'सुपर मॉम' सुषमा स्वराज नहीं रहीं, अब वह कभी ट्वीट नहीं करेंगी

Sushma Swaraj Death News: सुषमा स्वराज ट्विटर पर लोगों की मदद करती हैं, यह चेक करने के लिए कई बार लोग मजाक भी करते थे. लेकिन सुषमा स्वराज ने कभी किसी का बुरा नहीं माना.

News18Hindi
Updated: August 7, 2019, 6:40 AM IST
'सुपर मॉम' सुषमा स्वराज नहीं रहीं, अब वह कभी ट्वीट नहीं करेंगी
सुषमा स्वराज ट्विटर पर लोगों की मदद करती हैं, यह चेक करने के लिए कई बार लोग मजाक भी करते थे
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Updated: August 7, 2019, 6:40 AM IST
यूसुफ़ अंसारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को कश्मीर पर लिए गए बड़े और कड़े फैसले पर धन्यवाद देने के 2 घंटे बाद पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी मौत की खबर ट्विटर पर आकर इस तरह फैल गई कि उनके इस दुनिया से कूच कर जाने के बाद ट्विटर पर उनके लाखों फैंस सदमे में हैं. उन्हें चाहने वाले बीजेपी के करोड़ों कार्यकर्ता और देश के करोड़ों नागरिक सदमे में हैं.

इन सब का सदमे में होना लाजिमी है, क्योंकि पिछले 5 साल में सुषमा स्वराज ने सबके दिलों में एक ऐसी जगह बनाई थी कि उनके विरोधी भी उनकी दिल खोलकर तारीफ करते थे. बतौर पत्रकार पिछले 20 साल में जब भी सुषमा स्वराज से मिलने का मौका मिला, हमेशा उनमें एक मां की छवि देखी. आज उनकी मौत की ख़बर सुनकर ठीक वैसे ही कैफियत हुई जैसे 7 साल पहले अपनी मां की मौत की ख़बर सुनकर हुई थी. इस खबर ने उनके साथ बीजेपी दफ्तर, स्वास्थ्य मंत्रालय और संसद में हुई मुलाकातों की तमाम यादें ताजा कर दींं. जब भी मिलती थी न सिर्फ हालचाल पूछती बल्कि परिवार के सदस्यों के बारे में भी जरूर पूछतींं.

मां की छवि रही है सुषमा स्‍वराज की

देश में नौजवानी से प्रौढ़ता की तरफ बढ़ रही 40 से 50 साल की उम्र के लोगों में सुषमा स्वराज की एक मां वाली छवि पिछले 5 साल में बेहद पुख्ता हुई है. इसका अंदाजा 2 साल पहले के एक ट्वीट से लगाया जा सकता है.

जब सुषमा स्‍वराज के लिए एक यूजर ने किया था ट्वीट, फाइल फोटो


दरअसल हुआ यह कि 14 फ़रवरी 2017 को सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल से एक ट्विटर यूजर लक्ष्य आडवाणी ने उनसे पूछा था, 'सर, आप मेरे लिए आदरणीय हैं. मेरी एक जिज्ञासा है कि सब कुछ ठीक है न? सुषमा स्वराज मैम आज ट्विटर पर सक्रिय नहीं हैं. उम्मीद है सब ठीक होगा.'
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इसके जवाब में स्वराज कौशल ने कहा, 'यदि वह ट्वीट नहीं कर रही हैं तो इसका मतलब है कि सब कुछ ठीक है.' स्वराज कौशल के इस ट्वीट को लेकर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी थी. लोगों ने स्वराज से उनकी पत्नी सुषमा की खूब तारीफ़ की. कई लोगों ने उनसे कहा कि सुषमा अब तक की सबसे बेहतरीन विदेश मंत्री हैं.

स्वराज कौशल की इस प्रतिक्रिया के बाद लक्ष्य आडवाणी ने एक और ट्वीट किया. उन्होंने इस ट्वीट में कहा, 'जवाब देने के लिए बहुत शुक्रिया सर. उम्मीद है कि मेरी सुपर मॉम सुषमा भी बढ़िया होंगी. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन पर हमेशा कृपा बनी रहे.'



सुपर मॉम ट्वीट के जवाब में स्वराज कौशल ने पांच मार्च को ट्वीट किया, 'आपकी सुपर मॉम सुषमा स्वराज और मैं (सुपर डैड नहीं) दोनों बढ़िया हैं. शुक्रिया.' इस पर आशीष नाम के एक ट्वीटर यूजर ने कहा था कि एक सुपर और दूसरा नॉट सुपर बढ़िया संतुलन है. सोचिए कि अगर आज लक्ष्य आडवाणी ने यह ट्वीट किया होता. तो स्वराज कौशल क्या जवाब देते. यही न कि 'तुम्हारी सुपर मॉम अब नहीं रहींं और वह ट्विटर पर अब कभी सक्रिय नहीं होंंगी.'

बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ट्विटर पर काफी एक्टिव रहीं. सुषमा ने ट्विटर के ज़रिए 5 साल में सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुलझाईं. इसके लिए वो पांच साल लगातार सुर्खियों में बनी रहीं. मिस्र की इमान अहमद को वीज़ा दिलाना हो या फिर विदेश में फंसे किसी भारतीय की मदद करनी हो, सुषमा लोगों की मदद के लिए ट्विटर के माध्यम से हर समय उपलब्ध रहीं. जब लखनऊ के एक हिंदू-मुस्लिम दंपत्ति को पासपोर्ट देने में अधिकारियों ने आनाकानी की तो सुषमा स्वराज ने दखल देकर न सिर्फ दंपत्ति को पासपोर्ट दिलवाया बल्कि पासपोर्ट अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी की.

ट्विटर पर कई बार लोग उनसे मजाक भी करते थे
सुषमा स्वराज ट्विटर पर लोगों की मदद करती हैं, यह चेक करने के लिए कई बार लोग मजाक भी करते थे. लेकिन सुषमा स्वराज ने कभी किसी का बुरा नहीं माना और ऐसे ट्वीट का भी ऐसे जवाब देती थीं कि लोग उनकी तारीफ किए बिना नहीं रहते थे.

एक बार सुषमा स्वराज को टैग करके किया गया ट्वीट एकदम अलग और हट के था. करन सैनी नाम के एक ट्विटर यूजर ने सुषमा को टैग करते हुए लिखा, 'सुषमा स्वराज जी, मैं मंगल ग्रह पर फंस गया हूं. 987 दिन पहले मंगलयान से जो खाना भेजा गया था, वह खत्म हो गया है, आप दूसरा मंगलयान कब भेज रही हैं.'

सुषमा स्वराज ने करन सैनी के ट्वीट का जवाब बड़े ही मजेदार अंदाज में दिया. सुषमा ने कहा, 'अगर आप मंगल ग्रह पर भी फंस जाएंगे, तब भी इंडियन एम्बेसी आपकी मदद करेगी.'

सुषमा के इस शानदार जवाब ने उनके फॉलोअर्स का दिल जीत लिया है. विदेश मंत्री के इस ट्वीट को कुछ ही घंटों में 10 हजार से ज्यादा लोग लाइक और 5 हजार से ज्यादा लोग रीट्वीट कर चुके थे. विदेश मंत्री का ये ट्वीट वायरल हो गया था.

जब ख़राब फ्रिज को लेकर ट्विटर यूजर्स ने मांगी थी मदद
मोदी सरकार की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उस वक्त अजीब उलझन में फंस गई थीं, जब ट्विटर पर उनसे एक यूज़र ने अपने ख़राब फ्रिज को लेकर मदद मांगी. दरअसल वेंकट नाम के व्यक्ति ने ट्विटर पर सुषमा स्वराज और रामविलास पासवान को ट्वीट करते हुए अपने ख़राब फ्रिज़ के बारे में मदद मांगी थी. उन्होंने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को ट्वीट कर बताया कि एक कंपनी ने उन्हें ख़राब फ्रिज बेच दिया है. वह कंपनी इसे बदलने को तैयार नहीं बल्कि मरम्मत के लिए जोर दे रही है. सुषमा स्वराज ने भी बड़ी ही विनम्रता के साथ ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, 'भाई मैं रेफ़्रिजरेटर से जुड़े मामले में आपकी मदद नहीं कर सकती. मैं संकटग्रस्त लोगों की मदद करने में ही व्यस्त हूं.' इसके बाद लोगों ने ट्विटर पर वेंकट का खूब मजाक उड़ाया और सुषमा की हाज़िर-जवाबी की जमकर तारीफ हुई.

ट्विटर के ज़रिए लोगों की मदद करने वाले और मजाकिया ट्वीट्स की एक लंबी फेहरिस्त है. इससे यही साबित होता है कि सुषमा स्वराज ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर को लोगोंं से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याएं सुलझाने के लिए बेहतरीन माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया. ऐसा करने वाली वह शायद दुनिया की पहली और एकमात्र नेता हैं, जिसने इतने बड़े पैमाने पर ट्विटर के जरिए लोगों की समस्याएं सुुलझाईं हैंं. सुषमा स्वराज के इस अवतार ने राजनीतिक हलकों में सभी को प्रभावित किया. उनके कट्टर से कट्टर विरोधी भी इसके लिए उनकी दिल खोलकर तारीफ़ करने में कंजूसी नहीं करते.

सुषमा स्वराज किसी को फॉलो नहीं करतीं
नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल वाली सरकार में सुषमा स्वराज पूरे 5 साल विदेश मंत्री रहीं. मोदी के बाद ट्विटर पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाली वही मंत्री थीं, जबकि मोदी चाहते थे कि उनकी सरकार के ज्यादातर मंत्री सोशल मीडिया के जरिए लोगों से जुड़ी और उनकी समस्या का समाधान करें. इस मामले में सुषमा स्वराज सब पर हावी हो गईं. सबसे खास बात यह रही कि ट्विटर पर सुषमा स्वराज को एक करोड़ 3 लोग फॉलो करते हैं. जबकि सुषमा स्वराज किसी को फॉलो नहीं करतीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं.



70 के दशक में समाजवादी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाली सुषमा स्वराज 90 के दशक में बीजेपी में आईंं. 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार प्रधानमंत्री बने तो सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी सुषमा स्वराज को दी गई थी. वाजपेयी के विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में सुषमा का दिया हुआ भाषण आज भी लोगों को याद है. उसके बाद उन्हें पार्टी प्रवक्ता बनाया गया. सुषमा स्वराज लगातार आगे बढ़ती रहींं. बाद में वाजपेयी की दोनों सरकारों में वो मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रहींं.

हिंदी-अंग्रेजी पर थी बराबर पकड़
हालांकि पार्टी में संघ की पृष्ठभूमि से नहीं आने की वजह से शुरुआती दिनों में उन्हें काफी दिक्कतों और खींचतान का सामना करना पड़ा. लेकिन लोगों से संवाद क़ायम करने और हिंदी-अंग्रेजी पर बराबर पकड़, पार्टी से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी और नपे तुले शब्दों में अपनी राय रखने जैसी खूबियों के चलते कोई उनका रास्ता नहीं रोक पाया. दूसरी बार मोदी सरकार बनने पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर देश भर को हैरानी हुई थी.

यह उनके लिए और हमारे लिए गर्व की बात है कि दुनिया भर के विदेश नीति के चिंतकों की लिस्ट में सुषमा स्वराज का नाम शामिल किया गया है. सुषमा स्वराज के लिए यह भी फख्र की बात है कि उनके बाद विदेश मंत्री बनने वाले पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर ने सुषमा स्वराज के पद चिन्हों पर ही विदेश मंत्रालय को चलाने की बात कही थी.

सुषमा स्वराज अब नहीं रहींं. यह एक सच्चाई है. लेकिन भारतीय राजनीति में उनकी कमी लंबे अरसे तक महसूस की जाएगी. कुछ मामलों में शायद उनकी कमी को शायद ही पूरा किया जा सके. देश की जनता में मां जैसी छवि बनाने वाली इस नेता के निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि.

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First published: August 7, 2019, 6:06 AM IST
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