिम दिल्ली की और विधानसभाओं में भी पिछड़े और दलित वोटबैंक में गहरी पैठ रखते हैं.

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दिल्ली की नार्थ-वेस्ट संसदीय सीट से आम आदमी पार्टी ने इस बार गुग्गन सिंह को अपना चेहरा बनाया है. गुग्गन सिंह बीजेपी के टिकट पर बवाना से एक बार विधायक भी रह चुके हैं. गुग्गन सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह उत्तर-पश्चिम दिल्ली की और विधानसभाओं में भी पिछड़े और दलित वोटबैंक में गहरी पैठ रखते हैं. उत्तर-पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट मतदाताओं की संख्या के लिहाज से दिल्ली की सबसे बड़ी लोकसभा सीट है.

यह साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई. यह एक सुरक्षित सीट है. बाहरी दिल्ली के ज्यादातर इलाके जो गांव का हिस्सा हैं, वह इस सीट में आते हैं. मिश्रित आबादी वाले इस सीट में कच्ची और पुर्नवास कॉलोनियों में सामाजिक रूप से पिछड़े लोग रहते हैं. गुग्गन सिंह के बारे में कहा जाता है कि उनका गांव में संपर्क  ठीक-ठाक है. आम आदमी पार्टी ने जेजे कलस्टर और अनधिकृत कॉलोनियों में काम किया है, उसका फायदा गुग्गन सिह को मिल सकता है.

'आप' समर्थकों के साथ संजय सिंह


दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की उत्तर-पश्चिम ससंदीय सीट पर इस बार का मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. इसके बावजूद यहां पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच माना जा रहा है. बीजेपी उम्मीदवार हंसराज हंस को मोदी और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट मिलते दिख रहे हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में गुग्गन सिंह ने अपनी पैठ बनाई है. गुग्गन सिंह को स्थानीय होने के कारण कुछ फायदा मिलता दिख रहा है.

गुग्गन सिंह को मंगोलपुरी और सुल्तानपुरी जैसे इलाके में भी वोट अच्छी पैठ देखी गई, लेकिन भीतरघात के कारण गुग्गन सिंह को नुकसान भी हो सकता है. मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, किराड़ी यह इलाके कांग्रेस के गढ़ माने जाते थे, लेकिन अब यहां पर आप ने अपने पैर जमा लिए हैं. इसके चलते कांग्रेस और आप में वोट बंट रहा है.

फाइल फोटो: मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल


उत्तर-पश्चिम संसदीय सीट में 10 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. सुल्तानपुर माजरा, रोहिणी, मंगोलपुरी, किराड़ी, समयपुर-बादली, नरेला, नांगलोई, मुंडका, रिठाला और बवाना. इसमें रोहिणी विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सीट पर आप ने जीत दर्ज कर रखी है.
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नॉर्थ वेस्ट लोकसभा सीट पर सबसे अधिक 21 फीसदी दलित मतदाता और 20 फीसदी ओबीसी मतदाता हैं. रिजर्व सीट होने के नाते यहां से सिर्फ अनूसूचित जाति के कैंडिडेट ही मैदान में होते हैं ऐसे में दलित वोट बैंक अक्सर बंट जाता है. ऐसे में ओबीसी के अलावा 16 फीसदी जाट, 12 फीसदी ब्राह्मण, 10 फीसदी बनिया और आठ फीसदी मुस्लिम मतदाता काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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First published: May 21, 2019, 1:34 PM IST
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