'RSS रामलला का मंदिर अयोध्या में ही बनाना चाहता है तो संत रविदास का दूसरी जगह क्यों'

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Updated: August 19, 2019, 7:01 PM IST
'RSS रामलला का मंदिर अयोध्या में ही बनाना चाहता है तो संत रविदास का दूसरी जगह क्यों'
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीएल पुनिया ने कहा है कि बीजेपी पर हमला बोलते हुए संघ पर निशाना साधा है.

दिल्ली में संत रविदास का मंदिर गिराए जाने पर वरिष्ठ कांग्रेस (CONGRESS) नेता पीएल पुनिया (P. L. Punia) ने कहा है कि संघ कहता है - रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, तो दिल्ली में रविदास जी का मंदिर दूसरी जगह बनाने के लिए क्यों कह रहे हैं?

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वरिष्ठ कांग्रेस (CONGRESS) नेता पीएल पुनिया (P. L. Punia) ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) शुद्ध रूप से राजनीतिक संगठन है. दिल्ली में संत रविदास (Ravidas) का मंदिर गिराए जाने पर पीएल पुनिया ने कहा है कि संघ कहता है- 'रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे', तो दिल्ली में रविदास जी का मंदिर दूसरी जगह बनाने के लिए क्यों कह रहे हैं?

बता दें कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते हुए मंदिर को गिरा दिया था. इसके बाद से चारों ओर विरोध हो रहा है. पंजाब के जालंधर सहित कई शहरों में सड़कों को जाम कर प्रदर्शन किया किया गया. दिल्ली-हरियाणा में भी लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

'हमारे आदेश को राजनीतिक रंग कोई नहीं दे सकता'
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने कहा है कि दिल्ली के तुगलकाबाद में स्थित संत रविदास मंदिर (Saint Ravidas temple) को गिराने के उसके आदेश को 'राजनीतिक रंग' नहीं दिया जा सकता. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की सरकारों को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर राजनीतिक रूप से या प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था संबंधी कोई स्थिति उत्पन्न न हो.

इसलिए मंदिर को ढहाने के लिए कहा गया था
दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदासजी का एक भव्य मंदिर था. इस मंदिर में एक खास वर्ग के साथ-साथ सिख समाज भी इसमें आस्था रखता है. डीडीए (DDA) का आरोप है कि मंदिर का निर्माण जंगल की ज़मीन पर किया गया था. इस बारे में कई बार इसे हटाने के लिए कहा गया, लेकिन संत रविदासजी जयंती समारोह समिति ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद भी मंदिर को जंगल की ज़मीन से नहीं हटाया गया, तब जाकर 9 अगस्त को एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर को ढहाए जाने का आदेश जारी किया और डीडीए के दस्ते ने उस मंदिर को वहां से हटा दिया.

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First published: August 19, 2019, 4:32 PM IST
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