अब ड्रोन हमलों से निपटने के लिए केंद्र बना रहा खास प्‍लान

खतरनाक ड्रोन (Drone) हमलों का मुकाबला करने के लिए जल्द ही देशभर में संवेदनशील इमारतों की पहचान की जाएगी. इसके लिए गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने एक विशेष कमेटी बनाई है.

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 3:45 PM IST
अब ड्रोन हमलों से निपटने के लिए केंद्र बना रहा खास प्‍लान
दिल्‍ली को ड्रोन हमलों से बचाने के लिए केंद्र सरकार का सीक्रेट प्‍लान.
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 3:45 PM IST
ड्रोन (Drone) यानी हवाई कैमरों का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों (Security agencies) के लिए नया सिरदर्द बनता जा रहा है. लिहाजा इनके खतरों से निपटने के लिए संबधित एजेंसियां खास प्लान बनाने जा रही हैं. यह प्‍लान गृह मंत्रालय (home ministry) की देखरेख में तैयार होगा. इसके लिए सरकार ने विशेष कमेटी बनाई है. इसमें ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च डेवलपमेंट (BPRD), दिल्ली पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षा बल और डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के नुमाइंदे प्रमुख होंगे.

क्या है ये प्लान?
खतरनाक ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए जल्द ही देशभर में संवेदनशील इमारतों की पहचान की जाएगी. इसके लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष कमेटी बनाई है. हर प्रदेश में एक सिक्योरिटी रिव्यू कमिटी है. वह इन इमारतों को चिह्नित करने का काम कर रही है. इसके बाद इन इमारतों का सिक्‍योरिटी ऑडिट होगा और फिर इनकी सूची इस केन्द्रीय कमेटी के पास भेजी जाएगी.

कौन सी जगहें होंगी संवेदनशील सूची में?

जिन जगहों को संवेदनशील सूची में रखा गया है, उनमें एयरपोर्ट (Airport), सैन्य और अर्धसैनिक बलों के सुरक्षा संस्थान, प्रशासनिक मुख्यालय और अन्य जगह जिसे राज्य की एजेंसियां मानती हैं कि यहां पर खतरा हो सकता है, शामिल हैं.

क्या कहना है डीजी बीपीआरडी का
डीजी वीकेएस कोमुदी के मुताबिक कैसे ड्रोन से जुड़े खतरों को न्यूट्रलाइज किया जा सके उसके लिए खास कमेटी बनी है. जिन ड्रोन की पहचान नहीं हो पाती है और उनकी वजह से एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाता है या वीआईपी मूवमेंट रोक दिया जाता है. इस तरीके के हालात को रोकने के लिए भी इस कमेटी में विचार किया जाएगा. फिलहाल इस कमेटी में अभी पांच छह लोग हैं और अगले महीने से ये काम करना शुरू कर देंगे. इसके बाद देश के सारे प्रदेशों की सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को बुलाया जाएगा और उनसे जानकारी ली जाएगी.
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क्यों जरूरत पड़ी इस कमेटी की
पिछले कुछ महीनों में ये देखा गया कि अनधिकृत ड्रोन संवेदनशील जगहों में घुस गए थे. जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियो को ये इनपुट मिला था कि आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं. इस इनपुट के मिलने के बाद संवेदनशील जगहों पर ड्रोन के मूवमेंट पर नजर रखी जाने लगी लेकिन एक ठोस रणनीति की जरूरत थी. कमेटी के बनने के बाद गृह मंत्रालय का इस संवेदनशील मुद्दे से निपटने की दिशा में यह एक अहम कदम है.

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First published: August 29, 2019, 3:28 PM IST
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