हेमराज की मौत के साथ ही खत्म हो गए कई 'राज'!

नासिर हुसैन
Updated: October 13, 2017, 9:20 AM IST
हेमराज की मौत के साथ ही खत्म हो गए कई 'राज'!
हेमराज की जिंदगी से जुड़े राज उसकी मौत के साथ ही दफ्न हो गए हैं.
नासिर हुसैन
Updated: October 13, 2017, 9:20 AM IST
आरुषि मर्डर केस की तरह से तलवार दंपत्ति के नौकर हेमराज की जिंदगी भी कुछ कम अनसुलझी नहीं है. हेमराज की मौत हो चुकी है. हेमराज की जिंदगी से जुड़े राज उसकी मौत के साथ ही दफन हो गए हैं.

बावजूद इसके हेमराज से जुड़े कुछ सवाल ऐसे हैं जिनके सवाल इस केस की कुछ गांठों को तो खोल ही सकते हैं. मसलन तीन साल मलेशिया में रहने के दौरान हेमराज के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसने अपने आपको सीमित कर लिया. क्यों हेमराज नेपाल और दिल्ली के बीच भागता रहा. तलवार दंपत्ति के यहां नौकरी के दौरान भी हेमराज ज्यादातर समय खुद को घर में ही बंद रखता था. कत्ल वाली रात उसने अपने मोबाइल से खाड़ी देश में दो बार किससे बात की थी.

सूत्रों के अनुसार, पुलिस की तफ्तीश पर गौर करें तो हेमराज पहली बार 1992 में दिल्ली आया था और यहां ऑटो चलाने लगा था. लेकिन 10 साल बाद अचानक से तीन साल के लिए मलेशिया चला गया. जानकारी के मुताबिक उसने वहां कुक का काम किया. लेकिन तीन साल बाद ही मलेशिया से वापस लौट आया.

अगले दो साल तक वह फिर दिल्ली में ही रहा.  इस दौरान वह कभी ऑटो चलाता था तो कभी अन्य किसी काम में व्यस्त रहता था.  इसके बाद फिर अचानक कुछ हुआ, जिसकी वजह से वह नेपाल लौट गया.  साल 2003 से 2006 के बीच वह कभी दिल्ली तो कभी नेपाल के बीच आवाजाही करता रहा.

लेकिन कभी एक जगह पर टिक कर नहीं रहा. सबसे चौंकाने वाली बात है कि उसने इस दौरान नौकरी नहीं की. अगर उसने नौकरी नहीं की तो फिर गुजारा चलाने के लिए क्या किया? यह अब तक पता नहीं चल पाया है. सितंबर 2007 में वह अपने परिवार को नेपाल में ही छोड़कर नोएडा आ गया.

नोएडा सेक्टर-37 में उसका दामाद रहता था. दामाद के पास ही हेमराज भी रहने लगा. करीब एक महीने हेमराज को नौकरी नहीं मिली. वह ऑटो चला सकता था. लेकिन जानकारों की मानें तो उसने ऐसा नहीं किया. आखिर क्यों? इसी दौरान पता चला कि सेक्टर-25 जलवायु विहार में रहने वाले डॉ. राजेश तलवार के घर का कुक विष्णु नेपाल जा रहा है.

लिहाजा, एक कुक की जरूरत है. हेमराज मलयेशिया में कुक रह चुका था. इस वजह से उसने काम करना स्वीकार कर लिया. उसे रहने का ठिकाना भी मिल गया. उसके रिश्तेदार बताते हैं कि हेमराज अपनी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा किसी से बातचीत नहीं करता था. वह कुछ लोगों के ही संपर्क में रहता था.

इससे साफ होता है कि कुछ ऐसा राज़ था जो हेमराज की निजी जिंदगी से जुड़ा था. जो उसकी मौत के साथ ही दफन हो गया. आखिर क्या था वह राज़ था.
First published: October 13, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर