कार चोरी के मैनेजमेंट गुरु

खास बात ये है कि व्हॉट्सअप पर ऑर्डर मिलने के बाद कार चोरी की जाती थी.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: October 11, 2017, 3:42 PM IST
कार चोरी के मैनेजमेंट गुरु
खास बात ये है कि व्हॉट्सअप पर ऑर्डर मिलने के बाद कार चोरी की जाती थी.
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: October 11, 2017, 3:42 PM IST
कोई सामान बनाने और बेचने के लिए तो आपने कंपनी बनाने की बात जरूर सुनी होगी. लेकिन कारों की चोरी करने के लिए कंपनी बनाने की बात शायद आपने कभी नहीं सुनी होगी. आज हमको दिल्ली की एक ऐसी ही चोर मंडली के बारे में बताने जा रहे हैं.

एक दर्जन से अधिक चोरों ने ये कंपनी बनाई हुई थी. कंपनी में सभी को अलग-अलग काम बांटे गए थे. यहां तक की कंपनी में अकाउंट सेक्शन भी था. ये सेक्शन बेची गईं चोरी की कारों का हिसाब-किताब रखता था.

खास बात ये है कि व्हॉट्सअप पर ऑर्डर मिलने के बाद कार चोरी की जाती थी. चोरी की कार बेचने वाली लाला कंपनी डेढ़ साल में 500 से अधिक चोरी की कार बेच चुकी है.

यूनिट में काम करती थी चोर कंपनी

चोर कंपनी ने चार से पांच यूनिट बनाई हुईं थी. एक यूनिट कार का ऑर्डर लाने और पुरानी खटारा कार खरीदने का काम करती थी. दूसरी यूनिट कार चुराती थी. तीसरी यूनिट चोरी की कार का रंग और इंजन-चेसिस नम्बर बदलने का काम करती थी. वहीं चौथी यूनिट कई राज्यों में कार को बेचने का काम करती थी. पांचवी यूनिट थी हिसाब-किताब रखने वाली. कितनी कार बेची गईं और कितना पेमेंट आया और कितनी पेमेंट बाकी है चोर कंपनी में ये हिसाब भी रखा जाता था.

पहले एक्सीडेंट वाली कबाड़े की कार खरीदती है चोर कंपनी
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए चोर कंपनी के सदस्यों ने बताया कि पहले वो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी के कबाड़ी बाजार से खटारा कार खरीदते थे. साथ में उसके कागज भी ले लेते थे. इसके बाद खटारा कार का मॉडल, कंपनी और रंग कार चोरी करने वाली कंपनी को व्हॉट्सअप कर दिया जाता था.

दिल्ली की कॉलोनियों में घूमती थी चोर यूनिट
कंपनी की चोर यूनिट एक बार व्हॉट्सअप पर ऑर्डर मिलने के बाद सक्रिय हो जाती थी. ऑर्डर मिलते ही चोर दिल्ली की कॉलोनियों और बाजारों में घूमते थे. ऑर्डर वाली कार की रेकी करते थे. उसके बाद मौका मिलते ही कार को चोरी कर लेते थे.

बदल दिए जाते थे इंजन-चेसिस नम्बर और रंग
कार चोर कंपनी में दो सदस्य ऐसे भी हैं जो कार के इंजन-चेसिस नम्बर बदलने में माहिर हैं. कार चोरी करने के बाद इन दो सदस्यों को दे दी जाती है. ये खटारा कार से चोरी की कार के इंजन-चेसिस नम्बर बदल देते हैं. इतना ही नहीं जो खटारा कार का ऑरजिनल रंग होता है वो ही चोरी की कार पर कर दिया जाता है.

पंजाब और पूर्वात्तर राज्यों में बेची जाती हैं चोरी की कार
कार चोर कंपनी का सरगना कमल उर्फ लाला पहले शराब तस्करी करता था. पुलिस को पूछताछ में लाला ने बताया कि चोरी की सबसे ज्यादा कार पंजाब और पूर्वात्तर के राज्यों में खपाई जाती थी. उसके बाद हरियाणा और यूपी में बेची जाती थीं. इतना ही नहीं दिल्ली से चोरी की गईं कार बड़ी ही सफाई के साथ दिल्ली में भी बेची जाती थी.

डेढ़ साल में चुराई 500 कार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोर कंपनी ने पिछले डेढ़ साल में 500 से अधिक कार चुराई हैं. इस बात का खुलासा कार चोर कंपनी के अकाउंट सेक्शन से हुआ है. फाइलों में दर्ज कागजों से पता चला है कि चोर कंपनी अब तक 500 से अधिक लग्जरी कार बेच चुकी है.
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