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उन्‍नाव रेप पीड़‍िता को एम्‍स से मिली छुट्टी, कोर्ट ने परिवार को दिल्‍ली में रुकने का दिया निर्देश

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Updated: September 25, 2019, 8:28 AM IST
उन्‍नाव रेप पीड़‍िता को एम्‍स से मिली छुट्टी, कोर्ट ने परिवार को दिल्‍ली में रुकने का दिया निर्देश
उन्‍नाव रेप पीड़‍िता को एम्‍स से मिली छुट्टी, दिल्‍ली में परिवार सहित रुकने के निर्देश .

उन्‍नाव रेप पीड़‍िता (Unnao Rape Survivor) अपने परिवार के साथ अगले एक हफ्ते तक एम्स (AIIMS) के जय प्रकाश नारायण ट्रामा सेंटर के हॉस्टल में रहेगी. इस दाैरान पीड़िता के साथ उसकी मां, दो बहनें और एक भाई भी यहां रहेंगे.

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  • Last Updated: September 25, 2019, 8:28 AM IST
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उन्‍नाव. उन्नाव रेप पीड़‍िता (Unnao Rape Survivor) को दिल्ली (Delhi) के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से छुट्टी दे दी गई है. मंगलवार देर शाम पीड़‍िता को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज (Discharge From Hospital) किया गया. हालांकि पीड़ि‍ता के परिवार को तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) ने दिल्‍ली में ही रूकने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में पीड़‍िता अपने परिवार के साथ अगले एक हफ्ते तक एम्स के जय प्रकाश नारायण ट्रामा सेंटर के हॉस्टल में रहेगी. इस दाैरान पीड़िता के साथ उसकी मां, दो बहनें और एक भाई भी यहां रहेंगे.



बता दें कि पीड़िता के परिवारवालों ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनकी जान को उनके गांव में खतरा है. लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर उन्‍हें दिल्‍ली में रहने की व्‍यवस्‍था की जाए. इसके बाद कोर्ट ने गवाह सुरक्षा दिशा-निर्देशों के तहत ये निर्देश दिया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी.
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आरोपी विधायक और अन्य के खिलाफ हो चुका है आरोप तय
उन्नाव रेप केस मामले में पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स केस में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत के मामले में बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं. कोर्ट ने हाल ही में सुनवाई करते हुए प्रथमदृष्टया पाया कि मामले में बड़ी साजिश रची गई है. कोर्ट के मुताबिक, पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उसने कोई हस्तक्षेप नहीं किया. साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोट के निशान पाए गए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी 5 केस दिल्ली किए ट्रांसफर
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पिछले दिनों इस मामले से जुड़े सभी पांचों केस उत्तर प्रदेश से बाहर दिल्ली ट्रांसफर कर दिए थे. शीर्ष अदालत ने इस मामले की रोजाना सुनवाई के आदेश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट की ओर से अपॉइंट जज इन सभी पांच केसों की सुनवाई करेंगे. ट्रायल 45 दिन के अंदर पूरा करना होगा. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि हम पीड़िता के लिए अंतरिम मदद की अपील भी स्वीकार करते हैं. साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को ये आदेश दिया जाता है कि वो पीड़िता के परिवार को अंतरिम मदद के तौर पर 25 लाख रुपए की सहायता राशि दे. बाद में जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद की राशि बुलाई जा सकती है.

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First published: September 25, 2019, 8:02 AM IST
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