समझौता एक्स. ब्लास्ट समेत तीन मामलों से बरी असीमानंद ने कहा- 'नहीं टिक पाई भगवा आतंक की थ्योरी'

जब मामला कोर्ट में आया तो पुलिस और सरकार के सारे षड्यंत्र विफल हो गए. कोर्ट ने एक-एक कर तीनों मामलों में (मक्का मस्जिद ब्लास्ट, अजमेर ब्लास्ट और समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट) बरी कर दिया.

News18India
Updated: May 17, 2019, 7:09 AM IST
समझौता एक्स. ब्लास्ट समेत तीन मामलों से बरी असीमानंद ने कहा- 'नहीं टिक पाई भगवा आतंक की थ्योरी'
समझौता एक्स. ब्लास्ट समेत तीनों मामलों में बरी हुए स्वामी असीमानंद
News18India
Updated: May 17, 2019, 7:09 AM IST
समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में बरी होने के बाद स्वामी असीमानंद ने कहा कि हिन्दू आतंकवाद की झूठी कहानी गढ़ी गई. ‘मुझे हिन्दू और कथित भगवा आतंकवाद का पर्याय बना दिया गया था’. उन्होंने कहा कि उन्हें देश के संविधान पर पूरा विश्वास है. उन पर लगे सभी आरोपों को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने 'भगवा आतंकवाद' के आरोपों को भी निराधार पाया है.

स्वामी असीमानंद ने बताया कि उन दिनों पश्चिम बंगाल में तेजी से धर्मांतरण कराया जा रहा था. ऐसे समय में उन्होंने हिंदुत्व के प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया और धर्मांतरण करने वाले लोगों को हिंदू धर्म में वापसी करवाई. इसी ने नाराज होकर तत्कालीन सरकार ने उन्हें झूठे मामलों में फंसाना शुरू कर दिया.



समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में उनका नाम और अंडरग्राउंड होने पर स्वामी असीमानंद ने कहा कि वे कहीं छिपे नहीं थे. उनका मोबाइल भी एक्टिव था. उन्होंने कहा कि ब्लास्ट मामले की जानकारी उन्हें टीवी के जरिए ही मिली और ये भी पता चला कि पुलिस उनकी तलाश कर रही है. समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने के झूठे आरोप में पुलिस ने हरिद्वार से उन्हें 19 नवंबर 2010 को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पहले उन पर दबाव बनाया कि वो अपना जुर्म कबूल कर लें. मगर उन्होंने जब गुनाह कबूल करने से इनकार कर दिया तो पुलिसवालों ने टार्चर करना शुरू कर दिया. इतना ही उनके भाई को भी जबरन उठा लाए और मां को भी वहां ले आने की धमकी देने लगे. ऐसे में उन्होंने मां और भाई को प्रताड़ना से बचाने के लिए जुर्म कबूल कर लिया. लेकिन जब मामला कोर्ट में आया तो पुलिस और सरकार के सारे षड्यंत्र विफल हो गए. कोर्ट ने एक-एक कर तीनों मामलों में (मक्का मस्जिद ब्लास्ट, अजमेर ब्लास्ट और समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट) बरी कर दिया. कोर्ट ने भी माना कि पुलिस ने उन्हें गलत तरीके से फंसा रही थी.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी का प्रत्याशी बनाने पर स्वामी असीमानंद ने कहा कि भगवा आतंकवाद की गलत थ्योरी तोड़ने के लिए उनको उम्मीदवार बनाया जाना जरूरी था. पिछली सरकार ने उन्हें भी झूठे मामले में फंसाया था. भोपाल की जनता अब उसका जवाब देगी. उन्होंने कहा कि लोगों के बीच हिंदू व भगवा आतंकवाद की एक झूठी कहानी का प्रचार किया गया. साध्वी प्रज्ञा का चुनाव लड़ना उसी का जवाब है. वहीं चुनाव लड़ने के सवाल पर स्वीमी असीमानंद ने कहा कि वो पश्चिम बंगाल से हैं और वहां के हालात चिंताजनक हैं. फिर भी पार्टी अगर चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो वो जरूर लड़ेंगे.

ये भी पढ़ें - समझौता एक्सप्रेस फैसला: रुबसाना का सवाल- मेरे 5 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

ये भी पढ़ें - समझौता ब्‍लास्‍ट के फैसले पर भड़का पाकिस्‍तान, कहा- हिंदू आतंकियों को बचा रहा भारत
Loading...

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

News18 चुनाव टूलबार

  • 30
  • 24
  • 60
  • 60
चुनाव टूलबार