बुराड़ी के 6 गज के छोटे से मकान की लंबी है कहानी

न्यूज 18 हिंदी (News 18 Hindi) की तहकीकात में बुराड़ी (Burari) के छोटे से घर की कहानी रोचक कहानी सामने आई. इस घर के साथ-साथ घर बनाने वाले की भी कहानी कम दिलचस्प नहीं है. घर बनाने का आइडिया और घर को बनाने वाला पेशे से क्या करता है और आखिर कैसे उसने 6 गज की जमीन पर 16 गज का मकान बना डाला?

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: September 6, 2019, 1:52 PM IST
बुराड़ी के 6 गज के छोटे से मकान की लंबी है कहानी
न्यूज 18 हिंदी की तहकीकात में पता चला है कि वास्तव में बुराड़ी की इस छोटे से घर की कहानी काफी बड़ी है.
Ravishankar Singh
Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: September 6, 2019, 1:52 PM IST
दिल्ली. महानगर में पिछले कुछ दिनों से बुराड़ी (Burari) इलाके में 6 गज में बना एक मकान चर्चा में है. महज 6 गज जमीन पर पांच आदमियों का परिवार कैसे गुजर-बसर कर रह रहा है, इसको लेकर सहज ही मन में तरह-तरह के सवाल उठने लगते हैं. क्या कोई 6 गज जमीन में अपना आशियाना बना सकता है? लेकिन, सच में दिल्ली के बुराड़ी इलाके में 6 गज जमीन पर ना सिर्फ एक खूबसूरत मकान बना है, बल्कि उसमें पांच सदस्यों का एक परिवार भी रह रहा है. न्यूज 18 हिंदी की तहकीकात में पता चला है कि वास्तव में बुराड़ी की इस छोटे से घर की कहानी काफी बड़ी है. इस घर के साथ-साथ घर बनाने वाले की भी कहानी कम दिलचस्प नहीं है. घर बनाने का आइडिया और घर को बनाने वाला पेशे से क्या करता है? आखिर  कैसे 6 गज  जमीन पर 16 गज का कमरा बना लिया? तो जानते हैं कि इस इमारत के पीछे असली दिमाग और कारीगरी किसकी है.

6 गज में बना एक सुंदर सा घर
बुराड़ी मेन रोड से जब संत नगर मेन मार्केट के आखिरी हिस्से में पहंचते हैं तो दाहिने हाथ पर एक छोटी सी चौधरी डेयरी नजर आती है. आपको वहां से ही स्थानीय लोग 6 गज की जमीन पर बने मकान के बारे में बताने लगेंगे. न्यूज 18 हिंदी ने जब 6 गज जमीन वाली इमारत के बारे में एक राहगीर से पूछा तो उसने कहा कि- दूर सामने जो यादवेंद्र स्कूल नजर आ रहा है उससे पहले ही गली नंबर 62 है. उस गली में प्रवेश करने के बाद आप बायें मुड़ जाएं तो गली का अखिरी मकान ही 6 गज वाला घर है.

गली के सबसे अंतिम में जो बिल्डिंग दिखाई देगा वही 6 गज की जमीन पर बनी मकान है.
गली के अंत में जो बिल्डिंग दिखाई देगी वही 6 गज की जमीन पर बना मकान है.


आखिर किसका आइडिया है छोटा घर
अच्छा मकान देखकर आप कारीगर की तारीफ न करें ऐसा हो नहीं सकता. यहां आने वाला हर शख्स कारीगर की तारीफ करते नहीं थकता. लेकिन इस मकान को बनाने वाला अब इस इलाके में नहीं रहता है. लोगों से पता चला कि मकान बनाने वाला एक मजदूर था, जो बाद में राजमिस्त्री (मकान बनाने वाला कारीगर) बन गया. वह इलाके के ही एक ठेकेदार के यहां नौकरी किया करता था. उस ठेकेदार का काम था, इलाके की जमीन की प्लॉटिंग कर और फिर बेच देना. क्योंकि, जिस जमीन पर यह मकान बना हुआ है वहीं से गली नंबर 65 के लिए रास्ता निकलना था. इसलिए रास्ता निकलने के बाद कोने की 6 गज जमीन बच गई. उस कारीगर ने ठेकेदार से 6 गज का हिस्सा अपने नाम करवा लिया. ये भी बताया जा रहा है कि  ठेकेदार ने एक लाख रुपये में जमीन बेची थी.

6 गज की जमीन कैसे ऊपर 16 गज की हो गई
Loading...

इस जगह पर आने-जाने वाला हर शख्स हैरान है कि एक कारीगर, जो कभी मजदूर था, उसने इस 6 गज जमीन पर इतना सुंदर मकान बना डाला. इतना ही नहीं यह मकान अब बुराड़ी के लिए ही नहीं पूरे दिल्ली के लिए किसी अजूबे से कम नहीं है. इस दो मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर से ही पहली मंजिल पर जाने का रास्ता निकलता है और ग्राउंड फ्लोर पर ही सीढ़ियों से सटा एक बाथरूम भी है. ग्राउंड फ्लोर पर इसके अलावा कुछ नहीं है. अगर आप पहली मंजिल पर जाएंगे तो एक बेड रूम और उससे सटा एक बाथरूम नजर आएगा. बेडरुम से ही दूसरी मंजिल के लिए एक रास्ता निकाला गया है. पहली मंजिल पर पहुंचते ही एक बेड आपको नजर आएगा. उस बेड को इस मकान के पहले मालिक ने कमरे के अंदर ही बनवाया था. तब से अब तक बेड उसी जगह पर है जहां वह पहले दिन से लगा था. मकान तिकोने आकार का है. यानी दरवाजे से शुरू होकर अंत तक जाते-जाते दीवारें त्रिभुज की तरह जुड़ जाती हैं.

पवन कुमार उर्फ सोनू इस मकान के मौजूदा मालिक हैं.
पवन कुमार उर्फ सोनू इस मकान के मौजूदा मालिक हैं.


अब 6 गज का मकान का मालिक कौन है
आज हकीकत ये है कि इस 6 गज के मकान से ही इलाके के वजूद का पता चल रहा है. पवन कुमार उर्फ सोनू इस मकान के मौजूदा मालिक हैं. न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में सोनू कहते हैं, 'इस मकान को हमने 5-6 साल पहले अरुण कुमार नाम के एक शख्स से खरीदा था. अरुण कुमार बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला था और उसने खुद ही इस मकान को बनाया था. यह मकान तिकोना है. मकान नीचे तो 6 गज का है लेकिन आप जब ग्राउंड फ्लोर से ऊपर की तरफ जाएंगे तो इस मकान की लंबाई और चौड़ाई बढ़ जाती है. मकान दो तरफ से खुला हुआ है. इसलिए पहले फ्लोर से ही मकान 16 गज का नजर आता है. ढाई फुट का छज्जा दो रास्तों पर निकला हुआ है, जिससे ऊपर जगह बढ़ गई है.'

मकान के असली मालिक मकान ने क्यों बेच दिया
जहां एक ओर तंग गलियों से निकलने पर लोग झल्ला जाते हैं, वहीं दूसरी ओर एक शख्स ने तंग जमीन पर दो मंजिला इमारत खड़ी कर दी है. इस मकान को अरुण कुमार ने खुद बनाया था. वह खुद राजमिस्त्री था. आस-पास के लोगों का कहना है कि वह जुएबाज था और एक ही रात काफी रकम जुए में हार गया. इस लत की वजह से उस पर काफी कर्ज भी हो गया था. कर्ज चुकाने के लिए उसने सोनू को रातोंरात जमीन की पावर ऑफ एटार्नी नाम कर दी है. क्योंकि यह कच्ची कालोनी है इसलिए यहां पर मकान की रजिस्ट्री नहीं होती है. हालांकि, बिजली और पानी की कोई दिक्कत नहीं है.

इस 6 गज की जमीन को बेचकर अरुण अंडरग्राउंड हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कहां और कैसे रह रहा है ये लोगों को पता नहीं है, लेकिन वह अच्छा आदमी था और दिमाग बहुत था. वह अपने चार-पांच भाइयों के साथ इस इलाके में रहता था. जबसे मकान बेचा है वह संपर्क में नहीं है. घर के मौजूदा मालिक सोनू ही नहीं दूसरे पड़ोसियों ने भी कहा कि अरुण पर लोगों का कर्जा काफी हो गया था. वह कर्जा चुकाने में असमर्थ था इसलिए अंडरग्राउंड हो जाना ही सही समझा.

अरुण कर्जा चुकाने में असमर्थ था इसलिए अंडरग्राउंड हो जाना ही बेहतर समझा
अरुण कर्जा चुकाने में असमर्थ था इसलिए अंडरग्राउंड हो जाना ही बेहतर समझा


मौजूदा मकान मालिक क्या करता है
वहीं मकान के मौजूदा मालिक सोनू अपने बारे में कहते हैंं कि उसके पिता दिल्ली पुलिस में थे, लेकिन साल 2004 में ही उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई. सोनू के मुताबिक -"हम चार भाई-बहन हैं. मेरी दो बहन और एक भाई दिल्ली पुलिस में है और मैं बिल्डिंग बनाने का कारोबार करता हूं." इस मकान बेचने के सवाल पर सोनू कहते हैं, "फिलहाल वह मकान नहीं बेचेगां, लेकिन अगर सही कीमत मिल जाए तो बेच भी सकता हूं. कुछ लोगों ने हमसे मकान खरीदने के लिए संपर्क किया है और वह 15 लाख रुपये तक इसकी कीमत लगा रहे हैं."

हालांकि अब वो अपना मकान बेचना नहीं चाहते है. क्योंकि इसी मकान की वजह से बहुत सारे लोग देखने आते हैं. सोनू कहते हैं - "मकान का सुर्खियों मे आना मेरे मकान ना बेचने की वजह है. अगर कोई 50-60 लाख देता है तो फिर बेच दूंगा वरना इसको अब अपने पास ही रखूंगा."

मौजूदा मालिक का कहना है कि 50-60 लाख रुपए अगर कोई देता है तो फिर बेच दूंगा वरना इसको अब अपने पास ही रखूंगा.
मौजूदा मालिक का कहना है कि 50-60 लाख रुपये अगर कोई देता है तो फिर बेच दूंगा वरना इसको अब अपने पास ही रखूंगा.


मकान में अब कौन रहता है
मकान में किराएदार के तौर पर रह रही यूपी के बांदा जिले की पिंकी ने न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहती हैं,- "पिछले कुछ दिनों से काफी लोग मकान देखने आ रहे हैं, जिससे हमको दिक्कत हो रही है. मेरे पति का नाम संजय है और वह ड्राइवर हैं. गाड़ी चलाकर अपना घर चलाते हैं. 3500 रुपये किराया देती हूं और करीब 150-200 रुपये तक बिजली का बिल आ जाता है. हमारे तीन बच्चे हैं. दो बेटे और एक बेटी. हमलोग सभी इसी मकान में रहते हैं. बीते 6 महीने से इस मकान में रह रही हूं. पहले लगता था कि कैसे तंग घर में रह रहे हैं लेकिन बाद में आदत पड़ गई. अब अच्छा लगता है कि हमारे इस मकान को पूरा दिल्ली जानने लगा है और घर को देखने दूर-दूर से लोग भी आते हैं."



एक घर की जरूरत के हिसाब से इस घर में सभी कुछ मौजूद हैं. सिंगल बेड, साइड टेबल पर टीवी रखा है. सीलिंग फैन भी चल रहा है. घर की हाइट भी अच्छी है, जिससे गर्मी नहीं लगती है. घर दो तरफ से हवादार भी है. फर्श भी अच्छा है और बढ़िया पत्थर लगा हुआ है. सबसे ऊपर पानी की टंकी रखी है. यह घर पांच पिलरों पर टिका हुआ है. घर की एक ही तरफ पांच शानदार खिड़कियां खुली हैं और कहा जा सकता है इतने छोटे से घर में भी रहने पर घुटन नहीं महसूस होगी.

ये भी पढ़ें: 

PHOTOS: अंदर से कुछ ऐसा दिखता है दिल्ली का 6 गज वाला मकान
आरिफ मोहम्मद खान बोले- मोदी राज में अखंड भारत बनने की अपार संभावनाएं
अकबर रोड की नई पहचान होगी अब 'गरवी गुजरात भवन'
पत्नी का शौक पूरा करते-करते पति हुआ कंगाल, फिर क्या हुआ..
मां होटल मालकिन, बाप कोरिया में और बेटे का काम हवाई जहाज में चोरी करना
किस पाकिस्तानी PM ने चुपके से कर ली थी शादी, उसके बाद वहां ट्रिपल तलाक हुआ

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 4, 2019, 1:30 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...