कांग्रेस में चरम पर पहुंच गए थे मतभेद! क्या सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने की यही वजह है?

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष (Interim President of Congress) बनना पार्टी की आंतरिक संकट से निपटने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 11:47 PM IST
कांग्रेस में चरम पर पहुंच गए थे मतभेद! क्या सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने की यही वजह है?
सोनिया गांधी का अंतरिम अध्यक्ष बनना पार्टी की आंतरिक संकट से निपटने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
Ravishankar Singh
Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 11:47 PM IST
यूपीए चेयरपर्सन (Upa Chairperson)  और कांग्रेस (Congress) की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) फिर से कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष (Interim President of Congress) बन गई हैं. सोनिया गांधी का अंतरिम अध्यक्ष बनना पार्टी की आंतरिक संकट से निपटने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांग्रेस पार्टी के अंदर राहुल गांधी (Rahul gandhi) की सोच और कांग्रेस के पारंपरिक ढाचे को लेकर मतभेद चरम पर पहुंच गए थे. इससे पार्टी में विभाजन जैसे हालात पैदा होने लगे थे. जानकारों का मानना है कि सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने पर गांधी परिवार और पार्टी में भावनात्मक लगाव बना रहेगा. सोनिया गांधी ने इससे पहले भी लगभग 18 वर्षों तक पार्टी की कमान सफलतापूर्वक संभाल चुकी हैं.

राहुल गांधी परिवार के किसी भी सदस्य के अध्यक्ष बनने के खिलाफ थे!
बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपने परिवार के किसी भी सदस्य के अध्यक्ष बनने के खिलाफ थे, लेकिन प्रियंका गांधी का अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया का समर्थन इशारा करता है कि वह राहुल गांधी के विचार से इत्तेफाक नहीं रखतीं. राजनीति के जानकारों का मानना है कि कांग्रेस पार्टी के एक बाद एक नेता यहां तक कि पार्टी के कुछ राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना सोनिया गांधी को नागवार गुजर रहा था. सोनिया और प्रियंका पार्टी की मौजूदा संकट को भांप गई थी.

सोनिया गांधी ने पार्टी की कमान अपने हाथ में लेकर पार्टी में गांधी परिवार की मजबूत पकड़ कायम रखी


जानकारों का मानना है कि सोनिया गांधी काफी वरिष्ठ हैं और पार्टी में हर वर्ग के लोगों में उनकी पैठ भी है और उनकी बातों को कोई हल्के में लेता. ऐसे में सोनिया गांधी ने कांग्रेस की कमान अपने हाथ में लेकर पार्टी में गांधी परिवार की मजबूत पकड़ कायम रखी और साथ ही पार्टी को टूट से भी बचा लिया.

राहुल गांधी कांग्रेस में बड़े बदलाव के हिमायती
हालांकि, राहुल गांधी को करीब से जानने वाले अब भी कहते हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस में बड़े बदलाव की वकालत कर रहे हैं. राहुल पार्टी के अंदर संगठनात्मक, चुनावी और राजनीतिक मोर्चे पर बदलाव चाहते थे.
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कांग्रेस की गुटबाजी और अंतर्कलह से परेशान होकर राजीव गांधी ने कहा था, ‘कांग्रेस ने सत्ता के दलाल बनाए हैं.'


जानकार बताते हैं कि एक समय राजीव गांधी ने भी ऐसा ही किया था. कांग्रेस की गुटबाजी और अंतर्कलह से परेशान होकर राजीव गांधी ने कहा था कि ‘कांग्रेस ने सत्ता’ के दलाल बनाए हैं. राजीव गांधी के पास भी अनुभवी टीम और राजनीति की व्यापक समझ रखने वाले लोग नहीं थे. लेकिन, सोनिया गांधी ने 18 सालों तक कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर एकतरफा भूमिका निभाई है. सोनिया ने इन 18 वर्षों में फैसले लिए हैं और एक बार फिर से उनसे ऐसा करने की अब भी संभावना है.

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First published: August 12, 2019, 6:02 PM IST
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