एक कुशल सांसद, प्रभावशाली वक्ताऔर जिम्मेदार मां के तौर पर सुषमा स्वराज सदा याद की जाएंगी

एक कुशल सांसद, प्रभावशाली वक्ता, जिम्मेदार मां और पतिव्रता पत्नी के तौर भी सुषमा स्वराज हमेशा देशवासियों के दिलों पर राज करेंगी.

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 7, 2019, 7:46 AM IST
एक कुशल सांसद, प्रभावशाली वक्ताऔर जिम्मेदार मां के तौर पर सुषमा स्वराज सदा याद की जाएंगी
सुषमा स्वराज के निधन पर देश ने एक तेजतर्रार महिला नेता को खो दिया है
Ravishankar Singh
Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 7, 2019, 7:46 AM IST
‘प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक अभिनंदन मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी.’-सुषमा स्वराज. बीजेपी की कद्दावर नेता और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की चर्चित विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का यह आखिरी ट्वीट साबित हुआ. अब सुषमा स्वराज इस दुनिया में नहीं रहीं. सुषमा स्वराज की 67 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. सुषमा स्वराज ने अपनी आखिरी सांस दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) में ली.

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1953 को हुआ था. अटल-आडवाणी के साथ लंबे सालों तक काम करने का अनुभव और बाद में मोदी सरकार में विदेश मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी निभाने के लिए सुषमा स्वराज को देश याद करेगा. एक कुशल सांसद, प्रभावशाली वक्ता, जिम्मेदार मां और पतिव्रता पत्नी के तौर भी सुषमा स्वराज हमेशा देशवासियों के दिलों पर राज करेंगी.

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1953 को हुआ था.


सुषमा स्वराज को नाजुक हालत में एम्स में भर्ती कराया गया था. एम्स सूत्रों ने बताया कि स्वराज को रात 10 बजकर 20 मिनट पर अस्पताल लाया गया और उन्हें सीधे आपातकालीन वॉर्ड में ले जाया गया. ऐसी खबर है कि उनकी मौत एम्स आने से पहले ही हो गई थी.

सुषमा स्वराज के निधन पर देश ने एक तेजतर्रार महिला नेता को खो दिया है. सुषमा स्वराज लंबे समय से बीमार चल रही थीं. मोदी के दूसरे कार्यकाल में सुषमा मंत्री पद स्वीकार करने से मना कर दिया था. सुषमा स्वराज पिछला लोकसभा चुनाव स्वास्थ्य कारणों से लड़ने से मना कर दिया था.

सुषमा स्वराज को जानने वाले कहते हैं कि जो भी उनके संपर्क में आता था वह उससे नजदीकी बन कर रह जाता था. सुषमा स्वराज से राखी बंधवाने के लिए भी लोग ललायित रहते थे.

कहा जा रहा है कि सुषमा स्वराज मंगलवार को लोकसभा की पूरी कार्यवाही देखती रहीं. बीच-बीच में वह नेताओं के भाषण पर प्रतिक्रिया भी देती थीं. पिछले कुछ सालों से उनके सेहद में लगातार गिरावट होने लगी, इसी वजह से वह पार्टी की सभाओं में कम ही नजर आ रही थीं. साल 2016 में एम्स में ही उनका किडनी प्रतिरोपण किया गया था.
Loading...

ये भी पढ़ें:

जब जम्मू-कश्मीर में हर आदमी पर खर्च हो रहे थे 92 हजार तब यूपी में सिर्फ 4300 रुपये!     

जम्मू-कश्मीर के हालात बदले, लेकिन 'घर वापसी' के लिए ये शर्त रख रहे हैं कश्मीरी पंडित!   

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 7, 2019, 12:08 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...