लाइव टीवी

दिल्ली की सियासत में नया नहीं है पानी का भूचाल, इस मामले से भी सुर्खियों में आया था जल बोर्ड

News18Hindi
Updated: November 19, 2019, 1:31 PM IST
दिल्ली की सियासत में नया नहीं है पानी का भूचाल, इस मामले से भी सुर्खियों में आया था जल बोर्ड
2012 में टैंकर घोटाला उस वक्त सामने आया था जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी और सीएम जल बोर्ड की अध्यक्ष थीं.

2006 में दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने स्टील के टैंकर (Tanker) मंगाने का फैसला किया. 400 टैंकर का टेंडर करीब छह सौ करोड़ रुपये में दिया गया. आरोप कांग्रेस सरकार (Congress Government) पर लगे की 180 करोड़ का काम 600 करोड़ में करवाया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2019, 1:31 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) और सुर्खियों का शायद कोई पुराना नाता है. ये ही वजह है कि किसी न किसी मुद्दे के चलते जल बोर्ड लगातार सुर्खियों में बना रहता है. ताजा मामला देशभर में सबसे ज्यादा प्रदुषित पानी (Water Pollution) दिल्ली (Delhi) का होने से जुड़ा है. लेकिन ये कोई पहला मुद्दा नहीं है जब जल बोर्ड को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. इससे पहले टैंकर घोटाले के आरोपों को लेकर भी जल बोर्ड खासा सुर्खियों में रहा था. इतना ही नहीं दिल्ली की सियासत (Politics) में भी खलबली मचा दी थी.

इस तरह टैंकर घोटाले करने के लगे थे आरोप

2006 में दिल्ली सरकार ने स्टील के टैंकर मंगाने का फैसला किया. 400 टैंकर का टेंडर करीब छह सौ करोड़ रुपये में दिया गया. आरोप कांग्रेस सरकार पर लगे की 180 करोड़ का काम 600 करोड़ में करवाया गया. टैंकर में GPS लगाने का ठेका 60 करोड़ में दिया गया. आरोप लगे कि ये काम 15 करोड़ में किया जा सकता था.

आरोप ये भी लगा कि GPS लगाने का काम बिना टेंडर दिया गया. साथ ही किराए पर चलने वाले  3000 लीटर का स्टील टैंकर का किराया 1 लाख 11 हजार रुपए है. जबकि 9000 लीटर टैंकर का किराया 1 लाख 40 हजार रुपए है.

टैंकर घोटाले से जुड़े ये आरोप बने थे मुद्दा

-आरोपों के अनुसार टैंकर घोटाले में प्राइवेट पानी टैंकरों को किराए पर लेकर पानी वितरण में गड़बड़ी हुई थी.

-आरोप सामने आते ही मई, वर्ष 2015 में आप सरकार ने कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में समिति बनाकर जांच के आदेश दिए गए थे.
Loading...

-अगस्त 2015 में समिति ने रिपोर्ट सौंपते हुए स्वीकार किया कि टैंकर घोटाला हुआ है.

-रिपोर्ट में समिति ने बताया कि 400 करोड़ का टैंकर घोटाला 2012 में कांग्रेस के समय में हुआ था.

-रिपोर्ट में बताया कि भाई-भतीजावाद निभाते हुए 385 टैंकर किराए पर लिए गए थे.

-समिति की रिपोर्ट को तत्कालीन एलजी के पास भेज दिया गया.

-एलजी से मांग की गई कि घोटाले की जांच सीबीआई या फिर एसीबी से कराई जाए.

-एलजी ने समिति की रिपोर्ट एसीबी को जांच के लिए भेज दी थी.

-एसीबी ने कथित टैंकर घोटाले के संबंध में एफआईआर दर्ज की थी.

-टैंकर घोटाले की शिकायत सबसे पहले व्हिसल ब्लोअर इंजीनियर जेपी गौड़ ने की थी.

ये भी पढ़ें :

पुलिस ने चेकिंग के लिए बाइक रोकी तो युवक बोला, ‘मेरा भाई वकील है, जिन्होंने अभी तुम्हें पीटा था’

जेल से बाहर आते ही हनीप्रीत ने किए ये तीन काम, किले में बदला डेरा सच्चा सौदा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 19, 2019, 1:31 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...