6 महीने की जेल और 1000 रुपये जुर्माने के खिलाफ लड़ा 40 साल, आखिरकार SC से हुआ बरी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक दूधिया को 40 साल पुराने एक मामले में बरी कर दिया. साल 1979 के दूध में मिलावट के मामले में दूधिया को छह महीने की जेल और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई थी.

भाषा
Updated: August 1, 2019, 12:02 AM IST
6 महीने की जेल और 1000 रुपये जुर्माने के खिलाफ लड़ा 40 साल, आखिरकार SC से हुआ बरी
न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा कि दूधिये पर लोक विश्लेषक की रिपोर्ट समय पर देने पर विवाद है.
भाषा
Updated: August 1, 2019, 12:02 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक दूधिया को 40 साल पुराने एक मामले में बरी कर दिया. साल 1979 के दूध में मिलावट के मामले में दूधिया को छह महीने की जेल और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई थी लेकिन उसे बुधवार को शीर्ष अदालत से राहत मिल गई.

न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा कि दूधिये के मामले में लोक विश्लेषक की रिपोर्ट समय पर देने पर विवाद है, जिससे उसे कलकत्ता की केन्द्रीय खाद्य प्रयोगशाला के पास जाने का मौका मिलता. पीठ ने कहा कि इस मामले में विश्लेषक की रिपोर्ट अपीलकर्ता को नहीं दी गई और इसे केवल अभियोजन गवाह के बयान के तौर पर भेजना पर्याप्त नहीं है.

शीर्ष अदालत ने मजिस्ट्रेट अदालत के दो जून 1987 के फैसले को निरस्त कर दिया. इस फैसले में गाजियाबाद के निवासी विजेंद्र को संबंधित कानून के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी और एक हजार रुपये का जुर्माना हुआ था. विजेंद्र इस दौरान जमानत पर जेल से बाहर था.

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First published: July 31, 2019, 11:52 PM IST
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