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JNU: अब छात्रों के कमरे में नहीं जा पाएंगी छात्राएं! लगाई पाबंदी

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: October 8, 2019, 9:26 PM IST
JNU: अब छात्रों के कमरे में नहीं जा पाएंगी छात्राएं! लगाई पाबंदी
जेएनयू प्रशासन का नया फरमान कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है

जेएनयू प्रशासन (JNU Administration) कैंपस (Hostel Campus) के अंदर रहने और खाने के लिए भी अब पहले की तुलना में ज्यादा बिल वसूलेगा. जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन लड़कियों के लिए नया ड्रेस कोड (GIRLS DRESS CODE) भी बना रहा है. इसमें तय सीमा से छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी.

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  • Last Updated: October 8, 2019, 9:26 PM IST
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नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन भी जल्द देश की अन्य यूनिवर्सिटीज की तरह लड़कों के हॉस्टल में लड़कियों के देर रात आने पर पाबंदी लगाने जा रही है. इसके अलावा अब यूनिवर्सिटी, गर्ल्स हॉस्टल और मेस में भी लड़कियों के लिए 'ड्रेस कोड' लागू होने जा रहा है. छात्रों के रात 11:30 बजे के बाद हॉस्टल (Hostel) में आने पर रोक लग जाएगी. प्रशासन इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में कई और नियमों में भी बदलाव करने जा रहा है. प्रशासन ने कैंपस (Hostel Campus) के अंदर रहने और खाने के लिए भी अब पहले की तुलना में ज्यादा कीमत वसूलेगी.

जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन लड़कियों के लिए नया ड्रेस कोड (GIRLS DRESS CODE) भी बना रहा है. इसमें तय सीमा से छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी. साथ ही रात 10 बजे के बाद छात्राएं, छात्रों के हॉस्टल में नहीं जा सकेंगी. कैंपस की छात्र-छात्राएं अब छोटे कपड़े वाली ड्रेस भी नहीं पहन सकेंगी. लड़कियां कम कपड़े पहन कर अब कैंटीन में खाना खाने भी नहीं जा पाएंगी.

लड़कियों के लिए विशेश नियम कायदे कानून
न्यूज 18 हिंदी के साथ हुई बातचीत में कई छात्रों ने कहा है कि अभी तो यह नियम नहीं थोपा गया है, लेकिन बहुत जल्द ही इस तरह के बंदिशें जेएनयू कैंपस में लागू करने की साजिश चल रही हैं. छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नए कायदे-कानून लागू करने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. वाइस चांसलर प्रो. एम जगदीश कुमार की अध्यक्षता में ड्राफ्ट का यह मसौदा तैयार किया गया है. छात्रों के मुताबिक इस ड्राफ्ट को एग्जीक्यूटिव काउंसिल से भी पास करवा लिया गया है, लेकिन फिलहाल लागू नहीं किया गया है. इस बारे में छात्रों से रायशुमारी की बात कही जा रही है.

छात्रों का कहना है कि हॉस्टल के अपने खुद के 132 पन्नों के हॉस्टल नियम हैं
छात्रों का कहना है कि हॉस्टल के अपने खुद के 132 पन्नों के हॉस्टल नियम हैं


इधर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष आयशा घोष न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहती हैं, 'यह बिल्कुल सही बात है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और खासकर वीसी छात्रों पर तरह-तरह के नए नियम-कानून थोपने जा रहे हैं. हम लोगों ने आगामी 18 अक्टूबर को एक बैठक बुलाई है, जिसमें वीसी के नए फरमान के बारे में बात की जाएगी.

जिस तरह से छात्रों पर बंदिशें लगाई जा रही हैं, वह जेएनयू के इतिहास में कभी नहीं हुआ था. ये कैसे संभव है कि आप लड़कियों को कहेंगे कि ये कपड़े पहनो और ये कपड़े नहीं? खाना खाते समय यह कपड़े पहनो और कैंपस में टहलते वक्त इस तरह के कपड़े पहनो? कुलपति का रवैया शुरू से ही छात्रों के हित के विरुद्ध रहा है. इन सभी मुद्दों पर हम लोग पहले मीटिंग करेंगे और फिर कुलपति से मिलेंगे. अगर जरूरत पड़ेगी तो आंदोलन भी किया जाएगा.'
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जेएनयू प्रशासन और छात्र आमने-सामने
बता दें कि जिस तरह से नए नियम बनाए गए हैं, उसके हिसाब से लड़कियां-लड़कों के हॉस्टल में नहीं जा सकेंगी. यदि कोई छात्रा किसी पुरुष हॉस्टल कमरे में पाई जाती है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले साल 2005 में हॉस्टल नियमों में बदलाव किया गया था. अब नए नियमों के ड्राफ्ट में हॉस्टल आवंटन, खाना-पीना, गुणवत्ता, ठहरने से लेकर छुट्टी तक ऑडिट में शामिल है.

जेएनयू प्रशासन के इस नए फरमान के बाद छात्रों में गुस्सा है.
जेएनयू प्रशासन के इस नए फरमान के बाद छात्रों में गुस्सा है.


छात्रों का कहना है कि हॉस्टल के अपने खुद के 132 पन्नों के हॉस्टल नियम हैं, जो सालों से चले आ रहे हैं. कैंपस के अंदर 18 हॉस्टल हैं. इसमें 8 पुरुष, 5 लड़कियों और 5 मैरिड हॉस्टल हैं. जेएनयू प्रशासन ने जेएनयू छात्र संघ सहित सभी स्टेक होल्डर्स से राय मांगी है. 18 अक्टूबर तक इस पर सुझाव देना होगा.

ड्राफ्ट पॉलिसी में जो कुछ प्रावधान हैं
ड्राफ्ट पॉलिसी में कमरा लेने के लिए वार्डन की अनुमति जरूरी होगी. रात को हॉस्टल से बाहर रहने पर वार्डन से लिखित अनुमति लेनी होगी. वहीं हॉस्टल में भी चुनाव आयोजित किए जाएंगे. हॉस्टल रूम में कोई विजिटर नहीं जा सकता.

लड़के और लड़कियां एक-दूसरे के हॉस्टल कमरों में नहीं जा सकेंगे. अभी जो नियम है उसमें 10 बजे तक लड़कों के हॉस्टल में लड़कियां चली जाती थीं. कमरों में खाना बनाने से लेकर शराब और सिगरेट पीने पर रोक रहेगी. नए नियमों का पालन नहीं करने पर 3 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है. साथ ही हॉस्टल नियम तोड़ने पर कुलपति के पास छात्र या छात्रा को उसे हॉस्टल से निकालने का भी अधिकार होगा.

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First published: October 8, 2019, 7:42 PM IST
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