टेरर फंडिंग मामले में अंद्राबी समेत 3 आतंकियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी

आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के मामले में आरोपित अलगाववादी मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शब्बीर शाह की न्यायिक हिरासत की अवधि पटियाला हाउस की एनआईए कोर्ट ने 15 जुलाई तक बढ़ा दी.

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Updated: July 13, 2019, 5:48 AM IST
टेरर फंडिंग मामले में अंद्राबी समेत 3 आतंकियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के मामले में आरोपित अलगाववादी मसरत आलम. (फाइल फोटो)
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Updated: July 13, 2019, 5:48 AM IST
आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के मामले में आरोपी अलगाववादी मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शब्बीर शाह की न्यायिक हिरासत की अवधि पटियाला हाउस की एनआईए कोर्ट ने 15 जुलाई तक बढ़ा दी है.

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में ही तीनों आरोपियों से एनआईए की टीम ने अलग-अलग पूछताछ की थी. वहीं मसरत ने ईद के बाद पूछताछ करने की सिफारिश की थी, लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया था. इससे टेरर फंडिंग के मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह और आंसिया अंद्राबी को कोर्ट ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी थी.



इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और कई अन्य अलगाववादी नेताओं से पूछताछ के बाद दावा किया था कि कश्मीर घाटी में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान से टेरर फंडिंग होती रही है.

एनआईए के अनुसार....

एनआईए के मुताबिक, मुस्लिम लीग के नेता मसर्रत आलम ने अधिकारियों को बताया था कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से पैसे जुटाए और हवाला ऑपरेटर्स के जरिए उसे जम्मू-कश्मीर भेजा.

मसर्रत आलम के मुताबिक अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के भीतर विदेश से फंड जुटाने और उसके इस्तेमाल को लेकर मतभेद भी हैं. बता दें कि मसर्रत आलम घाटी में पत्थरबाजों का पोस्टरबॉय कहलाता था. इसने कट्टरवादी हुर्रियत नेता सैयद शाह गिलानी सहित कई अलगाववादी नेताओं को पैसा ट्रांसफर किया था.

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जानें कौन है आसिया अंद्राबी?

आसिया अंद्राबी को कश्मीर की पहली महिला अलगाववादी नेता माना जाता है. आसिया अंद्राबी भारत सरकार के बैन किए महिला संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक हैं. ये संगठन कश्मीर में अलगाववादी ताकतों के हाथ मजबूत करने के लिए बनाया गया है.

अंद्राबी कई बार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद का खुला समर्थन करती भी दिखी हैं. हाफिज सईद उसे अपनी मुंहबोली बहन मानता है. एनआईए ने आसिया अंद्राबी और हाफिज सईद के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड की थी. बातचीत में हाफिज आसिया को बहन कहकर संबोधित कर रहा था.

आसिया अंद्राबी खुलेआम भारत का विरोध करती हैं. वो फेसबुक और ट्विटर पर भारत विरोधी पोस्ट और ट्वीट करती हैं. उसके ट्विटर हैंडल पर करीबी नजर डालने पर वहां उनके फॉलोअर्स में कई लश्कर आंतकी दिखे.

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कौन है शब्बीर शाह
अलगाववादी नेता शब्बीर शाह जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (JKDFP) के संस्थापक और अध्यक्ष हैं. JKDFP जम्मू और कश्मीर के "आत्मनिर्णय के अधिकार" की मांग करने वाले मुख्य अलगाववादी राजनीतिक संगठनों में से एक है. शब्बीर 31 साल जेल में बिता चुके हैं. वे 'जेल बर्ड', कश्मीर का नेल्सन मंडेला और एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा 'विवेक के कैदी' के रूप में जाने जाते हैं.

मसरत आलम पर हैं गंभीर आरोप

मसरत आलम को अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का करीबी माना जाता है. मसरत 2008-10 में राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों का मास्टरमाइंड रहा है. उस दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं में 112 लोग मारे गए थे. मसरत के खिलाफ देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने समेत दर्जनों मामले दर्ज थे. उसे चार महीनों की तलाश के बाद अक्टूबर 2010 में पकड़ा गया था. मसरत पर संवेदनशील इलाकों में भड़काऊ भाषण के आरोप भी लग चुके हैं.

मसरत आलम को अक्टूबर 2010 में श्रीनगर के गुलाब बाग इलाके से 4 महीने की मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया गया था. गिलानी के करीबी माने जाने वाले मसरत आलम पर दस लाख रुपये का इनाम भी था. मसरत 2010 से पब्लिक सेफ्टी एक्ट यानी पीएसए के तहत जेल में बंद था.

इनपुट – सुशील पाण्डेय
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