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आखिर ये दिग्गज नेता ट्विटर बायो में क्यों नहीं लिख रहे हैं अपनी पार्टी का नाम?

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: December 3, 2019, 3:55 PM IST
आखिर ये दिग्गज नेता ट्विटर बायो में क्यों नहीं लिख रहे हैं अपनी पार्टी का नाम?
TWITTER राजनेताओं का पार्टी के अंदर में रह कर पार्टी के खिलाफ विरोध प्रकट करने का एक मंच बन गया.

देश के कई राजनेता (Politicians), मुख्यमंत्री (Chief Minister) और पूर्व मुख्यमंत्री ट्विटर (Twitter) पर अपना परिचय देते समय न तो अपना पद लिखते हैं और न ही पार्टी का नाम बताते हैं.

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  • Last Updated: December 3, 2019, 3:55 PM IST
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नई दिल्ली. हाल के दिनों में ट्विटर (Twitter), राजनेताओं (Politicians) के लिए पार्टी में रहते हुए पार्टी के खिलाफ विरोध करने का एक प्लेटफॉर्म बन गया है. ऐसे कई नेता हैं जो ट्विटर बायो (Twitter Bio) में अपनी पार्टी का नाम नहीं लिखते हैं. लेकिन, बीते कुछ दिनों से कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं कि नेता अपनी पार्टी का विरोध करने के लिए अपने ट्विटर बायो से पार्टी का नाम हटा रहे हैं. नेता अगर अपने पार्टी आलाकमान के खिलाफ नाराजगी जाहिर करना चाहते हैं तो उसे ट्विटर से बेहतर प्लेटफॉर्म कोई दूसरा नजर नहीं आ रहा है. आप कह सकते हैं कि नेताओं ने अब पार्टी से मुखालफत करने के लिए एक नया तरीका ढूंढ निकाला है. बीते कुछ दिनों से नेताओं के द्वारा ट्विटर पर अपना परिचय में फेरबदल करने का मुद्दा काफी छाया हुआ है.

कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya M. Scindia) ने अपना ट्विटर स्टेटस बदला तो सियासत गर्मा गई. सिंधिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कांग्रेस (Congress) से संबंधित अपना परिचय हटा कर जनसेवक और क्रिकेटप्रेमी लिख डाला. सोमवार को महाराष्ट्र बीजेपी (Maharashtra BJP) की कद्दावर नेता पंकजा गोपीनाथ मुंडे (Pankaja Gopinath Munde) ने भी ट्विटर पर अपना परिचय देते समय पार्टी का नाम हटा लिया.

बीजेपी नेता पंकजा मुंडे


नेताओं ने Twitter को विरोध का जरिया बना लिया

बता दें कि देश के कई राजनेता, मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ट्विटर पर अपना परिचय देते समय न तो अपना पद लिखते हैं और न ही पार्टी का नाम बताते हैं. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रमन सिंह और हाल ही में महाराष्ट्र बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री गोपीनाथ मुंडे के बेटी पंकजा गोपीनाथ मुंडे ने भी ट्विटर पर से अपना परिचय में पार्टी का नाम हटा लिया है.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल


मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्विटर परिचय में लिखा है, 'The Common Man of Madhya Pradesh' वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने ट्विटर परिचय में लिखते हैं 'छत्तीसगढ़ महतारी का सेवक'. दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर परिचय में लिखा है, 'सब इंसान बराबर हैं, चाहे वो किसी धर्म या जाति के हों। हमें ऐसा भारत बनाना है जहाँ सभी धर्म और जाति के लोगों में भाईचारा और मोहब्बत हो, न कि नफ़रत और बैर हो।' वहीं महाराष्ट्र बीजेपी की कद्दावर नेता पंकजा गोपीनाथ मुंडे अपने ट्विटर पर 'RT's r not endorsements' लिख रखा है. कांग्रेस के पूर्व महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में ट्विटर परिचय बदल कर 'Public servant, cricket enthusiast' लिख लिया.
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मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान


पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और अब पंकजा मुंडे

बता दें कि पंकजा मुंडे और ज्योतिरादित्य सिंधिया दो ऐसे नाम हैं, जिन्होंने हाल ही में ट्विटर पर अपने बायो से पार्टी का नाम हटाया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर कांग्रेस महासचिव, गुना लोकसभा सीट से सांसद (2002-2019 तक) और पूर्व केन्द्रीय मंत्री लिखा था. वहीं पंकजा मुंडे ने भी कुछ दिनों पहले तक अपना परिचय में पार्टी का नाम लिखा था.

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया


नाराजगी जाहिर करने का एक नया तरीका
जानकारों का मानना है कि कुछ मामलों में पार्टी में उपेक्षित होने पर राजनेताओं ने अपना नाराजगी जाहिर करने का एक नया तरीका अपना लिया है. वो दिन अब चला गया जब नेता नाराजगी जाहिर करने के लिए मीडिया के सामने आकर बयान देते थे और ऐसा करने से राजनेताओं को पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई होने का डर रहता था. लेकिन, सोशल साइट्स के दौर में नेता अब अपनी नाराजगी भी जाहिर कर देते हैं और पार्टी आलाकमान को संदेश भी चला जाता है.

पूर्व सीएम रमन सिंह


दोनों तरफ से रुठने और मनाने के बीच थोड़ा स्पेस रहता है. इस बीच अगर मान-मनौव्वल हो जाता है तो सब कुछ ठीक वरना नेता अपना रास्ता अलग चुन लेते हैं. नेताओं द्वारा नाराजगी ट्विटर पर जाहिर करने के बाद विपक्षी नेताओं को भी स्थानीय नफा-नुकसान देखते हुए गणित लगाने का समय मिल जाता है और वह भी नाराज नेता पर दांव खेलते हैं.

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First published: December 3, 2019, 3:12 PM IST
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