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फेक न्यूज देश की सच्चाई है जो चुनाव के वक्त और भी ज्यादा बढ़ जाती है: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

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Updated: December 10, 2019, 10:04 PM IST
फेक न्यूज देश की सच्चाई है जो चुनाव के वक्त और भी ज्यादा बढ़ जाती है: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लोकमत पार्लियामेंट्री अवॉर्ड 2019 समारोह में मीडिया के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए. (फाइल फोटो)

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने लोकमत पार्लियामेंट्री अवॉर्ड 2019 (Lokmat Parliamentary Award) के समारोह में कहा कि मीडिया संस्थान न्यूज को प्राथमिकता दें और व्यूज को संपादकीय पेज के लिए बचा कर रखें. वेंकैया नायडू ने कहा कि देश के मीडिया संस्थानों को एक बार खबर की सत्यता की जांच कर लेनी चाहिए.

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  • Last Updated: December 10, 2019, 10:04 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने मंगलवार को कहा कि, मीडिया को टीआरपी (TRP) की रेस में शामिल नहीं होना चाहिए. उन्होंने मीडिया को टीआरपी की रेस से बचने की सलाह दी. वे नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित लोकमत पार्लियामेंट्री अवॉर्ड 2019 के समारोह में बोल रहे थे. फेक न्यूज आज भारत की सच्चाई है और वह चुनाव के वक्त और भी ज्यादा बढ़ जाती है, जबकि पत्रकारिता एक मिशन है.

उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक के लिए राष्ट्र पहले होना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग ऐसा नहीं सोचते. वेंकैया नायडू ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति का विकास पहले होना चाहिए. सोशल मीडिया एक साथ पॉजिटिव और निगेटिव दोनों भूमिका अदा कर सकता है. पॉलिटीशियन भी अब अपना न्यूज चैनल और अखबार निकाल रहे हैं.

व्यूज और न्यूज में अंतर होता है
वेंकैया नायडू ने कहा कि मीडिया की देश के विकास में अहम भागीदारी है, लेकिन मीडियाकर्मियों को यह समझने की जरूरत है कि व्यूज और न्यूज में अंतर होता है. संस्थान न्यूज को प्राथमिकता दें और व्यूज को संपादकीय पेज के लिए रखें. मीडिया संस्थानों को एक बार खबर की सत्यता की जांच कर लेनी चाहिए. हम देश में आए दिन देखते हैं कि कैसी-कैसी खबरें आ रही हैं, जो नकारात्मक प्रभाव भी डालती हैं.’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि, सोशल मीडिया पर तो ज्यादातर बातें नकारात्मकता फैलाती हैं. आज-कल लोग पेड न्यूज और फेक न्यूज से परेशान हो गए हैं. देश के लोगों को भी मीडिया को बताना चाहिए कि वह गलत कर रहे हैं.

लोकमान्य तिलक ने दिया था लोकमत का नाम
वेंकैया नायडू ने कहा, आजकल सारे चैनल ब्रेक्रिंग-ब्रेक्रिंग कर रहे हैं, कोई काम की खबरों पर ध्यान नहीं देता है. लोकमत मीडिया समूह की तारीफ करते हुए वेंकैया नायडू ने कहा, ‘लोकमत समाचार पत्र के संपादक खुद स्वतंत्रता सेनानी थे. लोकमत का नाम खुद लोकमान्य तिलक ने दिया था. मैं सांसदों को अवॉर्ड देने लोकमत के इस समारोह से काफी खुश हूं. इससे हमें सांसदों के रिपोर्ट के बारे में पता चलता है.’

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First published: December 10, 2019, 9:59 PM IST
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