ANALYSIS: इन कारणों से नहीं हो सका आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन

दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको ने गुरुवार को साफ कर दिया कि आप की शर्तों की वजह से गठबंधन आखिरी समय में टूट गया.

Ranjeeta Jha | News18Hindi
Updated: April 18, 2019, 9:40 PM IST
ANALYSIS: इन कारणों से नहीं हो सका आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
Ranjeeta Jha
Ranjeeta Jha | News18Hindi
Updated: April 18, 2019, 9:40 PM IST
दिल्ली में हां न, हां न करते-करते आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की राह अलग हो गई. दोनों ही पार्टियों ने मीडिया में ये बात सार्वजनिक रूप से कबूल कर ली है कि अब किसी भी राज्य में गठबंधन नहीं होगा. दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको ने गुरुवार को साफ कर दिया कि आप की शर्तों की वजह से गठबंधन आखिरी समय में टूट गया. दरअसल, आप ने आखिरी वक्त में दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित गोवा तक में कांग्रेस के सामने गठबंधन की शर्त रख दी, जिसको कांग्रेस ने खारिज कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में कांग्रेस-आप के बीच 4-3 के फॉर्मूले के तहत गठबंधन की सहमति बन चुकी थी, लेकिन आम आदमी पार्टी ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और गोवा में कांग्रेस पर गठबंधन करने का दबाव बनाया जिसके आगे उसने झुकने से मना कर दिया. आप-कांग्रेस के बीच बातचीत में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी ये गठबंधन नहीं हो सका.

किन कारणों से नहीं हो सका आप-कांग्रेस का गठबंधन


  • दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन के कार्यकाल से ही ये खबर मीडिया की सुर्खियों में थी कि 2019 लोकसभा चुनाव में आप-कांग्रेस गठबंधन में साथ चुनाव लड़ेगी. जिस पर कई दौर की बैठकें ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड होती रहीं. लेकिन कांग्रेस ने कभी भी इस बात को नहीं स्वीकारा.

  • दिल्ली कांग्रेस की नई अध्यक्ष पूर्व सीएम शीला दीक्षित के आने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया कि अब आप-कांग्रेस की राह एक होगी. लेकिन प्रभारी पीसी चाको और अजय माकन लगातार कहते रहे कि अभी आलाकमान के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है.

  • लगभग एक महीने पहले राहुल गांधी के निर्देश पर दिल्ली के प्रभारी पीसी चाको ने आम आदमी पार्टी के संजय सिंह से नए सिरे से गठबंधन पर बातचीत शुरू की. लेकिन शीला दीक्षित इसके खिलाफ लगातार मीडिया में मुखर होकर बोलती रहीं.

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  • एक दौर ऐसा भी आया जब शीला दीक्षित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को मनाने में कामयाब हो गईं कि दिल्ली में आप के साथ गठबंधन करने का मतलब है कि दिल्ली में कांग्रेस को खत्म करना.

  • 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी को हराने के लिए राहुल गांधी के वादे का हवाला देते हुए पीसी चाको एंड कंपनी ने पर्दे के पीछे बातचीत जारी रखी, जिसके बाद राहुल गांधी ने सार्वजनिक तौर पर ट्वीट कर गठबंधन की सहमति देकर गेंद आप के पाले में डाल दी.

  • इसके बाद आप ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ की शर्त रखकर मामले को खराब कर दिया. जिसके बाद कांग्रेस भी अलग राह पर चलने पर मजबूर हो गई


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First published: April 18, 2019, 8:41 PM IST
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