JNU छात्रा रेप कांडः उसी रात अर्धनग्न हाल में थाने गई थी पीड़िता, लेकिन पुलिस ने भगाया

अब पुलिस ने वसंत कुंज थाने की दो महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज किया मामला, एक दिन और रात उसी हाल में पार्क में पड़ी रही.

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Updated: August 7, 2019, 12:02 PM IST
JNU छात्रा रेप कांडः उसी रात अर्धनग्न हाल में थाने गई थी पीड़िता, लेकिन पुलिस ने भगाया
पुलिसकर्मियों के व्यवहार के बाद से छात्रा सदमे में है. (प्रतीकात्मक फोटो)
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Updated: August 7, 2019, 12:02 PM IST
जेएनयू छात्रा से बलात्कार के मामले में बड़ी खबर सामने आई है. अनदेखी कहें या लापरवाही की हद लेकिन मामले में पुलिस की एक बड़ी खामी सामने आ रही है. पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया है कि वारदात के बाद अर्धनग्न अवस्‍था में वह वसंत कुंज थाने पहुंची थी लेकिन वहां पर उसकी बात किसी ने नहीं सुनी और वहां से उसे भगा दिया गया. असंवेदनशीलता की हदें तब पार हो गईं जब छात्रा थाने में एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास अर्थनग्न अवस्‍था में घूमती रही लेकिन किसी ने उसे एक कपड़ा भी तन ढकने के लिए नहीं दिया. उसे थाने से भगाने का काम भी दो महिला पुलिसकर्मियों ने ही किया.

पुलिस का काम सुबह 8 से रात के 8 तक ही
छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि उसे थाना कहां पर है इसकी जानकारी नहीं ‌थी. लोगों से पूछताछ कर वह किसी तरह वहां पहुंची. वहां पर ड्यूटी ऑफिसर से उसने गुहार लगाई लेकिन उसने उसकी एक न सुनी. इसके बाद करीब एक घंटे तक उसी हाल में छात्रा एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी चक्कर लगाती रही लेकिन थाने में कोई भी उसकी मदद को तैयार नहीं हुआ. जब उसने जेएनयू छोड़ने की बात कही तो उसे पुरुष पुलिसकर्मी के साथ भेजा जाने लगा. जब उसने इनकार किया और महिला पुलिसकर्मी के साथ जाने की बात कही तो उसे बिना किसी पुलिसकर्मी के ही थाने से भगा दिया गया.

दो महिला सिपाही नामजद

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया है कि शुक्रवार को रात 2 बजे वह मदद के लिए वसंत कुंज उत्तरी थाने में पहुंची थी. वहां पर उसे अंजना और सुमन नाम की दो पुलिसकर्मी मिलीं. लेकिन इन दोनों ने मदद तो दूर जेएनयू छोड़ने से भी इनकार कर दिया और उसे वहां से भगा दिया. इस पर अब मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने दोनों महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है. बताया जा रहा है कि मामले की जांच की जा रही है.

सदमे में आ गई
छात्रा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के इस व्यवहार के बाद वह सदमें में आ गई और रात तीन बजे वह थाने से निकल कर हौजखास स्थित डियर पार्क पहुंची. यहां पर शनिवार का पूरा दिन और रात उसने उसी हाल में ‌बिताए. रविवार सुबह 8 बजे एक व्यक्ति ने छात्रा से बात की और उसे जेएनयू तक पहुंचाया.
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First published: August 7, 2019, 11:44 AM IST
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