हिंदू दहशतवादी कहने वाले शिंदे बन सकते हैं कांग्रेस के अध्यक्ष

सुशील कुमार सिंदे की वर्तमान कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ लगभग 25 मिनट के वार्तालाप के बाद उनका अध्यक्ष बनना तय हो गया है.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 11:48 PM IST
हिंदू दहशतवादी कहने वाले शिंदे बन सकते हैं कांग्रेस के अध्यक्ष
कांग्रेसी नेता सुशील कुमार सिंदे
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Updated: July 2, 2019, 11:48 PM IST
प्रशांत लीला रामदास

कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए जो खोज जारी की थी, वह लगभग सुशील कुमार शिंदे के नाम पर आकर रुक गई है.  वर्तमान कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ लगभग 25 मिनट के वार्तालाप के बाद उनका अध्यक्ष बनना तय हो गया है, ऐसी चर्चा है. साथ में ही सुशील कुमार शिंदे ने कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी से भी मुलाकात  की है. यह जानकारी मिली है कि अध्यक्ष पद की दौड़ में सुशील कुमार शिंदे ने मल्लिकार्जुन खड़गे और अशोक गहलोत को पीछे छोड़ दिया है.  इस तरह की चर्चा भी कांग्रेस मुख्यालय में हो रही है.

यूपीए कार्यकाल में केंद्रीय गृह मंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे ने जयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर में 'हिंदू दहशतवाद'  इस तरह का शब्द अपने भाषण में कहा था, जब मालेगांव  बम धमाके का जिक्र कर रहे थे. इसी कारण भारतीय जनता पार्टी ने शिंदे को जोरदार निशाना भी बनाया था. लेकिन अब कांग्रेस सुशील कुमार शिंदे को पार्टी का नया अध्यक्ष बनाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है. तब फिर से एक बार 'हिंदू दहशतवाद' यह शब्द राजनीति में बहुत ज्यादा उपयोग में आने वाला है, ऐसा लगता है.

वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ शिंदे


दलित वोटरों को साधना चाहती है कांग्रेस

पिछले दो लोकसभा चुनाव में सोलापुर से सुशील कुमार शिंदे की हार  हो रही है. महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव की पूर्व सुशील कुमार शिंदे को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर दलितों में कांग्रेस संदेश देना चाहती है कि कांग्रेश हर वक्त दलितों का साथ देना चाहती है. जिस तरह से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और बहुजन मतदाता द्वारा कांग्रेस को नकारा गया है. उसी के लिए यह एक संदेश देने का प्रयत्न कांग्रेस कर रहा है.

गांधी फैमली के पुराने वफादार रहे हैं सुशील कुमार शिंदे

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गांधी फैमली के वफादार 

सुशील कुमार शिंदे के पास पार्टी और सत्ता का काफी लंबा अनुभव है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने विधानसभा में दुबारा सत्ता लाई थी, लेकिन सत्ता आने के बाद भी उनको मुख्यमंत्री न बना कर विलासराव देशमुख को मुख्यमंत्री बनाया गया था. तब भी वो गांधी फैमली के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोल रहे थे. फिर उनको आंध्र प्रदेश का गवर्नर बना दिया गया और यूपी की सत्ता आने के बाद उन्हें गवर्नर पद से सीधा केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया था.

अनुभव को वरीयता

साथ में ही कांग्रेस पार्टी ने उन्होंने  महासचिव के रूप में काफी साल काम किया है. कांग्रेस में सभी नेताओं के साथ अच्छी बातचीत रखने वालों में शिंदे का नाम शुमार होता है. इसलिए सोनिया गांधी की शिंदे पहली पसंद है, ऐसा कहा जाता है. लेकिन जिस मोड़ पर अभी कांग्रेस गुजर रही है, उस मोड़ पर कोई युवा अध्यक्ष हो ऐसी चर्चा थी, लेकिन उम्र का एक पड़ाव पार करने के बाद शिंदे को फिर से एक बार दिल्ली की राजकीय भूमि में प्रमुख भूमिका निभाने  का चांस मिला है.

सुशील कुमार शिंदे अगर अध्यक्ष बन जाते हैं तो भाजपा  भाजपा को कांग्रेस पर फिर से जोरदार प्रहार करने का एक और चांस मिल जाएगा और जिस तरह से अभी देश में माहौल है उस माहौल में भाजपा कांग्रेस को पराजित करने के लिए शिंदे के नाम को भुना सकती है.

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First published: July 2, 2019, 11:42 PM IST
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