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संघ और मुसलमान: आखिर सभी भारतीयों को 'हिंदू' क्यों मानता है RSS...

आरएसएस (फाइल फोटो)

आरएसएस (फाइल फोटो)

संघ का मानना है कि भारत में रहने वाले ईसाई या मुस्लिम भारत के बाहर से नहीं आए हैं. वे सब यहीं के हैं और हम सबके पुरखे ए ...अधिक पढ़ें

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने 'भविष्य का भारत' मुद्दे पर अपने भाषण में हिंदुत्व सहित कई मुद्दों पर अपना नजरिया रखा. कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दल हिंदुत्व को लेकर ही आरएसएस को निशाने पर लेते रहे हैं. आईए हम समझते हैं कि आखिर संघ का हिंदुत्व क्या है, संघ किसे हिंदू मानता है?

    आरएसएस की छवि मुस्लिम विरोधी बनाई गई है, जबकि उसके साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम भी जुड़े हुए हैं. इसके लिए संघ का ही एक संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच काम कर रहा है. संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के पास यही काम है. मंच से जुड़े फैज खान इन दिनों गौसेवा सद्भावना पदयात्रा पर हैं.

    संघ का मानना है, ‘भारत में रहने वाले ईसाई या मुस्लिम भारत के बाहर से नहीं आए हैं. वे सब यहीं के हैं और हम सबके पुरखे एक ही हैं. किसी कारण से मजहब बदलने से जीवन दृष्टि नहीं बदलती है. इसलिए उन सभी की जीवन दृष्टि भारत की यानी हिंदू ही है. हिंदू होने के नाते वे संघ में आ सकते हैं, आ रहे हैं और जिम्मेदारी लेकर काम भी कर रहे हैं. उनके साथ मजहब के आधार पर कोई भेदभाव या कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिलता है.’ संघ ने अपनी वेबसाइट में इसे स्पष्ट किया है.

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    आरएसएस के मुताबिक, ‘संघ में हिंदू शब्द का प्रयोग उपासना, पंथ या मजहब के नाते नहीं होता. इसलिए संघ एक धार्मिक या रिलिजियस संगठन नहीं है. हिंदू एक जीवन दृष्टि है. इसका इसी अर्थ में संघ में प्रयोग होता है. इस जीवन दृष्टि को मानने वाला, भारत के इतिहास को अपना मानने वाला, यहां जो जीवन मूल्य विकसित हुए हैं,  उन्हें अपने आचरण से समाज में प्रतिष्ठित करने वाला और इन जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए त्याग और बलिदान करने वाले को अपना आदर्श मानने वाला हर व्यक्ति हिंदू है, फिर उसका मजहब या उपासना पंथ चाहे जो हो.

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    मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इस्लाम अब्बास के मुताबिक, "यह आम धारणा है कि आरएसएस मुस्लिम विरोधी है. हम इस धारणा को तोड़कर लोगों को समझाने का काम कर रहे हैं. इस समय 24 राज्यों के 325 शहरों में मंच की इकाइयां हैं. संघ के लाखों मुस्लिम समर्थक हैं."

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    दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण’ विषय पर 17 से 19 सितंबर तक तीन दिवसीय कार्यक्रम हो रहा है. इसमें सरसंघचालक मोहन भागवत आरएसएस के प्रति लोगों की गलत धाराणाओं को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. संघ की स्थापना से अब तक 93 साल के सफर में पहली बार संघ प्रमुख इस तरह अलग-अलग वर्गों के लोगों से संवाद कर रहे हैं.

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    Tags: BJP, Congress, Hindu-Muslim, Muslim, Rahul gandhi, RSS

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