लाइव टीवी

Exclusive: तीस हजारी कोर्ट में पुलिस-वकील विवाद: पढ़िए क्या कह रही हैं मामले में दायर 3 FIR

Anand Tiwari | News18Hindi
Updated: November 8, 2019, 12:00 AM IST
Exclusive: तीस हजारी कोर्ट में पुलिस-वकील विवाद: पढ़िए क्या कह रही हैं मामले में दायर 3 FIR
तीस हजारी कोर्ट मामला: न्‍यूज18 के पास है चार में से तीन एफआईआर

देश की राजधानी दिल्ली की तीस हजारी अदालत (Tis Hazari Court) में वकील-पुलिस (Advocate Police) झड़प में दर्ज की गईंं 4 में से 3 FIR न्यूज़18 के पास है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2019, 12:00 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली की तीस हजारी अदालत (Tis Hazari Court) में वकील-पुलिस (Advocate Police) झड़प में दर्ज की गईं 4 में से 3 एफआईआर (FIR) न्यूज़18 के हाथ लगी हैं. पहली एफआईआर आईपीसी की धारा 186, 353,147, 148, 149, 436 के तहत थाना सब्जी मंडी जिला एवं सेशन जज वेस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई है. दूसरी एफआईआर धारा 186/ 353/ 307/ 392/147/148/149/436/3 और 4 PDPP एक्ट के तहत कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार ने दर्ज करवाई है. तीसरी FIR आईपीसी की धारा 342/323/379/356/506/307/34 के तहत वकील सागर शर्मा ने दर्ज कराई है.

पहली FIR
अपनी शिकायत में सेशन जज ने कहा, ‘मैं तीस हजारी कोर्ट में दूसरी मंजिल रूम नंबर 201 में अपनी कोर्ट की कार्यवाही कर रहा था. और मेरे स्टाफ ने जब मुझे तीन बजे के करीब बताया कि वकील का एक समूह कोर्ट के लॉकअप के सामने इकट्ठा हो गया. मैंने तब अपने स्टाफ को आदेश दिया कि वो दिल्ली बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी से तुरंत संपर्क करें और उन्हें मेरे चैंबर में आने के लिए कहें या मौके पर पहुचंने के लिए कहें. इसी दौरान मैं और कई अन्य सीनियर जज अपने PSO और स्टाफ के साथ लॉकअप पहुंचे. जहां प्रदर्शन कर रहे कुछ वकीलों ने बताया की सागर शर्मा नाम के एक वकील का पार्किंग को लेकर लॉकअप के पुलिस कर्मी और सुरक्षा कर्मियों से कहासुनी हुई है. और उस वकील के साथ दुर्व्यवहार किया गया है. उसको मारा गया है और उसको लॉकअप के अंदर घसीट कर ले जाया गया है.

सेशन जज ने कहा, ‘हमने 20 मिनट तक मेन गेट से लॉकअप के अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन लॉकअप इंचार्ज ने मेन गेट नहीं खोला जबकि हम अपनी पहचान भी बताते रहे. और उनको हम ये भी बता रहे थे कि हम यहां मैटर को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने आए हैं. जरूरी एनक्वायरी करने भी आए हैं. जब हमें मेन गेट से अंदर नहीं जाने दिया गया तो हम अपने स्टाफ और कार के साथ पीछे की तरफ से लॉकअप में जा रहे थे तभी हमें ज्ञात हुआ कि पुलिसकर्मियों द्वारा उन वकीलों पर फायरिंग हुई है, जो जबरन लॉकअप में घुसने का प्रयास कर रहे थे. मुझे बताया गया कि इसमें एक वकील घायल हुआ है.’

इंस्पेक्टर संजय भारद्वाज ने FIR में बताया है कि पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद थाने का स्टाफ कोर्ट पहुंचा जिसमें इंस्पेक्टर संजय भारद्वाज शामिल थे. लॉकअप के पास पुलिस ने पहुंचने पर देखा कि वकीलों की भीड़ जमा थी और उन्होंने गेट को घेर रखा था. सारे वकील काफी उग्र थे और लॉकअप तोड़ने की कोशिश जारी थी. वहां पर मौजूद वकीलों ने मेरे साथ बदतमीजी शुरू कर दी. मौके की नजाकत को देखते हुए मैंने यह जानने की कोशिश की कि लाकअप के अंदर क्या हो रहा है. कुछ देर बाद एडिशनल डीसीपी नॉर्थ, एसीपी सदर बाजार SHO सिविल लाइन, SHO सदर बाजार, SHO कोतवाली व अन्य अफसर भी वहा पहुंचे जिन्होंने वकीलों को समझाने की कोशिश की लेकिन वकील काफी उग्र थे.

उन्होंने लॉकअप का मेन गेट तोड़ दिया और धक्का देकर खोल दिया और लॉकअप स्टाफ की पिटाई की. इसी दौरान एडिशनल डीसीपी नार्थ लॉकअप के अंदर स्टाफ के साथ मानव चेन बनाकर वकीलों को फिर से लॉकअप का दरवाजा तोड़ने से बचाने लगे तभी जिला और सेशन जज धर्मेश कुमार और अन्य जज साहिबान के साथ लॉकअप में गए. लॉकअप से फायरिंग की आवाज भी आई व जज साहब ने वकीलों से शांति बनाए रखने की अपील की. लेकिन वकील नहीं माने और उन्होंने लॉकअप के बाहर खड़ी कई सरकारी और निजी मोटरसाइकिल और एक पुलिस की जिप्सी में आग लगा दी. जेल वैन के शीशे तोड़ दिए. इस दौरान काफी पुलिस फोर्स और अन्य सीनियर अफसर भी मौके पर आ गए. उस दौरान लॉकअप में बहुत सारे अंडर ट्रायल कैदी मौजूद थे. जिन्हें सुरक्षा देना जरूरी था.

मामले को लेकर दिल्ली के पुलिसवालों ने आईटीओ स्थित हेडक्वार्टर के बाहर धरना दिया था.
मामले को लेकर दिल्ली के पुलिसवालों ने आईटीओ स्थित हेडक्वार्टर के बाहर धरना दिया था.

Loading...

दूसरी FIR
शिकायतकर्ता कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने बताया, ‘मैं प्रदीप कुमार, तीस हजारी कोर्ट के लॉकअप में बतौर सिपाही कार्यरत हूं. दिनांक 2 नवंबर 2019 को मेरी संतरी ड्यूटी सुबह 8 बजे से थी. दोपहर करीब दो बजे लॉकअप के मेन गेट के सामने एक काले रंग की थार जीप आकर रुकी. उसमें से तीन-चार वकील उतरे. मैंने उनके पास आकर बोला कि वकील साहब प्लीज़ यहां पर गाड़ी मत खड़ी कीजिये, ये जगह जेल वेन के लिए रिजर्व है. जिस पर गाड़ी से उतरे एक वकील ने कहा- हमें देरी हो रही है. तुम हटो. मैने दोबारा निवेदन किया तो एक वकील ने बोला तू संतरी है मंत्री मत बन. अपनी औकात में रह. मैंने फिर निवेदन किया सर हटा लो जेल वेन निकालने में दिक्कत होगी. तभी मेरे पास दो-तीन मेरे स्टाफ के लोग भी आ गए. तब भी हमारी बात वकीलों ने नहीं मानी.

तब मैंने बोला- आप मेरे सीनियर से परमिशन ले लो गाड़ी खड़ी करने की तभी गाड़ी से उतर कर एक वकील ने मेरी छाती पर घुसा मारा और मैं पीछे हट गया. अपनी एमपी-5 गन संभालने लगा तभी वकील मेरी गन पकड़ने लगे. मेरी वर्दी फाड़ दी. इस बीच मेरे स्टाफ में मुझे बचाते हुए लॉकअप के अंदर जाने को कहा, तब भी पीछे से एक वकील मेरे पीछे लॉकअप के पास आ गया. तब मेरा स्टाफ उन्हें लॉकअप के अंदर ले आया. मेरे एसीपी साहब उन्हें समझाने लगे और लॉकअप के बाहर ले गए. इस बीच लॉकअप के बाहर बहुत वकील इकट्ठा हो गए. हंगामा करने लगे और लॉकअप के गेट को तोड़ने लगे. लोकल पुलिस भी आ गई. वकील स्टाफ पुलिस के साथ गाली गलौच मारपीट करने लगा. वकीलों ने गाड़ियों में आग लगा दी. बाहर खड़े कई वकील लॉकअप का गेट तोड़कर अंदर घुस गए और लॉकअप के स्टाफ और पुलिस स्टाफ को अंधाधुंध पीटना शुरू कर दिया, एक सिपाही को गिरा कर बेल्ट, लात घूसों से पीटा गया.

हालत बिगड़ती देख हमारे पुलिस स्टाफ ने साथियों और कैदियों की जान बचाने के लिए उग्र वकीलोंं की भीड़ से निवेदन किया. नहीं मानने पर फायरिंग की तो वकीलो की भीड़ तितर-बितर होने लगी. काफी फोर्स आने के बाद वकीलों को लॉकअप से बाहर किया गया. घायल स्टाफ को अस्पताल भेजा गया. ये सारी घटना लॉकअप में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को जान से मारने की कोशिश की गई. वकीलों को मैं और मेरा स्टाफ सामने आने पर पहचान सकता है. मुझे भी चोट आई है. एडीशनल डीसीपी नार्थ हरेंद्र कुमार के ऑपरेटर कांस्टेबल अमित ने बताया कि मेरी सरकारी पिस्टल भी भीड़ में से किसी व्यक्ति ने लूट ली.

पुलिस के साथ हुए विवाद के बाद वकीलों ने कई वाहनों में आग लगा दी थी.
पुलिस के साथ हुए विवाद के बाद वकीलों ने कई वाहनों में आग लगा दी थी.


तीसरी FIR
इस FIR में वकील सागर शर्मा ने लिखा है, ‘सर, मैं सागर शर्मा, वकील ललित कुमार शर्मा, वकील जसप्रीत सिंह ने करीब 2:00 बजे कार पार्क की. मेरी गाड़ी का नंबर DL 8CAP 0436 है. जुडिशियल लॉकअप तीस हजारी कोर्ट के बाहर कार पार्क की, क्योंकि इलेक्शन की वजह से मेन रोड जाम थी और मेरा मैटर कोर्ट नंबर 8 में राहुल वर्सेस अनिल 2:00 बजे सुना जाना था. कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार और रवि के साथ और दूसरे पुलिस वालों ने मुझे धमकी दी, मेरी कार हटाने को लेकर. उस वक्त जाम होने की वजह से कार हटाना संभव नहीं था. मैंने उनसे 2 मिनट का वक्त मांगा और कहा कि मेरा ड्राइवर आते ही कार को हटा देगा. प्रदीप और दूसरे पुलिस वालों ने हमारा रास्ता रोका.

पुलिसवालों ने कहा कि एसीपी से मिले बिना तुम लोग यहां से नहीं जा सकते. पुलिसकर्मी प्रदीप ने रास्ता रोका और गंदी भाषा का इस्तेमाल किया. साथ ही बंदूक के साथ हमें डराया. इसी दौरान दूसरे पुलिसवालों ने उनका साथ दिया और मुझे लॉकअप के अंदर घसीटा, मुझे गालियां दीं. लॉक अप के अंदर इन लोगों ने मुझे बुरी तरह पीटा. एक पुलिस वाले ने मुझे पीछे से पकड़ लिया इसी दौरान मेरे सीनियर मिस्टर मान सिंह गोयल मामले को सुलझाने के लिए आ गए. एसीपी और डीसीपी ने‌ मुझे बुलाया. मेरे सीनियर्स ने पुलिस वालों को पहचान लिया. मुझे लॉकअप के अंदर रवि और दूसरों ने पहले नीचे गिरा दिया फिर डंडा, बेल्ट चैन से मुझे मारा. रवि ने मेरी सोने की चेन खींची और सिल्वर लॉकेट और चश्मा तोड़ दिया.

मुझे रेस्क्यू किया गया और लॉकअप दफ्तर से बाहर आ गया. प्रदीप, रवि और दूसरे पुलिसवालों ने मुझे गलत तरीके से पकड़ा, मेरी पिटाई की, मेरे साथ धक्का-मुक्की की, मेरी सोने की चेन छीन ली. इन लोगों की पिटाई की वजह से मुझे कई इंजरी हुई हैं मेरे हाथ में इंजरी है, मेरी गर्दन पर चोट है, मेरे राइट पैर पर चोट है, मेरे पैर में चोट है, मेरी कोहनी में चोट है. मैं बाएं कान से ठीक से नहीं सुन सकता हूं. मैं आपसे निवेदन करता हूं कि पुलिस वाले रवि, प्रदीप और दूसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने मेरे साथ गलत किया है.
ये भी पढ़ें:

पुलिस-वकील विवाद: वकीलों से जान बचाकर भागी थीं महिला DCP, देखें Exclusive VIDEO

दिल्ली पुलिस के रडार पर आए ये 4 वकील, सरगर्मी से हो रही है तलाश, दर्ज हुई FIR

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 7, 2019, 11:04 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...