अयोध्या: राममंदिर के लिए यहां बन रहा है 11 सौ किलो का घंटा

घंटे का ऑर्डर वाराणसी की एक कंपनी ने दिया है. घंटे की लागत करीब 12 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है. वाराणसी की एक कंपनी से ये ऑर्डर मिला है.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 12:34 PM IST
अयोध्या: राममंदिर के लिए यहां बन रहा है 11 सौ किलो का घंटा
फोटो- घंटे का सांचा बनकर तैयार हो गया है.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 12:34 PM IST
बेशक राममंदिर बनवाने को लेकर सियासत में उठा-पटक चल रही है. विवादित ज़मीन का फैसला सुप्रीम कोर्ट में अटका हुआ है. लेकिन प्रस्तावित राममंदिर के लिए 11 सौ किलो का घंटा बनाया जा रहा है. एटा, यूपी के जलेसर संसदीय क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में ये घंटा बनाया जा रहा है.

घंटे का ऑर्डर वाराणसी की एक कंपनी ने दिया है. घंटे की लागत करीब 12 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है. पीतल के घंटे बनाने के लिए मशहूर जलेसर इन दिनों सुर्खियों में है. जलेसर में ही घंटे बनाने वाले विकास मित्तल और आदित्य मित्तल के यहां 11 सौ किलो वजन का घंटा बनाने की तैयारी चल रही है.

आदित्य मित्तल ने न्यूज18 को बताया, “वाराणसी की एक कंपनी से उन्हें ये ऑर्डर मिला है. घंटा अयोध्या में प्रस्तावित राममंदिर के लिए तैयार कराया जा रहा है. कंपनी अपना नाम सार्वजिनक नहीं करना चाहती है.

फोटो- तस्वीर में दिख रहे मैटेरियल से घंटे का सांचा तैयार किया जाएगा.


घंटा 6.5 फुट ऊंचा है. घंटे को बनाने के लिए 200 कारीगर काम कर रहे हैं. ये अष्टधातु से बनाया जा रहा है. दिसम्बर के आखिर तक इसके बनकर तैयार होने की उम्मीद है. इस पर करीब 12 से 15 लाख रुपये की लागत आएगी.”

फोटो- फैक्ट्री में और भी दूसरे घंटों पर काम करता हुआ कारीगर.


जलेसर में ही घंटा क्यों बन रहा है इस बारे में आदित्य बताते हैं, “वैसे तो मुरादाबाद, अलीगढ़ और दूसरी कुछ जगहों पर भी घंटे बनते हैं, लेकिन जो आवाज़ जलेसर के बने घंटों में आती है वो कहीं और के घंटों में नहीं आती है. ये ही वजह है कि मुरादाबाद और अलीगढ़ के लोग जलेसर की मिट्टी अपने यहां ले जाकर घंटे बनाते हैं.
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घंटा बनाने में मिट्टी का इस्तेमाल सांचे को चारों ओर मिट्टी से दबाने में किया जाता है. मिट्टी और सांचे के बीच में जो जगह बचती है उसी में पिघली हुई पीतल भरी जाती है.” आदित्य ने बताया कि आजकल उनके यहां इतने ही वजन का कर्नाटक में एक मंदिर के लिए भी घंटा बन रहा है.

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