पीएम मोदी ने सीएम केजरीवाल को कहा नाकामपंथी, बोले- देश को बदलने आए, खुद बदल गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्होंने देश में नई राजनीति के प्रयासों को भी नाकाम किया है. ये लोग देश बदलने आए थे, लेकिन खुद ही बदल गए.

News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 4:24 PM IST
News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 4:24 PM IST
लोकसभा चुनाव प्रचार के तहत तूफानी रैली कर रहे पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्‍ली के रामलीला मैदान में सभी विपक्षी दलों पर निशाना साधा. पीएम ने नाम न लेते हुए दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए कहा कि इन नाकामपंथियों ने पंजाब विरोधियों और खालिस्तान समर्थकों को ताकत दी है. यहां तक की विदेश जाकर देश विरोधी ताकतों से भी संपर्क करने में इन्होंने संकोच नहीं किया. देश की हर संवैधानिक संस्था, हर पद और हर व्यक्ति को गालियां देकर इन्होंने अपने संस्कार दिखाए हैं. बकौल पीएम मोदी, इन्होंने अपनी हर नाकामी का ठीकरा दूसरे पर फोड़ने का काम किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये लोग टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थन में जा खड़े हुए. ये लोग नई व्यवस्था देने आए थे, लेकिन खुद ही अव्यवस्था-अराजकता का दूसरा नाम बन गए. इन लोगों ने पहले हर किसी को अनाप-शनाप कहा और फिर घुटनों के बल चलकर माफी मांग ली. मोदी बोले कि इन लोगों ने अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए हर बात से यू-टर्न लेने का काम किया. इतना ही नहीं, इन्होंने देश में नई राजनीति के प्रयासों को भी नाकाम किया है. ये लोग देश बदलने आए थे, लेकिन खुद ही बदल गए.



पॉलिटिकल कल्‍चर का पांचवां संस्‍करण

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली देश का वो इकलौता राज्य है जिसने पॉलिटिकल कल्चर का एक पांचवां मॉडल भी देखा. इस पांचवें कल्‍चर का नाम है नाकामपंथी. इतना ही नहीं, इन्होंने देश में नई राजनीति के प्रयासों को भी नाकाम किया है. ये लोग देश बदलने आए थे, लेकिन खुद ही बदल गए. इन नाकामपंथियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन को नाकाम कर दिया. देश के सामान्य मानवी की छवि के साथ ही आम आदमी की छवि को बदनाम किया. करोड़ों युवाओं के विश्वास और भरोसे को चकनाचूर किया.

कांग्रेस पर हमला

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस आजकल अचानक न्याय की बात करने लगी है. कांग्रेस को बताना पड़ेगा कि 1984 के सिख दंगों में हुए अन्याय का हिसाब कौन देगा? कांग्रेस को बताना पड़ेगा कि सिख दंगों से जुड़ा होने का जिन पर आरोप है, उनको मुख्यमंत्री बनाना कौन सा न्याय है. जिन पार्टियों की सोच ही प्रतिभा और टैलेंट को कुचलने की हो वो 21वीं सदी के भारत की सोच का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकती है? इसलिए आज जब मैं इनके वंशवाद पर सवाल खड़े करता हूं तो इन्हें दिक्कत होने लगती है.

ये भी पढ़ें:
Loading...

आप में स्किल है तो अब घर बैठे मिलेगी नौकरी, मोदी सरकार की है ये प्लानिंग

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा दागी प्रत्याशी उतारे!
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...