पकड़े गए बदमाश बोले ‘लोगों की चुप्पी से मिलता है हौसला, एक साल में की 1500 वारदात’

आरोपी अपराधियों ने बताया कि वे झपटमारी करने के लिए एक साल से पल्सर बाइक का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन, आजतक किसी पीड़ित ने बाइक की शिकायत दर्ज नहीं कराई है. उन्‍होंने हर रोज चार से पांच वारदात को अंजाम देने की बात भी कबू की है.

News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 2:52 PM IST
पकड़े गए बदमाश बोले ‘लोगों की चुप्पी से मिलता है हौसला, एक साल में की 1500 वारदात’
फाइल फोटो- लूट के शिकार लोग थाने तक नहीं जाते हैं शिकायत दर्ज कराने.
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Updated: July 15, 2019, 2:52 PM IST
'हम अब तक दिल्ली में 15 सौ से अधिक झपटमारी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं. ज्यादातर मामलों में कोई शिकायत करने सामने नहीं आया. यहां तक की झपटमारी करने के लिए हम एक साल से पल्सर बाइक का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन आजतक किसी पीड़ित ने बाइक की शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हर रोज चार से पांच वारदात को अंजाम देते हैं. कई बार भीड़ इकट्ठा भी हो जाती है, लेकिन खामोशी के साथ तमाशा देखती रहती है.' यह कहना है साउथ दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए दो बदमाश मनोज और मनीष का.

लुटने वाला पहचानने तक नहीं आता

पुलिस की पूछताछ में मनोज और मनीष ने बताया कि वह एक साल से दिल्ली के साउथ, साउथ-ईस्ट, नॉर्थ और यमुनापार इलाके में झपटमारी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. लेकिन, जब लुटने वालों (पीड़ित) ने रिपोर्ट नहीं लिखवाई तो हमारा हौसला बढ़ता चला गया.

पकड़े जाने पर शिनाख्त करने तक कोई नहीं आता है. यहां तक कि एक साल से हम एक ही बाइक काली पल्सर से झपटमारी कर रहे हैं, लेकिन आजतक किसी ने हमारी बाइक का नम्बर तक पुलिस को नहीं बताया. जबकि बाइक पर नम्बर भी है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में सिर्फ 100 मामले ही सामने आए हैं.

आरोपियों की तिहाड़ जेल में हुई थी दोस्ती

पकड़े गए मनोज ने पुलिस को बताया कि एक मामले में वह तिहाड़ जेल गया था. जहां उसकी दोस्ती मनीष से हो गई. उसके बाद दोनों ने बाहर आकर लूट और झपटमारी की वारदात को अंजाम देना शुरु कर दिया. लूट के पैसों से एक कार भी खरीद ली. अलग-अलग जगह किराए पर फ्लैट भी ले रखा है.

फाइल फोटो- हर रोज दोनों बदमाश चार से पांच वारदातों को अंजाम देते हैं.

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सुबह से शाम तक लूट और झपटमारी की चार से पांच वारदात करते हैं. उसके बाद कार से नाइट क्लब जाते हैं. आरोपियों ने जेल जाते वक्त फिर कहा है कि हमे कब तक जेल में रखोगे. हम फिर से बाहर आएंगे और लूट-झपटमारी के अपने बिजनेस को करेंगे.

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First published: July 15, 2019, 11:51 AM IST
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