दिल्ली में सीलिंग को लेकर गुस्से से क्यों बेफिक्र है BJP? जानें वजह

बीजेपी इस मसले को लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित नहीं है कि परंपरागत रूप से उसका वोट बैंक रहे व्यापारी उससे नाराज़ हो रहे हैं. सवाल है आख़िर क्यों?

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: March 13, 2018, 1:33 PM IST
दिल्ली में सीलिंग को लेकर गुस्से से क्यों बेफिक्र है BJP? जानें वजह
Delhi Sealing
Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: March 13, 2018, 1:33 PM IST
दिल्ली में पिछले तीन महीने से अवैध व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ख़िलाफ़ सीलिंग की कार्रवाई चल रही है. इस दौरान दिल्ली के अलग-अलग बाजारों में करीब 4000 हज़ार दुकानें सील हो चुकी हैं. इससे न केवल दुकानदारों की मुश्किल बढ़ी है, बल्कि उनके यहां काम कर रहे लोगों की रोज़ी रोटी भी छिन गई. दिल्ली नगर निगम, डीडीए और केंद्र सरकार में सत्ता पर बीजेपी बैठी है, लेकिन फिर भी बीजेपी इस मसले को लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित नहीं दिख रही है कि परंपरागत रूप से उसका वोट बैंक रहे व्यापारी उससे नाराज़ हो रहे हैं. सवाल है आख़िर क्यों?

दरअसल हाल के वर्षों में दिल्ली का हर बाजार सदर बाजार की तरह जाम होता जा रहा है. दुकानों के अतिक्रमण, दुकानों के बाहर सड़क पर गाड़ियों की पार्किंग जैसी वजहों से कई इलाके के लोग परेशान हैं. इसके साथ ही उन सड़कों से गुज़रने वालों को भी हर रोज़ भारी जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ता है. ऐसे में अगर व्यापारी वर्ग बीजेपी से दूर भागता है, तो उसे आम लोगों का समर्थन बढ़ने की उम्मीद दिख सकती है. ये ठीक वैसी ही स्थिति है, जब नोटबंदी और GST से लोग नाराज़ दिखे थे, लेकिन उसमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो इसे सुधार के रूप में एक अच्छा कदम मान रहे थे.

क्या है गणित ?
नोटबंदी और GST के बाद हुए कई चुनावों में बीजेपी की जीत से सरकार का ऐसे कदम उठाने को लेकर मनोबल भी बढ़ा है. सीलिंग की कार्रवाई तो केवल दिल्ली में चल रही है. दूसरी तरफ हाल के दिनों में दिल्ली में कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंकने की कोशिश चल रही है. ऐसे में अगर किसी भी चुनाव में कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक का थोड़ा भी हिस्सा आम आदमी पार्टी से वापस छीनने में सफल होती है तो वोट बंटने का सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा जैसा कि पिछले साल हुए नगर निगम चुनावों में हुआ था. इन चुनावों में बीजेपी को 37%, आप को 26% और कांग्रेस को 21% वोट मिले थे और दिल्ली के तीनों ही निगमों में बीजेपी सत्ता पर काबिज़ हुई, जबकि 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप को 54.3%, बीजेपी को 32.3% और कांग्रेस को महज 9.7% वोट मिले थे.

कांग्रेस को फायदा यानी BJP की बल्ले-बल्ले
कांग्रेस के इस खराब प्रदर्शन का नुकसान न सिर्फ उन्हें हुआ, बल्कि इससे बीजेपी को भी घाटा हुआ. बीजेपी सिर्फ 3 सीटों पर सिमट कर रह गई थी, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था. ज़ाहिर है कांग्रेस का बढ़ता वोट और ये समीकरण बीजेपी के लिए फायदेमंद है. इसलिए सीलिंग के सताये लोग बीजेपी के लिए चिंता का सबब नहीं हैं. वहीं इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी की भी नज़र है इसलिए न तो बीजेपी ऐसी कोई बात कर रही है जिससे कोर्ट की नाराज़गी झेलनी पड़े और न ही केंद्र सरकार जल्दबाज़ी करती दिख रही है.

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में हर रोज़ क़रीब 3 लाख लीटर पेट्रोल और 1 लाख लीटर डीज़ल लाल बत्तियों पर जल जाता है. फिर दिल्ली के बाजारों में फैले अतिक्रमण को दिल्ली के लोग हर रोज़ झेलते हैं और ऐसे लोग सीलिंग से नाराज़ नहीं हो सकते.

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