सावधान! मिलावटी निवाला खिलाया तो जिंदगी भर काटेंगे जेल, सख्त हुई मोदी सरकार

मोदी सरकार (Modi Government) लेकर आ गई है नया 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019' (New Consumer Protection Bill 2019) कानून. नए कानून में अगर मिलावटी और नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता (Consumer) की मौत (Death) होती है तो कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना और उम्रकैद (Life Sentence) की सजा का प्रावधान किया गया है.

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 4:46 PM IST
सावधान! मिलावटी निवाला खिलाया तो जिंदगी भर काटेंगे जेल, सख्त हुई मोदी सरकार
मोदी सरकार ने कानून को बेहद किया सख्त, मिलावटी खाने से हुई मौत तो हो सकती है उम्रकैद
Ravishankar Singh
Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 4:46 PM IST
अगर आप मिलावटी और नकली (Adulterated and Counterfeit) सामान बेचते हैं, तो हो जाइए सावधान. आने वाले कुछ ही दिनों में मोदी सरकार (Modi Government) मिलावटी और नकली सामान बेचने वालों के अच्छे दिन को बुरे दिन में तब्दील कर देगी. आने वाला दिन ऐसा सामान बेचने वालों के लिए कष्टकारक हो सकता है. मोदी सरकार लेकर आ गई है नया 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019' (New Consumer Protection Bill 2019) कानून. नए कानून में अगर मिलावटी और नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता (Consumer) की मौत (Death) होती है तो कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना (Penalty) और उम्रकैद (Life Sentence) तक की सजा का प्रावधान किया गया है.

उपभोक्ताओं के हितों (Consumers Interest) का ध्यान रखते हुए मोदी सरकार ने 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019' को संसद के दोनों सदनों से पास करा दिया है. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब यह पूरे देश में लागू हो जाएगा. मोदी सरकार ने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (Ministry of Consumer Affairs) को इस साल के अंत तक पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि साल के अंत तक यह नियम प्रभावी हो जाएगा


क्या खास है 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019' में

मंगलवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के लागू हो जाने के बाद कोई भी दुकानदार या उत्पाद निर्माता कंपनी अब उपभोक्ताओं को धोखा नहीं दे सकती. नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 का स्थान लेगा. इस बिल के पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ता विवादों के भी समय से निपटारे में मदद मिलेगी.'

रामविलास पासवान का कहना है कि तीन महीने के अंदर ही अधिनियम के तहत नए कानून बना लिए जाएंगे. नए अधिनियम में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अथॉरिटी (सीसीपीए) के गठन का प्रावधान एक क्रांतिकारी कदम है. इसमें उपभोक्ताओं को अनुचित व्यापार व्यवहारों से होने वाले नुकसान से बचाने, उपभोक्ता शिकायत निपटारे से जुड़ी एजेंसियों का अधिकार बढ़ाने और उपभोक्ता विवाद की न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रावधान किया गया है.

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में भ्रामक विज्ञापनों पर भी शिकंजा कसा गया है.

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 भ्रामक विज्ञापनों पर भी शिकंजा कसेगा
बता दें कि नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में भ्रामक विज्ञापनों पर भी शिकंजा कसा गया है. मैन्युफैक्चरर के साथ साथ भ्रामक विज्ञापनदाताओं और उत्पादों की अनुशंसा करने वाले सेलेब्रिटीज के खिलाफ भी अब कड़े प्रावधान किए गए हैं.

नए कानून के आ जाने से देश के पांच सितारा होटलों में सामान्य खाद्य पदार्थों का मनमाने और कई गुना ज्यादा कीमत वसूलने पर भी अब लगाम लगेगी. इस संबंध में मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए तत्काल प्रभाव से अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं.

देश के पांच सितारा होटलों में सामान्य खाद्य पदार्थों के मनमाने और कई गुना ज्यादा कीमत वसूलने पर भी अब लगाम लगेगी


उपभोक्ताओं के अधिकारों को कैसे सुनिश्चित करता है
-उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुनिश्चित करता है और खराब वस्तुओं एवं सेवाओं में दोष से संबंधित शिकायतों को तुरंत निपटारा करेगा.
-उपभोक्ताओं की शिकायतों पर फैसला करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों का गठन किया जाएगा. जिला और राज्य आयोग के खिलाफ अपीलों की सुनवाई राष्ट्रीय आयोग में होगी और राष्ट्रीय आयोग के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की जाएगी.
-उपभोक्ता अधिकारों को बढ़ावा देने, उनका संरक्षण करने और उन्हें लागू करने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अथॉरिटी का गठन किया गया है. अथॉरिटी वस्तुओं और सेवाओं के लिए सेफ्टी नोटिस, रीफंड का आदेश, वस्तुओं को रिकॉल करने और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ नियम भी बना सकती है.
-अगर खराब वस्तु या दोषपूर्ण सेवा से किसी उपभोक्ता को कोई नुकसान होता है, तो वह मैन्युफैक्चरर, विक्रेता या सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ प्रॉडक्ट लायबिलिटी का दावा कर सकता है.
उ-पभोक्ता संरक्षण परिषद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर परामर्श निकाय के रूप में उपभोक्ता संरक्षण परिषदों (सीपीसीज) का गठन करता है. परिषदें उपभोक्ता अधिकारों को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण के लिए परामर्श देंगी.
-अगर किसी उत्पाद में कोई खराबी या सेवा में कोई दोष पाया जाता है तो बिल उपभोक्ता को मैन्युफैक्चरर, विक्रेता या सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ प्रॉडक्ट लायबिलिटी का दावा करने की अनुमति देता है. मुआवजे का दावा किसी भी नुकसान के लिए किया जा सकता है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं.

(1) संपत्ति का नुकसान, (2) व्यक्तिगत क्षति, बीमारी या मृत्यु, और (3) इन परिस्थितियों के साथ मानसिक कष्ट या भावनात्मक नुकसान.

नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में एक कॉन्ट्रैक्ट को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं.


अनुचित कॉन्ट्रैक्ट्स
नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में कॉन्ट्रैक्ट को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं. इससे उपभोक्ता के अधिकारों में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन आ सकते हैं. बहुत अधिक सिक्योरिटी डिपॉजिट की मांग हो या फिर कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने पर भी अब दंड का प्रावधान किया गया है. अगर उपभोक्ता किसी कर्ज का रीपेमेंट पहले करना चाहे तो इसे लेने से इनकार करने पर अब सख्त नियम बनाए गए हैं. बिना किसी उचित कारण के कॉन्ट्रैक्ट को समाप्त करना, बिना उपभोक्ता की सहमति के कॉन्ट्रैक्ट को थर्ड पार्टी को ट्रांसफर करना, जिससे उपभोक्ता का नुकसान होता हो तो ऐसे मामलों में अब उपभोक्ता के हितों को प्राथमिकता दी गई है.

अगर उपभोक्ता मिलावटी और नकली सामान बेचने की शिकायत फोरम में करता है तो सजा का प्रावधान इस प्रकार है.

  • मिलावटी और नकली सामान बेचने पर छह महीने की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माना

  • मिलावटी और नकली सामान बेचने से उपभोक्ता को मामूली नुकसान होता है तो एक साल की सजा और तीन लाख तक जुर्माना

  • मिलावटी और नकली सामान बेचने पर गंभीर नुकसान होने पर सात साल की सजा और 5 लाख तक जुर्माना

  • मिलावटी और नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता की मौत होती है तो कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना और उम्रकैद तक की सजा


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First published: August 14, 2019, 4:17 PM IST
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