Opinion: दुनिया ने माना भारत की विदेश नीति का लोहा

Anil Rai | News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 4:45 PM IST
Opinion: दुनिया ने माना भारत की विदेश नीति का लोहा
दुनिया ने माना भारत की विदेश नीति का लोहा.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में झटका खाने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) ने दुनिया के हर उस देश के सामने अपना दुखड़ा रोया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का ही असर है कि भारत (India) के पड़ोसी देशों के साथ-साथ चीन (China) को छोड़कर कोई भी देश पाकिस्तान के साथ नहीं आया.

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जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में अनुच्‍छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) लगातार इस मामले पर दुनिया भर से मदद मांग रहा है, लेकिन भारत (India) की मजबूत विदेश नीति के आगे वो पस्त पड़ गया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान को ताजा झटका एफएटीएफ (FATF) में लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार की विदेश नीति के आगे पाकिस्तान की भारत को घेरने की हर कोशिश नाकाम साबित हो रही है.  भारत ने अपने इस दावे को साबित कर दिया है कि पाकिस्तान भारत के साथ-साथ दुनिया भर में आतंकवाद (Terrorism) को समर्थन दे रहा है.

एफएटीएफ में ब्लैकलिस्ट के बाद पाई-पाई को मोहताज हो जाएगा पाकिस्तान
ऐसे समय में जब पाकिस्तान दुनिया भर में जम्मू-कश्मीर में अनुच्‍छेद 370 और 35ए को हटाए जाने के खिलाफ समर्थन मांग रहा है. वहीं फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान पर बैन लगा दिया है.
इससे साफ है कि इस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने भारत के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें भारत लगातार पाकिस्तान पर दुनिया भर में आतकंवाद फैलाने का आरोप लगाता रहा है.

एफएटीएफ की मनाही के बाद भी पाकिस्तान ने पिछले साल अपने रक्षा बजट (Defence Budget) में 26 फीसदी इजाफा कर लिया. साथ ही सेनाओं की सैलरी भी 10 फीसदी बढ़ा ली. एफएटीएफ के बैन लगाने के बाद पाकिस्तान को दुनिया भर में आर्थिक सहयोग मिलने का रास्ता बंद हो जाएगा. क्योंकि बैन के बाद ये माना जाएगा कि पाकिस्तान आतंकवाद और टेरर फंडिग (Terror Funding) के खिलाफ दुनियाभर की लड़ाई में साथ नहीं दे रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा पर हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों फ्रांस की यात्रा पर हैं.


पूरी दुनिया के साथ फ्रांस ने खुलकर दिया भारत का साथ
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यूएनएससी में झटका खाने के बाद पाकिस्तान ने दुनिया के हर उस देश के सामने अपना दुखड़ा रोया, जिससे उसे समर्थन की उम्मीद थी. लेकिन चीन (China) को छोड़कर कोई भी देश पाकिस्तान के साथ नहीं आया. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस (France) यात्रा के दौरान वहां के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने कश्मीर को भारत-पाकिस्तान (India Pakistan) का आपसी मामला बताते हुए भारत के दावे का समर्थन किया.

दुनिया भर से मिला भारत को समर्थन
मोदी सरकार की मजबूत विदेश नीति का ही असर है कि पाकिस्तान इस पूरे मामले पर अलग-थलग पड़ गया है. इस पूरे मामले पर पाकिस्तान दुनिया के हर देश का दरवाजा खटखटा चुका है लेकिन उसे कहीं से उम्मीद मिलती नहीं दिख रही है. मुस्लिम देशों (Muslim countries) से भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को कोई मदद नहीं मिल रही है. युएई, सयुक्त अरब अमीरात, मालदीव जैसे मुस्लिम देश इस फैसले में प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े दिख रहे हैं. वहीं भारत के पड़ोसी श्रीलंका ने भी भारत सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है.

पीएम मोदी के शासन में विदेश नीति मजबूत हुई है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प और पीएम मोदी. फाइल फोटो.
पीएम मोदी के शासन में विदेश नीति मजबूत हुई है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प और पीएम मोदी. फाइल फोटो.


मोदी कार्यकाल में मजबूत हुई विदेश नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की विदेश यात्रा अक्सर चर्चा में रहती है. विपक्ष इस पर लगातार आरोप भी लगाता है लेकिन मोदी सरकार के पिछले 5 साल के कार्यकाल को देखें तो एक बात साफ है कि भारत की विदेश नीति (Foreign policy) में आक्रामक बदलाव आया है. दुनिया के किसी हिस्से में बसा कोई भी देश आज भारत की हर छोटी-बड़ी घटना से वाकिफ है. सोशल मीडिया के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर में बसे हर भारतीय नागरिक को ये विश्वास दिलाने में सफल हुए हैं कि वो जहां भी हैं भारत सरकार उनके साथ है.

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First published: August 23, 2019, 3:17 PM IST
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