कभी बालिका वधू थी, अब उड़ीसा की 70 लाख महिलाओं के लिए मां है ये महिला सांसद

बीजेडी सांसद प्रमिला बिसोई ने पूरे उड़ीसा में महिलाओं के 6 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाओं को फायदा पहुंचाने का काम किया है. बिसोई उड़ीसा सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 6, 2019, 6:29 PM IST
कभी बालिका वधू थी, अब उड़ीसा की 70 लाख महिलाओं के लिए मां है ये महिला सांसद
70 लाख महिलाओं के लिए मां है ये महिला सांसद
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 6, 2019, 6:29 PM IST
इस हफ्ते आम बजट, कश्मीर में राष्ट्रपति शासन और जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन 2019 विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर देश भर की निगाहें संसद पर थीं. इन सबके बीच एक ग्रामीण महिला सांसद ने कुछ पल के लिए लोकसभा में सदस्यों का ध्यान अपनी तरफ खींचा. गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने के बाद शून्यकाल में जब एक महिला सांसद के बोलने की बारी आई तो स्पीकर ओम बिरला ने उन महिला सांसद का परिचय दिया. उन्होंने बताया कि ये महिला सांसद अपने गांव और आसपास के इलाके में 70 हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं.

प्रमिला के सेल्फ हेल्प ग्रुप से 70 लाख महिलाओं को हुआ फायदा
ये महिला सांसद हैं उड़ीसा के अस्का से बीजेडी टिकट पर चुनी गई सत्तर वर्षीय प्रमिला बिसोई. प्रमिला ने उड़ीसा के अस्का जिले के अलावा पूरे उड़ीसा में महिलाओं के 6 लाख स्वयं सहायक गोष्ठी यानि सेल्फ हेल्प ग्रुप को बनाने का काम किया. जिस वजह से पूरे प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को फायदा पहुंच रहा है. दरअसल प्रमिला बिसोई उड़ीसा सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम से 2001 से जुड़ी हुई हैं जिसके जरिए महिलाओं से जुड़े कई कार्यक्रम प्रदेश सरकार के चल रहे हैं.

बीजेडी सांसद प्रमिला बिसोई ने महिलाओं के 6 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए, bjd mp pramila bisoi helped in making 6 lakh self help groups
बीजेडी सांसद प्रमिला बिसोई ने महिलाओं के 6 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए


कभी स्कूल नहीं गई बालिका वधू प्रमिला
प्रमिला के संघर्ष की कहानी कम नहीं है. वह स्कूल नहीं गई है और उनका बाल विवाह हो गया था. वैसे तो करीब 19 साल पहले वह उड़ीसा सरकार की योजना के साथ जुड़ी, लेकिन पिछले 35 साल से वह अस्का जिले में सक्रिय हैं और इस तरीके से महिलाओं को मदद पहुंचा रही हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इनको परी मां के भी नाम से पुकारते हैं

एक मिनट के भाषण में आशा कर्मियों का मुद्दा उठाया
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संसद भवन में जब प्रमिला बिसोई अपना पहला 1 मिनट का भाषण देकर बाहर निकली तो न्यूज18 इंडिया ने भी उनसे बातचीत की. हमने उनसे पूछा कि संसद में उन्होंने अपने 1 मिनट के भाषण में क्या कहा तो उनका कहना था 'मैंने यही मांग उठाई है कि देशभर के गांव में जो आंगनवाड़ी और आशा कर्मियों को भत्ता मिलता है उसे बढ़ाया जाए. आंगनवाड़ी कर्मी का भत्ता 15000 कर दिया जाए जबकि आशा कर्मी का भत्ता 12000 कर किया जाए'. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी बात सुनी जाएगी

 

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First published: July 6, 2019, 4:49 PM IST
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