पूर्व नौकरशाह हरदीप सिंह पुरी को भी मोदी सरकार में मंत्री पद का बुलावा

News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 6:30 PM IST
पूर्व नौकरशाह हरदीप सिंह पुरी को भी मोदी सरकार में मंत्री पद का बुलावा
पीएम मोदी के साथ हरदीप सिंह राजघाट पर

पिछले मोदी कैबिनेट में शामिल पूर्व नौकरशाह हरदीप सिंह पुरी एक बार फिर से मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनने जा रहे हैं. पुरी को वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करते हुए शहरी और आवास मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया था.

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पिछले मोदी कैबिनेट में शामिल पूर्व नौकरशाह हरदीप सिंह पुरी एक बार फिर से मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनने जा रहे हैं. हरदीप सिंह पुरी को वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करते हुए शहरी और आवास मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया था. हरदीप सिंह पुरी इस लोकसभा चुनाव में अमृतसर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस उम्मीदवार गुरजीत सिंह औजला से हार गए थे.

हरदीप सिंह पुरी 1974 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी थे. पुरी का जन्म दिल्ली में हुआ और इनके पिता भी ब्यूरोक्रेट्स थे. पीएम मोदी शपथ ग्रहण से पहले राजघाट और अटल जी की समाधि पर गए थे तो हरदीप सिंह पुरी उनके साथ थे.

फाइल फोटो-अमित शाह और पीएम मोदी की


बता दें कि हरदीप सिंह पुरी की जड़ें दिल्ली से जुड़ी हैं. पूरी की पत्नी भी राजनयिक हैं. पूरी की पत्नी का नाम लक्ष्मी पुरी है. पुरी के दादा भी 13 अप्रैल 1919 को जलियांवालाबाग में थे, जब अंग्रेजों ने गोलियां चलवाई थी. हरदीप पुरी अपने चुनाव प्रचार में भी अमृतसर से होने का जोर-जोर से दावा करते थे. पूरी अपने चुनाव प्रचार में कहते थे कि क्योंकि मेरी जड़ें अमृतसर से है तो मैं फिर कैसे बाहरी हो सकता हूं?

हरदीप सिंह पूरी ने 1994 से 1997 तक और 1999 से 2002 तक विदेश मंत्रालय में भारत सरकार के संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया है. उन्होंने 1997 से 1999 तक रक्षा मंत्रालय में भारत सरकार के संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया है. 2009 से 2013 तक विदेश मंत्रालय में भारत सरकार (आर्थिक संबंध) के सचिव के रूप में भी पूरी काम कर चुके हैं.

हरदीप सिंह पुरी को ब्राजील, जापान, श्रीलंका और ब्रिटेन में राजनयिक पदों पर तैनात किया गया था. 1988 और 1991 के बीच, वह बहुपक्षीय व्यापार वार्ता के उरुग्वे दौर में विकासशील देशों की मदद करने के लिए बहुपक्षीय व्यापार वार्ता परियोजना के समन्वयक थे. उन्होंने जनवरी 2011 से फरवरी 2013 तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवाद-रोधी समिति के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है. अगस्त 2011 और नवंबर 2012 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के रूप में भी वह काम कर चुके हैं.


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पुरी जून 2013 में एक वरिष्ठ सलाहकार के रूप में अंतर्राष्ट्रीय शांति संस्थान में शामिल हुए. बाद में अवकाश ग्रहण करने के बाद जनवरी 2014 में बीजेपी में शामिल हो गए. हरदीप सिंह पुरी का विवाह लक्ष्मी पुरी से हुआ, जो वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में सहायक महासचिव हैं. उनकी दो बेटियां हैं. उनके भाई प्रदीप पुरी 1979 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं.

अमृतसर लोकसभा सीट हमेशा से हाई प्रोफाइल और बड़े उलटफेर के लिए जानी जाती रही है. पिछले लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी नेता अरुण जेटली हारने के बावजूद मंत्री बने थे. इस बार भी हरदीप सिंह पूरी कांग्रेस के उम्मीदवार से भले हीं हार गए लेकिन उनको मंत्री बनाया जा रहा है.

यह लगातार दूसरी बार हुआ जब अमृतसर की जनता ने बीजेपी के दो बड़े नेताओं को नकार दिया. 2014 लोकसभा चुनाव में अमृतसर से वित्तमंत्री अरुण जेटली को पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने शिकस्त दी थी. हरदीप पुरी को कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह औजला ने हराया है.

पिछले साल नवंबर महीने में हरदीप पूरी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए अटारी-वाघा सीमा से पाकिस्तान गए थे. पुरी ने अमृतसर के बाहरी इलाके में दलित बहुल मुधाल गांव को गोद ले रखा है.

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First published: May 30, 2019, 6:18 PM IST
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