लाइव टीवी

रविदास मंदिर विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उठा ये नया विवाद

News18Hindi
Updated: November 22, 2019, 12:18 PM IST
रविदास मंदिर विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उठा ये नया विवाद
संत रविदास मंदिर मामले में अब एक और नया विवाद खड़ा हो गया है. (File Photo)

संत रविदास मंदिर (Sant Ravidas temple) पक्ष की ओर से वकील विकास सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 21 अक्टूबर के पहले के आदेश में संशोधन किया जाए. मंदिर स्थल पर संत रविदास का एक स्थायी मंदिर बने न कि लकड़ी से बना एक पोर्टेबल केबिन.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2019, 12:18 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. संत रविदास मंदिर (Sant Ravidas temple) मामले पर अब एक और नया विवाद खड़ा हो गया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) अपने आदेश में पहले ही मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर चुकी है. लेकिन ताजा विवाद मंदिर (Temple Issue) के ढांचे को लेकर है. मंदिर की ओर से वकील  (Advocate) विकास सिंह ने मंदिर के स्थायी ढांचे की मांग की है. वहीं कोर्ट ने भरोसा दिलाया है कि मंदिर पक्ष को सुनने के बाद ही इस मामले की सुनवाई करेंगे.

ये बोले मंदिर पक्ष के वकील और सुप्रीम कोर्ट

संत रविदास मंदिर पक्ष की ओर से वकील विकास सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के 21 अक्टूबर, 2019 के पहले के आदेश में संशोधन किया जाए. मंदिर स्थल पर संत रविदास का एक स्थायी मंदिर बने न कि लकड़ी से बना एक पोर्टेबल केबिन. वहीं दूसरी ओर इस मामले पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम इस मामले में पूर्व कांग्रेस नेता अशोक तंवर की ओर से पेश वकील विकास सिंह का उल्लेख सुनकर मामले की सुनवाई करेंगे.

कोर्ट में सरकार की ओर से ये बोले थे अटॉर्नी जनरल  

केन्द्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि उन्होंने भक्तों और सरकारी अधिकारियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श किया और केंद्र सरकार ने साइट के लिए भक्तों की संवेदनशीलता और विश्वास को देखते हुए जमीन देने के लिए सहमति व्यक्त की. वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि सात याचिकाकर्ताओं में से पांच, जिन्होंने मंदिर के विध्वंस के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, उसमें से सरकार के प्रस्ताव पर केवल दो सहमत हैं. कोर्ट का कहना है कि वह उनकी आपत्तियों को सुनने के बाद आदेश पारित करेगा.

गौरतलब रहे कि मंदिर टूटने के बाद संत रविदास के भक्तों ने इसका खासा विरोध किया था. सड़क से लेकर जंतर-मंतर तक हंगामा किया था. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार भी मंदिर को तोड़ने के विरोध में आ गई थी. भीम आर्मी के चन्द्रशेखर ने भी दिल्ली आकर इसका विरोध किया था.

ये भी पढ़ें : BJP नेता की हत्या में आया था इस माफिया डॉन का नाम, अब यूपी सरकार उसके परिवार को देगी 5 लाख का मुआवजा!जेल से बाहर आते ही हनीप्रीत ने किए ये तीन काम, किले में बदला डेरा सच्चा सौदा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 22, 2019, 12:18 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर