दिल्ली में बाढ़ के आसार, यमुना खतरे के निशान से ऊपर, CM केजरीवाल ने की आपात बैठक

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: August 19, 2019, 3:42 PM IST
दिल्ली में बाढ़ के आसार, यमुना खतरे के निशान से ऊपर, CM केजरीवाल ने की आपात बैठक
यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को हाईअलर्ट पर रखा गया है.

नदी के जलभराव क्षेत्र को खाली करने का सरकार ने दिया आदेश, बचाव दल को किया गया सक्रिय, शाम तक जलस्तर 207 मीटर तक पहुंचने की संभावना, पुरानी दिल्ली रेलवे ब्रिज को भी खतरा.

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हथनी कुंड बैराज से 8.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार सुबह यमुना (YAMUNA) खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई. इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने यमुना के जलभराव क्षेत्र को खाली करने के आदेश दे दिए हैं. बताया जा रहा है कि यह पहला मामला है जब हथनीकुंड बैराज से इतनी मात्रा में एक साथ पानी छोड़ा गया हो. मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (ARVIND KEJRIWAL) ने भी दोपहर 1 बजे आपात बैठक (EMERGENCY MEETING) की है. बैठक में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हथनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी कल तक पूरे वेग में दिल्ली आ जाएगा. यमुना अभी ही खतरे के निशान के ऊपर है. उन्होंने कहा कि हमारे सभी अधिकारी व मंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत व बचाव के कार्य जारी हैं. वहीं पुराने लोहा पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है.  जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को हाईअलर्ट (HIGH ALERT) पर रखा गया है. वहीं दिल्ली पुलिस और नागरिक रक्षा स्वयंसेवकों की मदद से सोमवार सुबह नौ बजे तक निचले इलाके में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने शहर में बाढ़ की चेतावनी भी जारी की है.

हथनी कुंड से अब तक छोड़ा गया पानी

  • 6 सितंबर 1978 को 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इस दौरान यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पंहुच गया था.


  • 22 सितंबर 2010 में 7 लाख 44 हजार. तब जलस्तर 207.11 मीटर पंहुचा था.

  • जून 2013 में 8 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद जलस्तर 207.32 मीटर पंहुचा था.


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और बढ़ता गया जलस्तर
यमुना नदी का जलस्तर दिल्ली में सोमवार सुबह 205.33 मीटर दर्ज किया गया. जबकि खतरे का निशान 204.50 मीटर पर है. हथनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसैक पानी छोड़े जाने के बाद यह जलस्तर तेजी से बढ़ा है और बताया जा रहा है कि अभी यह और बढ़ सकता है, जिसके चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है.



अभी तक का सबसे ज्यादा पानी
जानकारी के अनुसार हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से रविवार शाम को करीब 8.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अब तक के इतिहास पर नजर डाली जाए तो यह पानी की सबसे ज्‍यादा मात्रा है जा एक साथ छोड़ी गई है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यमुना का जलस्तर सोमवार शाम तक ही 207 मीटर तक पहुंच सकता है.

तो डूब जाएगा पुरानी दिल्ली का रेलवे ब्रिज
पुरानी दिल्ली का रेलवे ब्रिज अब खतरे में आ गया है. इस ब्रिज के लिए खतरे का निशान 205.33 मीटर है, यदि यमुना का जलस्तर 207 मीटर पहुंचता है तो इस रेलवे ब्रिज से ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होगा. साथ ही यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. पुराने पुल पर ट्रेनों की रफ़्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी गई है और रेलवे के इंजीनियर समेत ट्रेन संचानल से जुड़े तमाम अधिकारी लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं.

सरकार ने बनाए राहत कैंप
दिल्ली सरकार ने 2120 राहत कैम्प बनाए हैं. इनका निर्माण यमुना के निचले ‌इलाकों में किया गया है. यमुना के निचले इलाके से 23860 लोगों को बाहर निकाला जा रहा है. मुख्यमंत्री की तरफ से खास अपील की गई है कि लोग बच्चों का खयाल रखें और उन्हें पानी में जाने से रोकें. दिल्ली के लिए अगले दो दिन इस मामले में क्रिटिकल रहने वाले हैं. आपदा के हालात होने के चलते सरकार ने 21210849 और 22421646 दो इमरजेंसी नंबर जारी किए गए हैं.

प्रशासन अलर्ट पर
यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा है. वहीं रेस्‍क्यू टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है और निचले इलाकों को खाली करवाया जा रहा है. इसको लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रशासनिक अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है. बताया जा रहा है कि हथनी कुंड में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए अभी और पानी वहां से छोड़ा जा सकता है, जिसके चलते नदी का जलस्तर और बढ़ेगा जिससे मुश्किलें बढ़ने की आशंका है.

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First published: August 19, 2019, 9:59 AM IST
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